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Yamuna Nagar News: अब जीपीएस लोकेशन संग होगी स्कूल बसों की जांच
Sat, 25 Jan 2025 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 25 Jan 2025 02:02 AM IST
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राजेश कुमार
यमुनानगर। निजी स्कूल संचालक अब स्कूल वाहनों में विद्यार्थियों की जान से खिलवाड़ नहीं कर पाएंगे। परिवहन विभाग ने स्कूल संचालकों पर शिकंजा कस दिया है।
अब स्कूल बसों की जांच जीपीएस लोकेशन और वीडियो के साथ की जाएगी। यानि अब जिला परिवहन विभाग के अधिकारियों को जांच के दौरान सबूत के तौर पर वीडियो रखना होगा। ऐसे में अब किसी भी जिले के अधिकारी व कर्मचारी स्कूल संचालकों से मिलीभगत करके फिटनेस की कागजी रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाएंगे।
जानकारी के अनुसार परिवहन विभाग के मुख्यालय में ये शिकायतें पहुंच रही थी कि कुछ जिलों में निजी स्कूल बसों की जांच के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। जिला परिवहन अधिकारियों की टीम स्कूलों में या फिर सड़कों की जांच के लिए मौके पर नहीं जा रहे।
टीम के सदस्य फोन पर ही स्कूल संचालकों से बसों की संख्या, बस का रूट, कितने ड्राइवर व सहायक रखे हुए हैं आदि की जानकारी लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार कर देते हैं।
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इससे स्कूल बसाें में सफर करने वाले बच्चों के साथ कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए परिवहन विभाग जांच के दौरान जीपीएस लोकेशन ऑन रखने और जांच की वीडियो बनाने के आदेश जारी किए हैं। जीपीएस लोकेशन से पता चल जाएगा कि जांच के लिए टीम मौके पर गई थी या नहीं। साथ ही वीडियो सबूत के तौर पर रहेगा। संवाद
जिले में 700 स्कूल वाहन पंजीकृत ः यमुनानगर में निजी स्कूलों की संख्या 340 से अधिक है। इनकी 700 बसें व अन्य वाहन डीटीओ कार्यालय में पंजीकृत हैं। गत नवंबर माह में हरियाणा बाल संरक्षण आयोग की टीम ने दो दिनों तक जिले में रह कर स्कूलों में जाकर बसों की जांच की थी। तब 43 स्कूल बसें अनफिट मिली थी जिनमें से कइयों को जब्त किया गया था। साथ ही साढ़े छह लाख रुपये जुर्माना भी स्कूलों पर किया गया था। तब बसों में फर्स्ट एड बॉक्स न मिलना, जीपीएस न लगा होना, हेल्पलाइन नंबर न लिखे होना, प्रेशर हॉर्न समेत अन्य कमियां मिली थी। गत बुधवार को भी तीन स्कूलों की बसों की जांच की गई थी जिनमें से दो अनफिट बसों को जब्त किया गया था। संवादे
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यमुनानगर। निजी स्कूल संचालक अब स्कूल वाहनों में विद्यार्थियों की जान से खिलवाड़ नहीं कर पाएंगे। परिवहन विभाग ने स्कूल संचालकों पर शिकंजा कस दिया है।
अब स्कूल बसों की जांच जीपीएस लोकेशन और वीडियो के साथ की जाएगी। यानि अब जिला परिवहन विभाग के अधिकारियों को जांच के दौरान सबूत के तौर पर वीडियो रखना होगा। ऐसे में अब किसी भी जिले के अधिकारी व कर्मचारी स्कूल संचालकों से मिलीभगत करके फिटनेस की कागजी रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाएंगे।
जानकारी के अनुसार परिवहन विभाग के मुख्यालय में ये शिकायतें पहुंच रही थी कि कुछ जिलों में निजी स्कूल बसों की जांच के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। जिला परिवहन अधिकारियों की टीम स्कूलों में या फिर सड़कों की जांच के लिए मौके पर नहीं जा रहे।
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टीम के सदस्य फोन पर ही स्कूल संचालकों से बसों की संख्या, बस का रूट, कितने ड्राइवर व सहायक रखे हुए हैं आदि की जानकारी लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार कर देते हैं।
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इससे स्कूल बसाें में सफर करने वाले बच्चों के साथ कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए परिवहन विभाग जांच के दौरान जीपीएस लोकेशन ऑन रखने और जांच की वीडियो बनाने के आदेश जारी किए हैं। जीपीएस लोकेशन से पता चल जाएगा कि जांच के लिए टीम मौके पर गई थी या नहीं। साथ ही वीडियो सबूत के तौर पर रहेगा। संवाद
जिले में 700 स्कूल वाहन पंजीकृत ः यमुनानगर में निजी स्कूलों की संख्या 340 से अधिक है। इनकी 700 बसें व अन्य वाहन डीटीओ कार्यालय में पंजीकृत हैं। गत नवंबर माह में हरियाणा बाल संरक्षण आयोग की टीम ने दो दिनों तक जिले में रह कर स्कूलों में जाकर बसों की जांच की थी। तब 43 स्कूल बसें अनफिट मिली थी जिनमें से कइयों को जब्त किया गया था। साथ ही साढ़े छह लाख रुपये जुर्माना भी स्कूलों पर किया गया था। तब बसों में फर्स्ट एड बॉक्स न मिलना, जीपीएस न लगा होना, हेल्पलाइन नंबर न लिखे होना, प्रेशर हॉर्न समेत अन्य कमियां मिली थी। गत बुधवार को भी तीन स्कूलों की बसों की जांच की गई थी जिनमें से दो अनफिट बसों को जब्त किया गया था। संवादे