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Yamuna Nagar News: रक्षाबंधन पर राशि अनुसार करें भाइयों का तिलक
Thu, 07 Aug 2025 03:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 07 Aug 2025 03:37 AM IST
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जगाधरी। भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व श्रावण माह की पूर्णिमा पर नौ अगस्त को मनाया जा रहा है। जिसे लेकर लोग तैयारियों में जुटे हैं। यह पर्व केवल एक सामुदायिक रिवाज नहीं बल्कि धार्मिक परंपरा है। जिस हमारे शास्त्रों में विशेष महत्व है। इस बार यह पर्व बहुत ही खास होने वाला है। चूंकि इस दिन बुध व सूर्य ग्रह मिल रहे हैं। जिससे बुधादित्य योग बन रहा है। इस योग में तिलक कर राखी बांधने से भाइयों की आयु लंबी होती है और उनका भाग्य उदय होता है।
इस दौरान आचार्य त्रिलोक महाराज ने बताया श्रावण माह की पूर्णिमा पर ग्रहों की स्थिति बहुत उत्तम हैं। इस दिन रक्षाबंधन पर बुध उदय हो रहे हैं। बुध और सूर्य के मिलने से बुधादित्य योग बन रहा है। जो भाई-बहन के बीच के विशेष रिश्ते का सम्मान करने वाला है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं है। भद्रा नौ अगस्त को तड़के एक बजकर 52 मिनट पर ही समाप्त हो जाएगी। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए काेई प्रतीक्षा नहीं करनी होगी। बहनें भाइयों को दोपहर एक बजकर 23 मिनट तक राखी बांध सकती हैं। उन्होंने बताया कि पंचांग के अनुसार इस साल राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह पांच बजकर 47 मिनट से शुरू होगा। यह मुहूर्त दोपहर एक बजकर 24 मिनट तक रहेगा।
पंडित रमन वत्स ने बताया कि रक्षाबंधन के लिए सबसे पारंपरिक और सामान्य धागा रेशम या सूत का होता है। जिसका पुराणों में उल्लेख मिलता है। रेशम की राखी को अत्यंत शुभ माना जाता है। चूंकि यह पवित्रता, कोमलता और प्रेम का प्रतीक है। रेशम की राखी नरम होती है, जो संबंधों की कोमलता और प्रबल दोनों दर्शाती है। परंतु आज फैंसी राखियों का चलन हो गया है। ऐसे में फैंसी राखी के साथ रेशम का सूत अवश्य भाइयों की कलाई पर बांधे।
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राशि अनुसार करें तिलक : ज्योतिषाचार्य पंडित महेश शांडिल्य, ललित शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन पर राखी के साथ तिलक किया जाता है। यह तिलक भाइयों की लंबी आयु, कार्य कुशलता व सफलता, वैभव व समृद्धि के लिए किया जाता है। वहीं, इस दौरान राशि के अनुसार तिलक किया जाए तो भाइयों को अत्यंत लाभ होगा। उन्होंने बताया कि राशि के अनुसार तिलक करने से भाइयों की कुण्डली में चल रहे वक्री ग्रहों की प्रभाव कम होगा। संवाद
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इस दौरान आचार्य त्रिलोक महाराज ने बताया श्रावण माह की पूर्णिमा पर ग्रहों की स्थिति बहुत उत्तम हैं। इस दिन रक्षाबंधन पर बुध उदय हो रहे हैं। बुध और सूर्य के मिलने से बुधादित्य योग बन रहा है। जो भाई-बहन के बीच के विशेष रिश्ते का सम्मान करने वाला है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं है। भद्रा नौ अगस्त को तड़के एक बजकर 52 मिनट पर ही समाप्त हो जाएगी। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए काेई प्रतीक्षा नहीं करनी होगी। बहनें भाइयों को दोपहर एक बजकर 23 मिनट तक राखी बांध सकती हैं। उन्होंने बताया कि पंचांग के अनुसार इस साल राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह पांच बजकर 47 मिनट से शुरू होगा। यह मुहूर्त दोपहर एक बजकर 24 मिनट तक रहेगा।
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पंडित रमन वत्स ने बताया कि रक्षाबंधन के लिए सबसे पारंपरिक और सामान्य धागा रेशम या सूत का होता है। जिसका पुराणों में उल्लेख मिलता है। रेशम की राखी को अत्यंत शुभ माना जाता है। चूंकि यह पवित्रता, कोमलता और प्रेम का प्रतीक है। रेशम की राखी नरम होती है, जो संबंधों की कोमलता और प्रबल दोनों दर्शाती है। परंतु आज फैंसी राखियों का चलन हो गया है। ऐसे में फैंसी राखी के साथ रेशम का सूत अवश्य भाइयों की कलाई पर बांधे।
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राशि अनुसार करें तिलक : ज्योतिषाचार्य पंडित महेश शांडिल्य, ललित शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन पर राखी के साथ तिलक किया जाता है। यह तिलक भाइयों की लंबी आयु, कार्य कुशलता व सफलता, वैभव व समृद्धि के लिए किया जाता है। वहीं, इस दौरान राशि के अनुसार तिलक किया जाए तो भाइयों को अत्यंत लाभ होगा। उन्होंने बताया कि राशि के अनुसार तिलक करने से भाइयों की कुण्डली में चल रहे वक्री ग्रहों की प्रभाव कम होगा। संवाद