फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   No Rations to Prepare Mid-Day Meals in Government Schools

Yamuna Nagar News: सरकारी विद्यालयों में मिड-डे-मील बनाने के लिए राशन नहीं

Fri, 08 May 2026 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 08 May 2026 01:17 AM IST
विज्ञापन
No Rations to Prepare Mid-Day Meals in Government Schools
विद्यालय में मिड-डे-मील बनातीं कर्मचारी। आर्काइव
अभय सिंह
विज्ञापन


जगाधरी। राजकीय विद्यालयों में चल रही मिड-डे-मील योजना लड़खड़ाने लगी है। जिले के कई विद्यालयों में अनाज और अन्य राशन खत्म हो चुका है। ऐसे में भोजन पकाने के लिए शिक्षकों पर अपने स्तर पर सामान खरीदना पड़ रहा है। इससे शिक्षकों को दिक्कत हो रही है। वहीं, फुटकर सामान लेने पर पैसे भी ज्यादा लग रहे हैं।
सरकार की ओर से एफसीआई विद्यालयों में गेहूं और चावल की सप्लाई पहुंचाता है। वहीं, हरियाणा एग्रो से दाल, दलिया, मसाले सहित अन्य सामग्री पहुंचाई जाती है। सभी विद्यालयों में सप्लाई दो से तीन महीने की दी जाती है। हालांकि विद्यालयों के पास भंडार के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, लेकिन नियमित रूप से सप्लाई न आने के कारण शिक्षक एक साथ सामान ले लेते हैं।
विज्ञापन

करीब एक महीने से विद्यालयों में राशन खत्म हो गया है और अभी तक दोबारा सप्लाई नहीं भेजी गई है।करीब तीन महीने पहले विद्यालयों में सप्लाई दी गई थी, इसके बाद अब सामान खत्म हो गया है और मिड-डे-मील वर्कर्स व शिक्षक सामान की राह देख रहे हैं, लेकिन सप्लाई आने की उन्हें सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। कुक और शिक्षक विभाग से मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई स्पष्ट उत्तर नहीं मिल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले के 592 प्राथमिक पाठशाला और 213 माध्यमिक विद्यालयों में मिड-डे-मील बनता है। जिले के इन विद्यालयों में करीब 62,000 विद्यार्थी हैं। प्राथमिक पाठशाला 32 हजार और माध्यमिक विद्यालय में 28 हजार बच्चे हैं। वहीं, करीब 2,000 बच्चे बाल वाटिका-3 में हैं।
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के प्रधान संजय कांबोज ने बताया कि मिड-डे-मील के लिए पहले शिक्षक स्वयं राशन खरीदते थे। शिक्षकराशन की गुणवत्ता जांच परखने के बाद खरीदते थे। अब सप्लाई सरकार की ओर से दी जा रही है। गेहूं व चावल एफसीआई और अन्य राशन हरियाणा एग्रो की ओर से दिया जाता है। पूरा सामान पहले से ही पैक होता है, तो इसकी गुणवत्ता नहीं परखी जा सकती है। कई बार खराब सामान भी विद्यालयों में आया है, जिसे बाद में बदलवाया जाता है। संवाद

विद्यालयों में मिड-डे-मील का राशन खत्म हो गया है। इसके लिए डिमांड भेज जा चुकी है। एजेंसी के अधिकारियों से इसके बारे में बात की गई है। जल्द ही सप्लाई शुरू हो जाएगी। ऐसी परिस्थिति में शिक्षक अपने स्तर राशन खरीद सकते हैं। - अशोक राणा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed