{"_id":"69fa470a18187f1cba014f54","slug":"parking-system-at-district-hospital-in-disarray-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-155560-2026-05-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: जिला अस्पताल में पार्किंग व्यवस्था बेपटरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: जिला अस्पताल में पार्किंग व्यवस्था बेपटरी
Wed, 06 May 2026 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 06 May 2026 01:07 AM IST
विज्ञापन
अस्पताल में रास्ता न मिलने पर दूसरे मार्ग से जाती एंबुलेंस। संवाद
- फोटो : 1
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला नागरिक अस्पताल में पार्किंग का टेंडर होने के बाद भी व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पाई है। अस्पताल परिसर में अव्यवस्था का आलम बना हुआ है और वाहन चालक जहां जगह मिल रही है, वहीं गाड़ियां खड़ी कर रहे हैं। इससे मरीजों, तीमारदारों और आपात सेवाओं को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
अस्पताल के मुख्य गेट से लेकर अंदर तक वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग देखी जा सकती है। हालात इतने खराब हैं कि लोग गेट के पास ही अपने वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे अंदर आने-जाने में दिक्कत होती है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पीएमओ को ब्लॉक बी के गेट के पास खड़ी बाइकों में लोहे की जंजीर डलवानी पड़ी, ताकि वहां वाहन खड़े न किए जाएं।
सबसे ज्यादा परेशानी ट्रामा सेंटर के सामने देखने को मिल रही है। यहां शव गृह के पास कारें सड़क पर ही खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे रास्ता लगभग बंद हो जाता है। ट्रामा सेंटर में ही एंबुलेंस का कंट्रोल रूम स्थित है, ऐसे में आपातकालीन वाहनों को निकलने में दिक्कत आती है। कई बार एंबुलेंस को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।
विज्ञापन
पार्किंग का ठेका दिए जाने के बावजूद व्यवस्था लागू नहीं हो पा रही है। ठेकेदार के कर्मचारी अस्पताल गेट पर पार्किंग शुल्क की पर्ची तो काट रहे हैं, लेकिन अंदर वाहनों को निर्धारित स्थान पर खड़ा कराने के लिए कोई व्यवस्था नहीं दिखती। लोग पर्ची लेने के बाद मनमर्जी से कहीं भी वाहन खड़ा कर देते हैं, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है।
टेंडर की शर्तों के अनुसार पार्किंग स्थल के आसपास कर्मचारियों की तैनाती जरूरी है, जो वाहनों को व्यवस्थित ढंग से पार्क करवाएंगे। लेकिन जमीनी स्तर पर इसका पालन नहीं हो रहा। स्थानीय लोगों और मरीजों के तीमारदारों का कहना है कि जब पार्किंग का ठेका दिया गया है तो ठेकेदार की जिम्मेदारी बनती है कि व्यवस्था भी सुनिश्चित करे। अस्पताल में रोजाना 2200 से 2500 मरीजों की ओपीडी होती है। ऐसे में पार्किंग की बदहाल व्यवस्था पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रही है।
पार्किंग का ठेका दे दिया गया है। वाहनों को पार्किंग में सही तरीके से खड़ा कराने की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। इस बारे में ठेकेदार को बुलाकर हिदायत दी जाएगी कि वाहनों को सही जगह पर खड़ा कराया जाए। - डॉ. विपुल गोयल, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल।
विज्ञापन
यमुनानगर। जिला नागरिक अस्पताल में पार्किंग का टेंडर होने के बाद भी व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पाई है। अस्पताल परिसर में अव्यवस्था का आलम बना हुआ है और वाहन चालक जहां जगह मिल रही है, वहीं गाड़ियां खड़ी कर रहे हैं। इससे मरीजों, तीमारदारों और आपात सेवाओं को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
अस्पताल के मुख्य गेट से लेकर अंदर तक वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग देखी जा सकती है। हालात इतने खराब हैं कि लोग गेट के पास ही अपने वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे अंदर आने-जाने में दिक्कत होती है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पीएमओ को ब्लॉक बी के गेट के पास खड़ी बाइकों में लोहे की जंजीर डलवानी पड़ी, ताकि वहां वाहन खड़े न किए जाएं।
विज्ञापन
सबसे ज्यादा परेशानी ट्रामा सेंटर के सामने देखने को मिल रही है। यहां शव गृह के पास कारें सड़क पर ही खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे रास्ता लगभग बंद हो जाता है। ट्रामा सेंटर में ही एंबुलेंस का कंट्रोल रूम स्थित है, ऐसे में आपातकालीन वाहनों को निकलने में दिक्कत आती है। कई बार एंबुलेंस को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।
विज्ञापन
पार्किंग का ठेका दिए जाने के बावजूद व्यवस्था लागू नहीं हो पा रही है। ठेकेदार के कर्मचारी अस्पताल गेट पर पार्किंग शुल्क की पर्ची तो काट रहे हैं, लेकिन अंदर वाहनों को निर्धारित स्थान पर खड़ा कराने के लिए कोई व्यवस्था नहीं दिखती। लोग पर्ची लेने के बाद मनमर्जी से कहीं भी वाहन खड़ा कर देते हैं, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है।
टेंडर की शर्तों के अनुसार पार्किंग स्थल के आसपास कर्मचारियों की तैनाती जरूरी है, जो वाहनों को व्यवस्थित ढंग से पार्क करवाएंगे। लेकिन जमीनी स्तर पर इसका पालन नहीं हो रहा। स्थानीय लोगों और मरीजों के तीमारदारों का कहना है कि जब पार्किंग का ठेका दिया गया है तो ठेकेदार की जिम्मेदारी बनती है कि व्यवस्था भी सुनिश्चित करे। अस्पताल में रोजाना 2200 से 2500 मरीजों की ओपीडी होती है। ऐसे में पार्किंग की बदहाल व्यवस्था पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रही है।
पार्किंग का ठेका दे दिया गया है। वाहनों को पार्किंग में सही तरीके से खड़ा कराने की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। इस बारे में ठेकेदार को बुलाकर हिदायत दी जाएगी कि वाहनों को सही जगह पर खड़ा कराया जाए। - डॉ. विपुल गोयल, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल।

अस्पताल में रास्ता न मिलने पर दूसरे मार्ग से जाती एंबुलेंस। संवाद- फोटो : 1