{"_id":"65bac19260731ad57d03d007","slug":"patwari-kanungo-strike-stopped-on-yesterdays-talks-duration-extended-by-two-days-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1020-113198-2024-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: कल की वार्ता पर टिकी पटवारी कानूनगो हड़ताल, दो दिन बढ़ी मियाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: कल की वार्ता पर टिकी पटवारी कानूनगो हड़ताल, दो दिन बढ़ी मियाद
Thu, 01 Feb 2024 03:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 01 Feb 2024 03:24 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। तीन जनवरी से शुरू हुई पटवारी कानूनगो की हड़ताल दो दिन के लिए बढ़ा दी गई है। हड़ताल इस सप्ताहांत तक रहेगी। शुक्रवार को एसोसिएशन कमेटी के पदाधिकारियों की फाइनेंस कमिश्नर से वार्ता होगी। यदि इस वार्ता में पटवारी व कानूनगो की मांगों का समाधान नहीं होता है, तो वे सोमवार से दोबारा हड़ताल पर जा सकते हैं।
इसका निर्णय शुक्रवार की वार्ता के बाद किया जाएगा। यदि वार्ता सकारात्मक होती है, तो हड़ताल समाप्त कर दी जाएगी। फिलहाल शुक्रवार तक पटवारी व कानूनगो काम नहीं करेंगे और हड़ताल पर रहेंगे। यह हड़ताल दी रेवेन्यु पटवारी एंड कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर की जा रही है।
पटवारियों व कानूनगो ने बुधवार को भी अनाजमंडी स्थित धरना स्थल पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हड़ताल का नेतृत्व जिला प्रधान रामफल गुर्जर ने किया। धरना स्थल पर पदाधिकारियाें व नेताओं ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए रोष जताया।
विज्ञापन
बता दें कि जिले में कुल 35 पटवारी व 15 कानूनगो हैं और सभी हड़ताल पर हैं। प्रधान रामफल गुर्जर ने कहा कि सरकार उनकी मांगों व समस्याओं की जानबूझ कर अनदेखी कर रही है। पहले सरकार ने उनकी मांग मानकर इसे लागू भी कर दिया था, लेकिन फिर नोटिफिकेशन वापस ले लिया। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है। कर्मचारी अपना हक लेने के लिए मजबूरी में हड़ताल पर उतरे हैं।
जिला सचिव अवतार सिंह ने कहा कि 35400 वेतनमान वह सरकार की नियमावली के अनुसार मांग रहे हैं। सरकार ने इसे स्वीकार किया था, लेकिन बाद में इससे मुकर गई। वहीं तीन साल से सरकार ने नायब तहसीलदार के पद की परीक्षा बंद की हुई है। जिस कारण वे पदोन्नत नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं। इसके अलावा जिले में पटवारियों की संख्या बेहद कम है। पटवारी तनाव में काम कर रहे हैं। जिले में कुल 88 पटवार सर्कल हैं और कुल 35 पटवारी हैं।
एक पटवारी पर तीन से चार सर्कल हैं और काम का काफी दबाव है। दबाव ज्यादा होने के कारण उनका काम समय पर नहीं हो पा रहा है। इससे उनके साथ लोगों को भी परेशानी हो रही है। एक दिन का काम तीन से चार दिन लटका रहता है। सरकार को नई भर्ती शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांग पूरी नहीं करती हड़ताल जारी रहेगी। इस दौरान राजीव हुसैन, तरुण धीमान, नरेंद्र सिंह, तरुण सुस, कृष्ण गोपाल उपस्थित रहे।
विज्ञापन
जगाधरी। तीन जनवरी से शुरू हुई पटवारी कानूनगो की हड़ताल दो दिन के लिए बढ़ा दी गई है। हड़ताल इस सप्ताहांत तक रहेगी। शुक्रवार को एसोसिएशन कमेटी के पदाधिकारियों की फाइनेंस कमिश्नर से वार्ता होगी। यदि इस वार्ता में पटवारी व कानूनगो की मांगों का समाधान नहीं होता है, तो वे सोमवार से दोबारा हड़ताल पर जा सकते हैं।
इसका निर्णय शुक्रवार की वार्ता के बाद किया जाएगा। यदि वार्ता सकारात्मक होती है, तो हड़ताल समाप्त कर दी जाएगी। फिलहाल शुक्रवार तक पटवारी व कानूनगो काम नहीं करेंगे और हड़ताल पर रहेंगे। यह हड़ताल दी रेवेन्यु पटवारी एंड कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर की जा रही है।
विज्ञापन
पटवारियों व कानूनगो ने बुधवार को भी अनाजमंडी स्थित धरना स्थल पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हड़ताल का नेतृत्व जिला प्रधान रामफल गुर्जर ने किया। धरना स्थल पर पदाधिकारियाें व नेताओं ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए रोष जताया।
विज्ञापन
बता दें कि जिले में कुल 35 पटवारी व 15 कानूनगो हैं और सभी हड़ताल पर हैं। प्रधान रामफल गुर्जर ने कहा कि सरकार उनकी मांगों व समस्याओं की जानबूझ कर अनदेखी कर रही है। पहले सरकार ने उनकी मांग मानकर इसे लागू भी कर दिया था, लेकिन फिर नोटिफिकेशन वापस ले लिया। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है। कर्मचारी अपना हक लेने के लिए मजबूरी में हड़ताल पर उतरे हैं।
जिला सचिव अवतार सिंह ने कहा कि 35400 वेतनमान वह सरकार की नियमावली के अनुसार मांग रहे हैं। सरकार ने इसे स्वीकार किया था, लेकिन बाद में इससे मुकर गई। वहीं तीन साल से सरकार ने नायब तहसीलदार के पद की परीक्षा बंद की हुई है। जिस कारण वे पदोन्नत नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं। इसके अलावा जिले में पटवारियों की संख्या बेहद कम है। पटवारी तनाव में काम कर रहे हैं। जिले में कुल 88 पटवार सर्कल हैं और कुल 35 पटवारी हैं।
एक पटवारी पर तीन से चार सर्कल हैं और काम का काफी दबाव है। दबाव ज्यादा होने के कारण उनका काम समय पर नहीं हो पा रहा है। इससे उनके साथ लोगों को भी परेशानी हो रही है। एक दिन का काम तीन से चार दिन लटका रहता है। सरकार को नई भर्ती शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांग पूरी नहीं करती हड़ताल जारी रहेगी। इस दौरान राजीव हुसैन, तरुण धीमान, नरेंद्र सिंह, तरुण सुस, कृष्ण गोपाल उपस्थित रहे।