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Yamuna Nagar News: एनएचएम की महिला कर्मचारियों ने लगाई हड़ताल की मेहंदी
Tue, 06 Aug 2024 05:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 06 Aug 2024 05:17 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को 11वें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय पर धरना देते हुए नारेबाजी की। सभी कर्मचारियों ने सामूहिक उपवास रखा। वहीं धरना स्थल पर बैठी महिला कर्मचारियों ने तीज के उपलक्ष्य में हाथों पर हड़ताल की मेहंदी लगाई।
कर्मचारियों ने अपने हाथों पर मेहंदी से फूल या कोई डिजाइन नहीं बल्कि हड़ताल के स्लोगन लिखे। उन्होंने मेहंदी से लिखा एनएचएम कर्मचारियों को पक्का करो, एनएचएम एकता जिंदाबाद आदि लिखा। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाता तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
हड़ताल का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर साफ देखा जा रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत एंबुलेंस सेवा व लैब टेस्ट में हो रहा है। एंबुलेंस चलाने वाले सभी कर्मचारी हड़ताल पर हैं। डेलीवेज व कौशल रोजगार निगम के तहत रखे गए ड्राइवरों से एंबुलेंस चलवाई जा रही है। वहीं सभी एंबुलेंस में इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन यानि ईएमटी भी नहीं है। इससे एंबुलेंस चलाने वाले ड्राइवरों को भी परेशानी हो रही है।
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बिना ईएमटी के एंबुलेंस होने से ड्राइवर को बार-बार मरीज की सेहत पर भी नजर रखनी पड़ रही है। ड्राइवर का आधा ध्यान सड़क पर और आधा मरीज पर है। सबसे ज्यादा दिक्कत तब आ रही है जब घायल अवस्था में कोई लावारिस मिलता है और उसे गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर करना पड़ता है। वहीं गाड़ी में ईएमटी भी नहीं होता। ऐसी स्थिति में मरीज के साथ कोई होता भी नहीं है।
इतने लंबे रास्ते पर मरीज को बचाने से लेकर एंबुलेंस चलाने तक की सारी जिम्मेदारी चालक की है। वहीं लावारिस मरीज को पीजीआई में भर्ती भी ड्राइवर को ही करवाना पड़ रहा है। उसे अपनी एंबुलेंस छोड़ कर पहले पीजीआई में पर्ची बनवानी पड़ती है और फिर उसे भर्ती कराना पड़ रहा है। क्योंकि बिना भर्ती हुए मरीज को पीजीआई के डॉक्टर देखते तक नहीं।
वहीं लैब में लोगों के रक्त, पेशाब की जांच करने वाले कर्मचारी भी हड़ताल पर हैं। हड़ताल पर होने से लैब में टेस्ट प्रभावित हो रहे हैं। समय पर टेस्ट न होने मरीज परेशान हैं। रेगुलर कर्मचारियों से किसी तरह टेस्ट कराए जा रहे हैं। कई बार तो मरीजों को टेस्ट की रिपोर्ट भी अगले दिन ही मिलती है।
एनएचएम कर्मचारी एसोसिएशन के जिला प्रधान अमित गुर्जर का कहना है कि जिस तरह सरकार अपनी जिद पर अडिग है उसी तरह एनएचएम कर्मचारी भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तब तक कर्मचारियों की हड़ताल खत्म नहीं होगी। सिविल सर्जन कार्यालय पर धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
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यमुनानगर। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को 11वें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय पर धरना देते हुए नारेबाजी की। सभी कर्मचारियों ने सामूहिक उपवास रखा। वहीं धरना स्थल पर बैठी महिला कर्मचारियों ने तीज के उपलक्ष्य में हाथों पर हड़ताल की मेहंदी लगाई।
कर्मचारियों ने अपने हाथों पर मेहंदी से फूल या कोई डिजाइन नहीं बल्कि हड़ताल के स्लोगन लिखे। उन्होंने मेहंदी से लिखा एनएचएम कर्मचारियों को पक्का करो, एनएचएम एकता जिंदाबाद आदि लिखा। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाता तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
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हड़ताल का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर साफ देखा जा रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत एंबुलेंस सेवा व लैब टेस्ट में हो रहा है। एंबुलेंस चलाने वाले सभी कर्मचारी हड़ताल पर हैं। डेलीवेज व कौशल रोजगार निगम के तहत रखे गए ड्राइवरों से एंबुलेंस चलवाई जा रही है। वहीं सभी एंबुलेंस में इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन यानि ईएमटी भी नहीं है। इससे एंबुलेंस चलाने वाले ड्राइवरों को भी परेशानी हो रही है।
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बिना ईएमटी के एंबुलेंस होने से ड्राइवर को बार-बार मरीज की सेहत पर भी नजर रखनी पड़ रही है। ड्राइवर का आधा ध्यान सड़क पर और आधा मरीज पर है। सबसे ज्यादा दिक्कत तब आ रही है जब घायल अवस्था में कोई लावारिस मिलता है और उसे गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर करना पड़ता है। वहीं गाड़ी में ईएमटी भी नहीं होता। ऐसी स्थिति में मरीज के साथ कोई होता भी नहीं है।
इतने लंबे रास्ते पर मरीज को बचाने से लेकर एंबुलेंस चलाने तक की सारी जिम्मेदारी चालक की है। वहीं लावारिस मरीज को पीजीआई में भर्ती भी ड्राइवर को ही करवाना पड़ रहा है। उसे अपनी एंबुलेंस छोड़ कर पहले पीजीआई में पर्ची बनवानी पड़ती है और फिर उसे भर्ती कराना पड़ रहा है। क्योंकि बिना भर्ती हुए मरीज को पीजीआई के डॉक्टर देखते तक नहीं।
वहीं लैब में लोगों के रक्त, पेशाब की जांच करने वाले कर्मचारी भी हड़ताल पर हैं। हड़ताल पर होने से लैब में टेस्ट प्रभावित हो रहे हैं। समय पर टेस्ट न होने मरीज परेशान हैं। रेगुलर कर्मचारियों से किसी तरह टेस्ट कराए जा रहे हैं। कई बार तो मरीजों को टेस्ट की रिपोर्ट भी अगले दिन ही मिलती है।
एनएचएम कर्मचारी एसोसिएशन के जिला प्रधान अमित गुर्जर का कहना है कि जिस तरह सरकार अपनी जिद पर अडिग है उसी तरह एनएचएम कर्मचारी भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तब तक कर्मचारियों की हड़ताल खत्म नहीं होगी। सिविल सर्जन कार्यालय पर धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।