फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   No place to store rice in warehouses, crushing stopped

Yamuna Nagar News: गोदामों में चावल रखने की जगह नहीं, कुटाई बंद

Sat, 01 Feb 2025 02:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sat, 01 Feb 2025 02:10 AM IST
विज्ञापन
No place to store rice in warehouses, crushing stopped
यमुनानगर। एफसीआई के गोदामों में चावल रखने की जगह न होने से जिले के राइस मिलरों की परेशानी बढ़ गई है। करीब 10 दिनों से राइस मिलों में चावल की कुटाई का कार्य बंद है।
विज्ञापन

चावल लगाने के लिए जगह उपलब्ध कराने के लिए राइस मिलर डीसी और अन्य अधिकारियों से मिल चुके हैं। सभी जगह से आश्वासन तो मिला लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं निकला। यमुनानगर में कुल 184 राइस मिल हैं और धान के गत सीजन में जिले की 13 अनाज मंडियों में कुल 609776 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार राइस मिलों में अभी तक 50 प्रतिशत धान की कुटाई हो चुकी है। कुछ दिन तक सर्दी व कोहरे की वजह से धान कुटाई का कार्य बाधित रहा था। मौसम साफ होने के बाद राइस मिलों में धान की कुटाई ने जोर पकड़ा था। कुटाई में तेजी आई तो एफसीआई की तरफ से गोदामों में चावल रखने की जगह उपलब्ध न होने का हवाला दिया गया। इससे राइस मिलरों की दिक्कत बढ़ गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

राइस मिलरों ने चावल से भरे जो ट्रक भेजे थे वह वापस लौटा दिए गए। अब इस चावल को राइस मिलों में ही स्टॉक करना पड़ रहा है। राइस मिलरों का कहना है कि इससे चावल के खराब होने का खतरा बना हुआ है। चावल को बचाने के लिए उन्हें कई जतन करने पड़ रहे हैं। यदि चावल खराब हो गया तो इसका सारा बोझ राइस मिलर पर पड़ेगा। अधिकारियों के मुताबिक गोदामों से चावल का उठान धीमी गति से हो रहा है। जिससे गोदाम भरे पड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed