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Yamuna Nagar News: -निजी स्कूलों की बसों में सुरक्षा के नहीं इंतजाम
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-निजी स्कूलों की बसों में सुरक्षा के नहीं इंतजाम
-विभाग के अधिकारियों को जांच के दौरान मिली खामियां, दो दिन में दुरुस्त करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। निजी स्कूल नियमों का पालन करने में जरा भी संजीदा नहीं है। चंद रुपये बचाने की होड़ में स्कूल बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। महेंद्रगढ़ के कनीना बस हादसे में बच्चों की मौत के बाद अब प्रशासन, पुलिस, शिक्षा विभाग सभी एक्शन मोड पर हैं। स्कूलों के वाहनों की जांच की जा रही हैं। वहीं दूसरी तरफ शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूलों में पहुंच कर सुरक्षा व्यवस्था जांच रहे हैं, परंतु इस जांच के दौरान ऐसे तथ्य सामने आ रहे हैं जो चौंकाने वाले हैं। जगाधरी के दो स्कूलों के निरीक्षण में सामने आया कि इस हादसे के बाद भी स्कूल प्रबंधक गंभीर नहीं हैं। जगाधरी खंड शिक्षा अधिकारी ने सोमवार को दो स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान देखा गया कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भारी लापरवाही बरती जा रही है। निरीक्षण के दौरान बीईओ ने स्कूल की बसों की जांच की। जांच में पाया कि स्कूल की बसों में आपात स्थिति से बचने के कोई बंदोबस्त नहीं है।
शहर के नामी दयाल सिंह पब्लिक में बीईओ ने चेकिंग की। इस दौरान उन्होंने बसों की जांच की। बीईओ केएस संधावा ने बताया कि जांच के दौरान स्कूल की बसों में कैमरे नहीं थे। आपातकाल द्वार जाम थे। यही नहीं अग्निशमन के लिए रखे उपकरण काफी समय से एक्सपाॅयर हो चुके हैं, जिन्हें यू हीं बसों में लगाकर ढोया जा रहा है। बसों में सीसीटीवी नहीं लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि हर वाहन में प्राथमिक चिकित्सा के लिए किट अवश्य होनी चाहिए। जिसमें दवाइयों के साथ पट्टियां इत्यादि साफ सुधरी व गुणवत्ता वाली होनी चाहिए परंतु इन सभी नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। वहीं बसों के चालक व परिचालक की पूर्ण जानकारी भी विभाग के पास नहीं है। इसके अलावा स्कूल की इमारत, टंकी व अन्य मानकों की जांच की गई है। बीईओ ने बताया इन खामियाें को दूर करने के लिए स्कूल को दो दिन का समय दिया गया है। दो दिन बाद इसकी जांच की जाएगी, यदि कमियां मिलती हैं तो कार्रवाई के लिए निदेशालय को लिखा जाएगा। इसके अलावा सेक्रेट हार्ट कॉन्वेंट स्कूल का निरीक्षण किया गया। स्कूल की अपनी कोई बस नहीं है। अभिभावक निजी स्तर पर ही बच्चों को छोड़ते व लेकर आते हैं। बीईओ ने कहा कि सभी स्कूलों को इसके लिए निर्देश दिए गए हैं।
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-विभाग के अधिकारियों को जांच के दौरान मिली खामियां, दो दिन में दुरुस्त करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। निजी स्कूल नियमों का पालन करने में जरा भी संजीदा नहीं है। चंद रुपये बचाने की होड़ में स्कूल बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। महेंद्रगढ़ के कनीना बस हादसे में बच्चों की मौत के बाद अब प्रशासन, पुलिस, शिक्षा विभाग सभी एक्शन मोड पर हैं। स्कूलों के वाहनों की जांच की जा रही हैं। वहीं दूसरी तरफ शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूलों में पहुंच कर सुरक्षा व्यवस्था जांच रहे हैं, परंतु इस जांच के दौरान ऐसे तथ्य सामने आ रहे हैं जो चौंकाने वाले हैं। जगाधरी के दो स्कूलों के निरीक्षण में सामने आया कि इस हादसे के बाद भी स्कूल प्रबंधक गंभीर नहीं हैं। जगाधरी खंड शिक्षा अधिकारी ने सोमवार को दो स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान देखा गया कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भारी लापरवाही बरती जा रही है। निरीक्षण के दौरान बीईओ ने स्कूल की बसों की जांच की। जांच में पाया कि स्कूल की बसों में आपात स्थिति से बचने के कोई बंदोबस्त नहीं है।
शहर के नामी दयाल सिंह पब्लिक में बीईओ ने चेकिंग की। इस दौरान उन्होंने बसों की जांच की। बीईओ केएस संधावा ने बताया कि जांच के दौरान स्कूल की बसों में कैमरे नहीं थे। आपातकाल द्वार जाम थे। यही नहीं अग्निशमन के लिए रखे उपकरण काफी समय से एक्सपाॅयर हो चुके हैं, जिन्हें यू हीं बसों में लगाकर ढोया जा रहा है। बसों में सीसीटीवी नहीं लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि हर वाहन में प्राथमिक चिकित्सा के लिए किट अवश्य होनी चाहिए। जिसमें दवाइयों के साथ पट्टियां इत्यादि साफ सुधरी व गुणवत्ता वाली होनी चाहिए परंतु इन सभी नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। वहीं बसों के चालक व परिचालक की पूर्ण जानकारी भी विभाग के पास नहीं है। इसके अलावा स्कूल की इमारत, टंकी व अन्य मानकों की जांच की गई है। बीईओ ने बताया इन खामियाें को दूर करने के लिए स्कूल को दो दिन का समय दिया गया है। दो दिन बाद इसकी जांच की जाएगी, यदि कमियां मिलती हैं तो कार्रवाई के लिए निदेशालय को लिखा जाएगा। इसके अलावा सेक्रेट हार्ट कॉन्वेंट स्कूल का निरीक्षण किया गया। स्कूल की अपनी कोई बस नहीं है। अभिभावक निजी स्तर पर ही बच्चों को छोड़ते व लेकर आते हैं। बीईओ ने कहा कि सभी स्कूलों को इसके लिए निर्देश दिए गए हैं।
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