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Yamuna Nagar News: ट्रांसपोर्ट नगर नहीं... मिला ट्रैफिक जाम
Sun, 25 Aug 2024 03:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 25 Aug 2024 03:43 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के मास्टर प्लान-2041 में पांजूपुर के 250 हेक्टेयर में ट्रांसपोर्ट नगर प्रस्तावित है। वर्षों बाद भी यह योजना कागजों से धरातल पर नहीं उतर पाई है। हालांकि इसकी मांग दशकों पुरानी है। अब विधानसभा चुनाव के बीच लोगों की जुबान से दोबारा यह मुद्दा है।
ट्रांसपोर्ट नगर के लिए कई बार जमीन चिह्नित की गई। इसके आगे कार्रवाई नहीं बढ़ी। इससे हजारों ट्रक अभी भी हाईवे व सड़कों को आधा घेरकर खड़े रहते हैं। यहीं पर उनकी मरम्मत भी होती हैं। इससे यमुनानगर के अलावा अन्य जिलों व राज्यों से आने-जाने वाले वाहन चालक वर्षों पुरानी ट्रैफिक जाम की दिक्कत झेल रहे हैं। सबसे रखरखाव स्थिति सहारनपुर-कुरुक्षेत्र मार्ग पर पुराना हमीदा समीप है। यहां पर दो किमी. तक आधे मार्ग पर ट्रक खड़े रहते हैं, जहां सुबह से शाम तक ट्रैफिक जाम के हालात रहते हैं।
जम्मू कॉलोनी निवासी निवर्तमान पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि सहारनपुर-कुरुक्षेत्र मार्ग से हरियाणा, यूपी, पंजाब सहित कई राज्यों का ट्रैफिक निकलता है। बावजूद इसके मार्ग को जाम मुक्त बनाने पर ध्यान नहीं है। ट्रांसपोर्ट नगर बनने से कुछ हद तक जाम व हादसों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
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पुराना हमीदा निवासी दीक्षित शर्मा ने बताया कि एक दशक से ट्रांसपोर्ट नगर नहीं बन पाया। इससे सहारनपुर कुरुक्षेत्र मार्ग पर दोनों ओर आधे हिस्से में ट्रक खड़े रहते हैं। इससे ट्रैफिक जाम की स्थिति रहती है। साथ ही कई सड़क दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। इससे सबसे ज्यादा दिक्कत पुराना हमीदा के लोगों को है, जिन्हें रोज मार्ग से शहर आना-जाना पड़ता है।
हरियाबांस गांव के शुभम शांडिल्य ने कहा कि जिले के सैकड़ों गांवों के लोग रोज सहारनपुर-कुरुक्षेत्र मार्ग से शहर व अन्य स्थानों पर आते-जाते हैं, जिन्हें मार्ग के दोनों ओर ट्रक खड़े होने से तंग रास्ते पर ट्रैफिक जाम के हालात झेलने पड़ते हैं। ऐसे ट्रकों को खड़े किए जाने के लिए अलग से ट्रांसपोर्ट नगर बनना अनिवार्य है।
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यमुनानगर। जिले के मास्टर प्लान-2041 में पांजूपुर के 250 हेक्टेयर में ट्रांसपोर्ट नगर प्रस्तावित है। वर्षों बाद भी यह योजना कागजों से धरातल पर नहीं उतर पाई है। हालांकि इसकी मांग दशकों पुरानी है। अब विधानसभा चुनाव के बीच लोगों की जुबान से दोबारा यह मुद्दा है।
ट्रांसपोर्ट नगर के लिए कई बार जमीन चिह्नित की गई। इसके आगे कार्रवाई नहीं बढ़ी। इससे हजारों ट्रक अभी भी हाईवे व सड़कों को आधा घेरकर खड़े रहते हैं। यहीं पर उनकी मरम्मत भी होती हैं। इससे यमुनानगर के अलावा अन्य जिलों व राज्यों से आने-जाने वाले वाहन चालक वर्षों पुरानी ट्रैफिक जाम की दिक्कत झेल रहे हैं। सबसे रखरखाव स्थिति सहारनपुर-कुरुक्षेत्र मार्ग पर पुराना हमीदा समीप है। यहां पर दो किमी. तक आधे मार्ग पर ट्रक खड़े रहते हैं, जहां सुबह से शाम तक ट्रैफिक जाम के हालात रहते हैं।
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जम्मू कॉलोनी निवासी निवर्तमान पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि सहारनपुर-कुरुक्षेत्र मार्ग से हरियाणा, यूपी, पंजाब सहित कई राज्यों का ट्रैफिक निकलता है। बावजूद इसके मार्ग को जाम मुक्त बनाने पर ध्यान नहीं है। ट्रांसपोर्ट नगर बनने से कुछ हद तक जाम व हादसों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
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पुराना हमीदा निवासी दीक्षित शर्मा ने बताया कि एक दशक से ट्रांसपोर्ट नगर नहीं बन पाया। इससे सहारनपुर कुरुक्षेत्र मार्ग पर दोनों ओर आधे हिस्से में ट्रक खड़े रहते हैं। इससे ट्रैफिक जाम की स्थिति रहती है। साथ ही कई सड़क दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। इससे सबसे ज्यादा दिक्कत पुराना हमीदा के लोगों को है, जिन्हें रोज मार्ग से शहर आना-जाना पड़ता है।
हरियाबांस गांव के शुभम शांडिल्य ने कहा कि जिले के सैकड़ों गांवों के लोग रोज सहारनपुर-कुरुक्षेत्र मार्ग से शहर व अन्य स्थानों पर आते-जाते हैं, जिन्हें मार्ग के दोनों ओर ट्रक खड़े होने से तंग रास्ते पर ट्रैफिक जाम के हालात झेलने पड़ते हैं। ऐसे ट्रकों को खड़े किए जाने के लिए अलग से ट्रांसपोर्ट नगर बनना अनिवार्य है।