{"_id":"616b28fc9038ed0b7d69526b","slug":"paddy-arriving-from-other-states-yamunanagar-yamuna-nagar-news-knl867170198","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे राज्यों से पहुंच रहा धान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे राज्यों से पहुंच रहा धान
विज्ञापन
पड़ोसी राज्यों की धान खरीदने की अनुमति की मांग को लेकर बैठक करते आढ़ती। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर । जिले की मंडियों में धान की आवक तेज हो गई है। वहीं कई दिन से उत्तर प्रदेश व हिमाचल के नंबर लगे वाहनों में भारी मात्रा में धान छछरौली, खिजराबाद, खारवन की अनाज मंडियों में आ रहा है। आढ़तियों ने सरकार से सीमांत किसानों का धान खरीदने की अनुमति देने की मांग की है।
इस संबंध में प्रतापनगर अनाज मंडी में शनिवार को आढ़तियों की बैठक हुई। आढ़ती प्रवीण अग्रवाल, विक्रम लोप्यो, सन्नी अग्रवाल, अजय अग्रवाल आदि ने बताया कि प्रतापनगर अनाज मंडी सीमांत मंडी है। सीमांत होने के चलते ही यहां के आढ़तियों की जमीनें भी दूसरे राज्यों में हैं और यहां की मंडी की दुकानें भी अन्य मंडियों की अपेक्षा अधिक महंगी हैं।
सरकार ने पोर्टल शुरू कर सभी किसानों के पंजीकरण की सुविधा तो दे दी, लेकिन सीजन के समय पर दूसरे राज्यों के अनाज की खरीद पर रोक लगाकर आढ़तियों के साथ अन्याय किया गया है। आढ़तियों का कहना है कि यदि सरकार ने अन्य राज्यों के किसानों से लेन-देन करने पर रोक लगा दी तो आढ़तियों को करोड़ों रुपये का नुकसान झेलना पड़ सकता है। आढ़तियों ने सरकार से अन्य राज्यों के अनाज के खरीद की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतापनगर । जिले की मंडियों में धान की आवक तेज हो गई है। वहीं कई दिन से उत्तर प्रदेश व हिमाचल के नंबर लगे वाहनों में भारी मात्रा में धान छछरौली, खिजराबाद, खारवन की अनाज मंडियों में आ रहा है। आढ़तियों ने सरकार से सीमांत किसानों का धान खरीदने की अनुमति देने की मांग की है।
इस संबंध में प्रतापनगर अनाज मंडी में शनिवार को आढ़तियों की बैठक हुई। आढ़ती प्रवीण अग्रवाल, विक्रम लोप्यो, सन्नी अग्रवाल, अजय अग्रवाल आदि ने बताया कि प्रतापनगर अनाज मंडी सीमांत मंडी है। सीमांत होने के चलते ही यहां के आढ़तियों की जमीनें भी दूसरे राज्यों में हैं और यहां की मंडी की दुकानें भी अन्य मंडियों की अपेक्षा अधिक महंगी हैं।
विज्ञापन
सरकार ने पोर्टल शुरू कर सभी किसानों के पंजीकरण की सुविधा तो दे दी, लेकिन सीजन के समय पर दूसरे राज्यों के अनाज की खरीद पर रोक लगाकर आढ़तियों के साथ अन्याय किया गया है। आढ़तियों का कहना है कि यदि सरकार ने अन्य राज्यों के किसानों से लेन-देन करने पर रोक लगा दी तो आढ़तियों को करोड़ों रुपये का नुकसान झेलना पड़ सकता है। आढ़तियों ने सरकार से अन्य राज्यों के अनाज के खरीद की मांग की है।
विज्ञापन