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Yamuna Nagar News: पुल का हिस्सा ढहा, हवा में लटका ट्रैक्टर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Sep 2023 12:30 AM IST
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Part of bridge collapsed, tractor hanging in air
आदिबद्री में श्री केदारनाथ मंदिर जाने के लिए सोम नदी पर बने पुल का एक हिस्सा धंस कर ढह गया। हादसा उस समय हुआ जब पहले से क्षतिग्रस्त पुल के ऊपर से चालक ट्रैक्टर लेकर जा रहा रहा था। इसी दौरान पुल का एक हिस्सा धंस गया और ट्रैक्टर हवा में ही लटक गया। ट्रैक्टर चालक ने नीचे कूद कर अपनी जान बचाई। बाद में क्रेन की मदद से ट्रैक्टर को उतारा गया। ट्रैक्टर के हवा में लटकने से वहां मौजूद लोगों ने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। मंदिर के पुजारियों व आसपास के लोगों ने पुल से हवा में लटकते हुए ट्रैक्टर को आगे व पीछे से रस्सियों व लोहे के तार से बांध कर रोक लिया।
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महंत विनय स्वरूप ब्रह्मचारी ने बताया कि श्री आदिबद्री में पहाड़ी पर श्री केदारनाथ मंदिर स्थित है। केदारनाथ मंदिर के समीप ही श्री आदिबद्री गोशाला बनी हुई है, जहां जाने के लिए सोम नदी पर काफी समय पहले पुल बनाया गया था। पिछले दिनों हुई तेज बारिश और हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से सोम नदी में आए उफान से पानी पुल के ऊपर से गुजर गया था, जिससे पुल का अधिकतर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। पुल के नीचे से मिट्टी भी बह गई थी। इसलिए प्रशासन ने वहां पर कट्टे लगाए थे, लेकिन यह कट्टे भी पानी में नहीं टिक सके थे। यही कारण है कि पुल के उस हिस्से पर पत्थर रख कर वहां से किसी को भी आने जाने के लिए मना किया गया था। केवल पैदल चलने के लिए ही कुछ फीट का रास्ता बचा हुआ था। प्रतिदिन सेवादार पैदल चलकर सड़क के इस ओर से पुल के दूसरी तरफ गोशाला में गोवंश का चारा लेकर जाते थे। विनय स्वरूप ने बताया कि रविवार को वह किसी कार्य से अन्य जगह व्यस्त थे। कुछ सेवादार ट्रैक्टर पर चारा लाद कर गोशाला में ले जाने लगे। जब वह क्षतिग्रस्त पुल के नजदीक पहुंचे तो ट्रैक्टर का वजन सहन नहीं हुआ और पुल की सड़क टूट गई।
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ट्रैक्टर पुल पर फंसने की सूचना पुजारी की तरफ से जिला प्रशासन को दी गई। प्रशासन ने मौके पर क्रेन भेजी। तीन घंटे से भी अधिक मशक्कत के बाद ट्रैक्टर को नीचे उतारा गया। ट्रैक्टर उतारने के बाद पुल पर एक बार फिर लकड़ियां व पत्थर रख कर श्रद्धालुओं को उस तरफ जाने से रोका गया।
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प्रशासन की अनदेखी और मंदिर में काम करने वाले सेवादारों की लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता था। गनीमत रही कि पुल के नीचे सोम नदी में पानी बहुत कम था। यह पुल कई जगह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। इस पुल की बदहाली के संबंध में अमर उजाला ने 18 अगस्त के अंक में सैलाब से पुल को नुकसान, खतरे में श्रद्धालुओं की जान शीर्षक के साथ प्रकाशित किया था।
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