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होम आइसोलेशन में वृद्ध की मौत, पुलिस श्मशान से उठाकर लाई शव
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Old man dies in home isolation, brought dead from police crematorium
- फोटो : Yamuna Nagar
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यमुनानगर। कोरोना संक्रमित वृद्ध महिला सहित चार और लोगों की मौत हो गई। वहीं एक बड़ी लापरवाही भी सामने आई है। दरअसल गांव ससौली निवासी एक वृद्ध की होम आइसोलेशन में मौत हो गई। वह कोरोना संक्रमित था और रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद कई दिन से वह होम आइसोलेशन में था। उसकी मौत के बाद परिजन घर पर तमाम रस्म पूरी करके शव को श्मशान ले जा चुके थे। तभी स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम श्मशान में पहुंची और शव को अपने कब्जे लिया। इस दौरान परिजनों ने रोष भी जताया और कहा कि जो रस्म होनी थी वो हो चुकी है, अब शव ले जाने का क्या फायदा। यह बड़ी लापरवाही है, ऐसे में संस्कार में आए सभी लोग संक्रमित हो सकते हैं। बाद में शाम को सरकारी गाइडलाइन के तहत शव का अंतिम संस्कार किया गया। फिलहाल परिजनों समेत संस्कार में शामिल होने वाले तमाम रिश्तेदारों और परिचितों को सावधानी के तौर पर खुद को क्वारंटीन होने की हिदायत दी गई है। वहीं परिजनों के सैंपल भी लिए जाएंगे। वीरवार को कोरोना के 174 नए केस सामने आए हैं।
मृतक के दामाद ने बताया कि उनके ससुर की तबीयत कुछ दिन पूर्व खराब हुई थी। जिस कारण उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दो अप्रैल को छुट्टी कर परिजन घर ले आए थे। दो दिन बाद सिविल अस्पताल से फोन आया कि उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव है, जिस कारण उन्हें होम आइसोलेट कर दिया गया। आरोप है कि कोई भी उन्हें देखने तक नहीं आया। वीरवार सुबह को जब उसने दम तोड़ दिया। परिजन वृद्ध के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए श्मशान घाट ले गए। अंतिम संस्कार की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई थी, तभी पुलिस ने आकर अंतिम संस्कार करने से रुकवा दिया। कुछ देर बाद एक एंबुलेंस आई और शव को उठाकर यमुनानगर ले गई। शाम चार बजे शव का अंतिम संस्कार कराया गया।
वहीं गुरु अर्जुन नगर निवासी 58 वर्षीय अधेड़ की मौत ईएसआई कोविड-19 अस्पताल में हो गई। मरीज को हाइपरटेंशन की बीमारी थी। बुडिया निवासी 65 वर्षीय कोरोना संक्रमित वृद्ध की मौत एक निजी अस्पताल में हो गई। मरीज को शुगर और हाइपरटेंशन की बीमारी थी। वहीं गांव जठेरी निवासी 62 वर्षीय वृद्ध की मौत एक निजी अस्पताल में हो गई। चारों शवों का अंतिम संस्कार सरकारी गाइडलाइन के तहत किया गया।
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975 हुए एक्टिव केस
सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया ने बताया कि जिले में 975 एक्टिव केस हो गए हैं, जिनमें से 832 संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेट किया गया है। जिनमें से 44 एक्टिव केस दूसरे जिले व राज्यों के अस्पतालों में भर्ती हैं। जबकि 99 संक्रमितों को जिले के कोविड अस्पतालों में भर्ती किया गया है। वीरवार को कोविड-19 जांच टीम ने 230 लोगों के सैंपल लिए, अभी तक कुल 2,57,962 सैंपल लिए जा चुके हैं। जिनमें से 2,43,752 की रिपोर्ट निगेटिव आयी है।
विभाग की लापरवाही लोगों पर पड़ सकती है भारी
कोरोना संक्रमित मरीजों को लेकर स्वास्थ्य विभाग लापरवाही बरत रहा है। होम आइसोलेशन के मरीजों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यदि किसी संक्रमित की मौत हो जाए तो विभाग के अधिकारियों को बाद में पता चलता है। ऐसे में यदि शव की अंतिम यात्रा में ज्यादा से ज्यादा लोग एकत्र हो जाते हैं। ऐसे में लोगों की जान पर बन सकती है।
गत वर्ष 15 अप्रैल को थे तीन संक्रमित
गत वर्ष में कोरोना संक्रमण की रफ्तार काफी धीमी थी। यही कारण था कि 15 अप्रैल को तीन ही पॉजिटिव केस थे। लेकिन इस बार अप्रैल माह में कोरोना संक्रमण की रफ्तार काफी तेज होने की वजह से मार्च व अप्रैल माह में 3684 पॉजिटिव केस मिल चुके हैं। मार्च माह में 1776 व अप्रैल माह में 1908 लोग संक्रमित हो चुके हैं। जबकि इन डेढ़ माह में लगभग 38 लोगों की मौत हो चुकी है।
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मृतक के दामाद ने बताया कि उनके ससुर की तबीयत कुछ दिन पूर्व खराब हुई थी। जिस कारण उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दो अप्रैल को छुट्टी कर परिजन घर ले आए थे। दो दिन बाद सिविल अस्पताल से फोन आया कि उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव है, जिस कारण उन्हें होम आइसोलेट कर दिया गया। आरोप है कि कोई भी उन्हें देखने तक नहीं आया। वीरवार सुबह को जब उसने दम तोड़ दिया। परिजन वृद्ध के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए श्मशान घाट ले गए। अंतिम संस्कार की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई थी, तभी पुलिस ने आकर अंतिम संस्कार करने से रुकवा दिया। कुछ देर बाद एक एंबुलेंस आई और शव को उठाकर यमुनानगर ले गई। शाम चार बजे शव का अंतिम संस्कार कराया गया।
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वहीं गुरु अर्जुन नगर निवासी 58 वर्षीय अधेड़ की मौत ईएसआई कोविड-19 अस्पताल में हो गई। मरीज को हाइपरटेंशन की बीमारी थी। बुडिया निवासी 65 वर्षीय कोरोना संक्रमित वृद्ध की मौत एक निजी अस्पताल में हो गई। मरीज को शुगर और हाइपरटेंशन की बीमारी थी। वहीं गांव जठेरी निवासी 62 वर्षीय वृद्ध की मौत एक निजी अस्पताल में हो गई। चारों शवों का अंतिम संस्कार सरकारी गाइडलाइन के तहत किया गया।
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975 हुए एक्टिव केस
सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया ने बताया कि जिले में 975 एक्टिव केस हो गए हैं, जिनमें से 832 संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेट किया गया है। जिनमें से 44 एक्टिव केस दूसरे जिले व राज्यों के अस्पतालों में भर्ती हैं। जबकि 99 संक्रमितों को जिले के कोविड अस्पतालों में भर्ती किया गया है। वीरवार को कोविड-19 जांच टीम ने 230 लोगों के सैंपल लिए, अभी तक कुल 2,57,962 सैंपल लिए जा चुके हैं। जिनमें से 2,43,752 की रिपोर्ट निगेटिव आयी है।
विभाग की लापरवाही लोगों पर पड़ सकती है भारी
कोरोना संक्रमित मरीजों को लेकर स्वास्थ्य विभाग लापरवाही बरत रहा है। होम आइसोलेशन के मरीजों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यदि किसी संक्रमित की मौत हो जाए तो विभाग के अधिकारियों को बाद में पता चलता है। ऐसे में यदि शव की अंतिम यात्रा में ज्यादा से ज्यादा लोग एकत्र हो जाते हैं। ऐसे में लोगों की जान पर बन सकती है।
गत वर्ष 15 अप्रैल को थे तीन संक्रमित
गत वर्ष में कोरोना संक्रमण की रफ्तार काफी धीमी थी। यही कारण था कि 15 अप्रैल को तीन ही पॉजिटिव केस थे। लेकिन इस बार अप्रैल माह में कोरोना संक्रमण की रफ्तार काफी तेज होने की वजह से मार्च व अप्रैल माह में 3684 पॉजिटिव केस मिल चुके हैं। मार्च माह में 1776 व अप्रैल माह में 1908 लोग संक्रमित हो चुके हैं। जबकि इन डेढ़ माह में लगभग 38 लोगों की मौत हो चुकी है।