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Yamuna Nagar News: मिड-डे मील के जीरे के पैकेट में निकले मोर पंख और अपशिष्ट

Fri, 23 Jan 2026 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 23 Jan 2026 01:01 AM IST
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Peacock feathers and waste found in cumin packets of mid-day meal
राजकीय स्कूल नाचरौन में जीरे के बंद पैकेट में मिले पक्षी के पंख। संवाद - फोटो : महराजगंज में पकड़े गए आरोपी।
संवाद न्यूज एजेंसी
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रादौर। सरकारी स्कूलों में बच्चों को पोषण देने के लिए चलाई जा रही मिड-डे मील योजना अबसेहत के लिए खतरा बनती नजर आ रही है। सबसे चौंकाने वाला मामला राजकीय स्कूल नाचरौन का है, जहां जीरे के बंद पैकेट में पक्षी के पंख और अन्य अपशिष्ट पदार्थ पाए गए। बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन में इस तरह की गंदगी मिलना बेहद गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
एक दिन पहले ही शहर के छोटाबांस, सीनियर सेकेंडरी स्कूल रादौर और राजकीय स्कूल नाचरौन सहित कई स्कूलों में मिड-डे मील की खाद्य सामग्री को लेकर शिकायतें सामने आई थी। स्कूलों में घटिया क्वालिटी का राजमा सप्लाई किया गया। इससे बनी सब्जी को विद्यार्थियों ने भी खाने से इन्कार कर दिया था। अभिभावकों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो बच्चों के बीमार होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
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अभिभावक सेवा मंच के सदस्य अमित कांबोज, गुरदयाल सैनी और मंगतराम बठला ने भी वीरवार को राजकीय प्राथमिक स्कूलों के मिड-डे मील का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें खाद्य सामग्री की गुणवत्ता निम्न स्तर की मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा घटिया राशन की सप्लाई की जा रही है। इसका खामियाजा मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। मंच के सदस्यों ने दोषी ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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पूरा राशन भी नहीं मिलता : प्रधानाचार्य
राजकीय स्कूल नाचरौन के प्रधानाचार्य प्रवीण रोहिला ने भी बताया कि उनके स्कूल में मिड डे मील के लिए आए जीरे के पैकेट से पक्षी के पंख निकले हैं। उन्होंने इसे बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक बताया और प्रशासन से तत्काल पूरी खाद्य सामग्री बदलवाने की मांग की है। वहीं, प्राथमिक स्कूल के प्रिंसिपल रविंद्र कांबोज ने बताया कि समस्या केवल गुणवत्ता की ही नहीं है, बल्कि खाद्य सामग्री की मात्रा भी अपर्याप्त है। जरूरत से कम सामग्री भेजे जाने के कारण बच्चों को पूरा भोजन नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मांग की कि स्कूलों में तय मानकों के अनुसार पूरी और स्वच्छ खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाए।


कुछ स्कूलों से मिड डे मिल का राशन खराब क्वालिटी का होने की शिकायतें मिली है। कमेटी गठित कर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। जांच में खामी पाई गई तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। - रमेश कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, रादौर।
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