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Yamuna Nagar News: जंगल की सुरक्षा के लिए वन रक्षक न दरोगा, खतरे में वनसंपदा
Sat, 07 Jun 2025 03:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 07 Jun 2025 03:23 AM IST
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सुरेश सैनी
यमुनानगर। वन विभाग में वन रक्षकों की कमी के कारण जिले की वन संपदा खतरे में है। कर्मचारियों की कमी का फायदा खैर तस्करों को मिल रहा है। जंगल में गश्त करने वाले कर्मचारी न होने से तस्कर जंगलों से बेशकीमती खैर की लकड़ी काटकर सरकार को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं विभाग के पास तस्करों के संबंध में जानकारी नहीं होने सिवाय एफआईआर दर्ज कराने के कुछ नहीं बचता। आंकडों के मुताबिक विभाग में कुल 218 में से 128 पद रिक्त पड़े हैं, जिनमें 102 में से 70 पद वन रक्षकों के हैं। कर्मचारियों की कमी के चलते विभाग को गश्त के लिए लगभग 410 रुपये 120 पैसे के हिसाब से भाड़े के मजूदरों का सहारा लेना पड़ता है। जानकारी के अनुसार जिले में चार रेंज हैं इनमें कलेसर, छछरौली, साढौरा व जगाधरी शामिल है। इनमें जंगलों की रखवाली के लिए एक गार्ड पर दो से तीन बीट है। बीट में गार्ड के पास दो व तीन जंगल होते हैं जिनमें गश्त करनी पड़ती है, जबकि जंगलों में नील गाय, जंगली सुअर, बंदर, जंगली हाथी, जंगली बिल्ली, तेंदुआ के अलावा और भी कई वन्य प्राणी रहते हैं। ऐसे में जान आफत में बनी रहती है। संवाद
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यमुनानगर। वन विभाग में वन रक्षकों की कमी के कारण जिले की वन संपदा खतरे में है। कर्मचारियों की कमी का फायदा खैर तस्करों को मिल रहा है। जंगल में गश्त करने वाले कर्मचारी न होने से तस्कर जंगलों से बेशकीमती खैर की लकड़ी काटकर सरकार को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं विभाग के पास तस्करों के संबंध में जानकारी नहीं होने सिवाय एफआईआर दर्ज कराने के कुछ नहीं बचता। आंकडों के मुताबिक विभाग में कुल 218 में से 128 पद रिक्त पड़े हैं, जिनमें 102 में से 70 पद वन रक्षकों के हैं। कर्मचारियों की कमी के चलते विभाग को गश्त के लिए लगभग 410 रुपये 120 पैसे के हिसाब से भाड़े के मजूदरों का सहारा लेना पड़ता है। जानकारी के अनुसार जिले में चार रेंज हैं इनमें कलेसर, छछरौली, साढौरा व जगाधरी शामिल है। इनमें जंगलों की रखवाली के लिए एक गार्ड पर दो से तीन बीट है। बीट में गार्ड के पास दो व तीन जंगल होते हैं जिनमें गश्त करनी पड़ती है, जबकि जंगलों में नील गाय, जंगली सुअर, बंदर, जंगली हाथी, जंगली बिल्ली, तेंदुआ के अलावा और भी कई वन्य प्राणी रहते हैं। ऐसे में जान आफत में बनी रहती है। संवाद