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अब किसानों को खेती की मिट्टी की जांच के लिए नहीं जाना होगा करनाल
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीरवार को जिले के किसानों के लिए तीन मृदा परीक्षण जांच प्रयोगशालाओं का वर्चुअल उद्घाटन किया। ये प्रयोगशालाएं जिले की रादौर, सरस्वती नगर व बिलासपुर अनाज मंडी में स्थापित की गई हैं और प्रत्येक की स्थापना पर लगभग 14 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इससे अब किसानों को खेती की मिटटी की जांच के लिए करनाल नहीं जाना होगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक खेत की मिट्टी की जांच होने से कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ फसलों की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। वहीं जांच के बाद मिट्टी में उपलब्ध आवश्यक तत्वों की सही जानकारी मिलने के बाद रसायनिक खाद व दवाइयों के अनावश्यक प्रयोग पर अकुंश लगेगा और प्रति एकड़ कृषि लागत को कम किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि आगामी 3 वर्षो मेें प्रदेश की कुल 75 लाख एकड़ कृषि योग्य भूमि की मिट्टी की जांच सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और इस वर्ष 25 लाख एकड़ भूमि के लिए यह सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रदेश में अब तक 111 प्रयोगशालाओं की स्थापना की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के दौरान विद्यार्थियों को उनके संस्थान में भी मृदा जांच की प्रक्रिया के लिए शिक्षित किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में उपलब्ध केमिकल प्रयोगशालाओं में मिट्टी जांच के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। विज्ञान अध्यापकों को मिट्टी जांच की प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने भी वर्चुअल माध्यम से बताया कि हरियाणा देश का एक मात्र ऐसा राज्य है, जहां हर खेत की मिट्टी की जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास शुरू किए गए हैं।
विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने देश में सबसे पहले मिट्टी जांच की प्रक्रिया को हर खेत तक पहुंचाने का प्रयास आरंभ किया है। सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि में वैज्ञानिक बदलाव लाने के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रही है और किसी भी कीमत पर किसानों के हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी। इस अवसर पर उपायुक्त गिरीश अरोड़ा, पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल, जगाधरी के एसडीएम सुशील कुमार, नगराधीश निशा, उप कृषि निदेशक जसविन्द्र सिंह मौजूद रहे।
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उन्होंने बताया कि आगामी 3 वर्षो मेें प्रदेश की कुल 75 लाख एकड़ कृषि योग्य भूमि की मिट्टी की जांच सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और इस वर्ष 25 लाख एकड़ भूमि के लिए यह सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रदेश में अब तक 111 प्रयोगशालाओं की स्थापना की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के दौरान विद्यार्थियों को उनके संस्थान में भी मृदा जांच की प्रक्रिया के लिए शिक्षित किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में उपलब्ध केमिकल प्रयोगशालाओं में मिट्टी जांच के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। विज्ञान अध्यापकों को मिट्टी जांच की प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने भी वर्चुअल माध्यम से बताया कि हरियाणा देश का एक मात्र ऐसा राज्य है, जहां हर खेत की मिट्टी की जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास शुरू किए गए हैं।
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विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने देश में सबसे पहले मिट्टी जांच की प्रक्रिया को हर खेत तक पहुंचाने का प्रयास आरंभ किया है। सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि में वैज्ञानिक बदलाव लाने के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रही है और किसी भी कीमत पर किसानों के हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी। इस अवसर पर उपायुक्त गिरीश अरोड़ा, पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल, जगाधरी के एसडीएम सुशील कुमार, नगराधीश निशा, उप कृषि निदेशक जसविन्द्र सिंह मौजूद रहे।
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