फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Patients are suffering from heat in the district hospital, ACs are running on empty chairs

Yamuna Nagar News: जिला अस्पताल में गर्मी से मरीज बेहाल, खाली कुर्सियों पर चल रहे एसी

Wed, 19 Jun 2024 06:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 19 Jun 2024 06:01 AM IST
विज्ञापन
Patients are suffering from heat in the district hospital, ACs are running on empty chairs
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। जिले का तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। हर कोई गर्मी से बेहाल है। वहीं मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में करोड़ों रुपये का सेंट्रल एसी लगा होने के बाद भी यहां भर्ती मरीज गर्मी से बेहाल हैं। अस्पताल का सेंट्रल एसी न चलने से मरीज पसीने से तरबतर है। गर्मी से यहां भर्ती मरीज व स्टाफ परेशान हो गया है।
मरीज भले ही गर्मी से दुखी होते रहें, लेकिन डॉक्टरों व अधिकारियों ने अपने आराम में कोई कसर नहीं छोड़ रखी है। अस्पताल के साथ लगते सिविल सर्जन कार्यालय में खाली कुर्सियों पर न केवल एसी बल्कि पंखे व लाइटें भी चल रही हैं। अधिकारियों के खाली केबिन एसी की हवा से ठंडे हुए पड़े हैं। मरीजों की परेशानी से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कुछ लेना देना नहीं है।
विज्ञापन

जिला नागरिक अस्पताल में केवल ग्राउंड फ्लोर पर ही सेंट्रल एसी की ठंडक का एहसास होता है। प्रथम, द्वितीय व तृतीय तल पर एसी बिल्कुल भी नहीं चल रहा। इन फ्लोर पर जो मरीज भर्ती हैं उनका इस भीषण गर्मी में बुरा हाल हो गया है। बीमार होने के कारण एक बेड पर लेटे रहना उनकी मजबूरी है। ठीक होते तो थोड़ी बहुत देर टहल कर गर्मी से कुछ निजात पा लेते। एक जगह लेटे रहने से गर्मी भी ज्यादा लगती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वैसे तो मरीजों के प्रत्येक वार्ड में दो से तीन पंखे भी लगे हैं, लेकिन इनकी हवा मरीजों के बेड तक नहीं आती। कई पंखे तो छत पर लगी सिलिंग से बिल्कुल सटे हुए हैं। यह पंखें बिजली तो पूरी खर्च कर रहे हैं, लेकिन मरीज को हवा नहीं देते। मरीजों ने बताया कि वह तो कई बार एसी चलाने व पंखों को थोड़ा नीचे करके लगाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनता ही नहीं।
अस्पताल का स्टाफ भी परेशान हो गया है। जब उन्हें ज्यादा गर्मी लगती है तो वह भी किसी न किसी बहाने ग्राउंड फ्लोर पर सेंट्रल एसी की ठंडक से थोड़ी राहत पाने के लिए आते रहते हैं। 105 करोड़ रुपये से बने 200 बेड के अस्पताल को बने एक साल हो गया है। तब से सेंट्रल एसी चलने का कोई सिस्टम नहीं बन पाया है। दिखावे के लिए सेंट्रल एसी के कूलिंग टावर सारे चला रखे हैं, लेकिन ठंडक कहीं भी नहीं है।

डॉक्टरों की सुविधा में कोई कमी नहीं
जिला अस्पताल में मंगलवार को सेंट्रल एसी बंद होने से मरीज परेशान दिखे, वहीं सिविल सर्जन कार्यालय में तो उल्टी गंगा ही बहती मिली। जिन डॉक्टरों को किसी न किसी प्रोजेक्ट का नोडल अधिकारी बनाया गया है उनमें से कुछ अपने कार्यालयों में बैठे मिले तो कइयों की कुर्सी खाली थी। खाली कुर्सियों के ऊपर एसी, दो-दो पंखे व लाइटें चलती मिली। यहां तक की उनके कार्यालयों में स्टाफ तक नहीं था। एक तरफ शहर से लेकर गांवों तक में बिजली के कट लग रहे हैं और सिविल सर्जन कार्यालय में बिजली को बर्बाद किया जा रहा है।

पीडब्ल्यूडी से बात की है : पीएमओ
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि अस्पताल का सेंट्रल एसी बंद होने के बारे में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से बात की है। फिलहाल सेंट्रल एसी चलाने का जिम्मा पीडब्ल्यूडी के पास है। वह एसी चलाने को लेकर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से फीडबैक लेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed