{"_id":"680946983d40da996402ff4c","slug":"now-panch-sarpanch-are-handling-the-reins-of-development-of-villages-along-with-household-chores-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1022-136624-2025-04-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: अब घर के कामों संग पंच-सरपंच संभाल रहीं गांवों के विकास की बागडोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: अब घर के कामों संग पंच-सरपंच संभाल रहीं गांवों के विकास की बागडोर
विज्ञापन
राहुल शर्मा
यमुनानगर। गांवों की महिलाएं अब चूल्हे तक सीमित नहीं रहीं। वे घर के कामों के साथ गांव के विकास की बागडोर संभाल रही हैं। ऐसे ही जिले में कुल 489 में 240 पंचायतों की चौधर महिलाओं के पास हैं यानी करीब आधी पंचायतों पर महिला सरपंच हैं।
इन महिला सरपंचों व पंचों की औसत आयु 34 से 35 वर्ष हैं, जिसके अनुसार उक्त पंचायतों में ज्यादातर पर युवा महिला सरपंच के हाथ गांवों की कमान है। इनमें 11 उच्च शिक्षित हैं, वहीं 47 बारहवीं, 100 दसवीं पास हैं। ऐसे ही 3728 पंच पदों में भी 1710 पर महिलाएं काबिज हैं। ज्ञात हो कि जिले की 489 पंचायतों पर वर्ष 2022 में चुनाव हुए थे। इस दौरान 249 पर पुरुष व 240 पंचायतों पर महिलाओं को ग्रामीणों ने सरपंच बनाया। इनका करीब ढाई वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है।
खंडवार महिला सरपंच
खंड - पंचायत - महिला सरपंच
बिलासपुर - 97 - 47
छछरौली - 81 - 40
जगाधरी - 67 - 33
सरस्वती नगर - 76 - 37
रादौर - 71 - 35
साढौरा - 43 - 21
प्रतापनगर - 54 - 27
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
विज्ञापन
फोटो-41
घर-पंचायत के कामों में बनाया तालमेल-
भोलीवाला सरपंच शशिबाला ने बताया कि कभी सोचा भी नहीं था कि पंचायत संभालने का मौका मिलेगा। सरपंच बनते ही परिवार व पंचायत, दोनों के काम देखने के लिए शेड्यूल बनाया। इसमें सुबह होते ही घर व गांव में काम का सिलसिला शुरू हो जाता है। दोनों कामों के बीच तालमेल बना रखा है, ताकि जिससे घर व पंचायत के प्रति मिली जिम्मेदारी में किसी में भी कमी न रहे।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
फोटो-42
हर मसला सहमति से सुलझाने के प्रयास-
कल्याणपुर सरपंच इकराना ने बताया कि सरपंच बनने के बाद से घर-परिवार के साथ पंचायत के कामों का भी जिम्मा है। इसमें पूरा प्रयास है कि हर काम सही व समय से पूरा कराएं। हर मसले को पंचायत में आपसी सहमति से सुलझाने का प्रयास रहता है। गांव में मूलभूत जरूरतें पूरी करने के साथ नए विकास कार्य कराए हैं। साथ ही आपसी भाईचारा व शांति बनाए रखने का प्रयास है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
फोटो-43
दोनों जिम्मेदारियां अच्छे से निभाने की कोशिश-
साढौरा नदीपार पंचायत की सरपंच संगीता ने बताया कि सरपंच बनने के बाद से परिवार व पंचायत के कार्यों का जिम्मा है, जिसमें दोनों जिम्मेदारियां पूरी तरह निभाने की कोशिश है। अभी तक गांव में गलियों-नालियों के काम सहित अन्य विकास कार्य कराए हैं। पूरा प्रयास किया जा रहा है गांव के लोगों की मांग के सभी काम गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे कराए जाएं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
विज्ञापन
यमुनानगर। गांवों की महिलाएं अब चूल्हे तक सीमित नहीं रहीं। वे घर के कामों के साथ गांव के विकास की बागडोर संभाल रही हैं। ऐसे ही जिले में कुल 489 में 240 पंचायतों की चौधर महिलाओं के पास हैं यानी करीब आधी पंचायतों पर महिला सरपंच हैं।
इन महिला सरपंचों व पंचों की औसत आयु 34 से 35 वर्ष हैं, जिसके अनुसार उक्त पंचायतों में ज्यादातर पर युवा महिला सरपंच के हाथ गांवों की कमान है। इनमें 11 उच्च शिक्षित हैं, वहीं 47 बारहवीं, 100 दसवीं पास हैं। ऐसे ही 3728 पंच पदों में भी 1710 पर महिलाएं काबिज हैं। ज्ञात हो कि जिले की 489 पंचायतों पर वर्ष 2022 में चुनाव हुए थे। इस दौरान 249 पर पुरुष व 240 पंचायतों पर महिलाओं को ग्रामीणों ने सरपंच बनाया। इनका करीब ढाई वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है।
विज्ञापन
खंडवार महिला सरपंच
खंड - पंचायत - महिला सरपंच
बिलासपुर - 97 - 47
छछरौली - 81 - 40
जगाधरी - 67 - 33
सरस्वती नगर - 76 - 37
रादौर - 71 - 35
साढौरा - 43 - 21
प्रतापनगर - 54 - 27
विज्ञापन
फोटो-41
घर-पंचायत के कामों में बनाया तालमेल-
भोलीवाला सरपंच शशिबाला ने बताया कि कभी सोचा भी नहीं था कि पंचायत संभालने का मौका मिलेगा। सरपंच बनते ही परिवार व पंचायत, दोनों के काम देखने के लिए शेड्यूल बनाया। इसमें सुबह होते ही घर व गांव में काम का सिलसिला शुरू हो जाता है। दोनों कामों के बीच तालमेल बना रखा है, ताकि जिससे घर व पंचायत के प्रति मिली जिम्मेदारी में किसी में भी कमी न रहे।
फोटो-42
हर मसला सहमति से सुलझाने के प्रयास-
कल्याणपुर सरपंच इकराना ने बताया कि सरपंच बनने के बाद से घर-परिवार के साथ पंचायत के कामों का भी जिम्मा है। इसमें पूरा प्रयास है कि हर काम सही व समय से पूरा कराएं। हर मसले को पंचायत में आपसी सहमति से सुलझाने का प्रयास रहता है। गांव में मूलभूत जरूरतें पूरी करने के साथ नए विकास कार्य कराए हैं। साथ ही आपसी भाईचारा व शांति बनाए रखने का प्रयास है।
फोटो-43
दोनों जिम्मेदारियां अच्छे से निभाने की कोशिश-
साढौरा नदीपार पंचायत की सरपंच संगीता ने बताया कि सरपंच बनने के बाद से परिवार व पंचायत के कार्यों का जिम्मा है, जिसमें दोनों जिम्मेदारियां पूरी तरह निभाने की कोशिश है। अभी तक गांव में गलियों-नालियों के काम सहित अन्य विकास कार्य कराए हैं। पूरा प्रयास किया जा रहा है गांव के लोगों की मांग के सभी काम गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे कराए जाएं।