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बिजली दरों में वृद्धि और निजीकरण पर भड़के लोग
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
Updated Sat, 24 Oct 2015 12:24 AM IST
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बिजली दरों में वृद्धि और सब यूनिटों के निजीकरण को लेकर आल इंडिया उद्योग व्यापारमंडल हरियाणा के बैनर तले लोगों ने लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया।
मंडल के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र कुमार मित्तल की अध्यक्षता में नायब तहसीलदार जयभगवान को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। नायब तहसीलदार के बाद विद्युत निगम के एसई एचपी शर्मा को भी ज्ञापन सौंपा।
आल इंडिया उद्योग व्यापारमंडल हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र कुमार ने कहा कि बिजली निगम ने तानाशाही रवैया अपना रखा है। सरकार द्वारा सात मई को बिजली के दामों में बढ़ोतरी के आदेश दिए थे, जो अप्रैल में लागू किए गए हैं।
बिजली की दरों में 8.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी लेकिन स्लैब सिस्टम बदले जाने के कारण उपभोक्ताओं के बिलों में 40 से 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई। बिजली निगम का लापरवाह रवैया तब बिल्कुल साफ हो गया जब स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का बिजली बिल 55 हजार रुपये आया।
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ये रखी मांगें
अधिक आए बिजली बिलों को जल्द से जल्द वापस किया जाए।
बिजली के बिलों की लेट फीस बंद की जाए।
बिलों में फ्यूल सरचार्ज खत्म किया जाए।
इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी खत्म की जाए।
स्लैब प्रणाली खत्म की जाए।
बिलों के भरने की काउंटर संख्या बढ़ाई जाए, महिलाओं व बुजुर्गों के लिए अलग से काउंटर बनाए जाएं।
बिजली निगम का निजीकरण बंद किया जाए।
मीटर सरचार्ज खत्म किया जाए।
नए बिजली कनेक्शन लेते समय सिक्योरिटी खत्म की जाए।
घरों के ऊपर से गुजर रहे तार को हटाया जाए।
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मंडल के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र कुमार मित्तल की अध्यक्षता में नायब तहसीलदार जयभगवान को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। नायब तहसीलदार के बाद विद्युत निगम के एसई एचपी शर्मा को भी ज्ञापन सौंपा।
आल इंडिया उद्योग व्यापारमंडल हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र कुमार ने कहा कि बिजली निगम ने तानाशाही रवैया अपना रखा है। सरकार द्वारा सात मई को बिजली के दामों में बढ़ोतरी के आदेश दिए थे, जो अप्रैल में लागू किए गए हैं।
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बिजली की दरों में 8.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी लेकिन स्लैब सिस्टम बदले जाने के कारण उपभोक्ताओं के बिलों में 40 से 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई। बिजली निगम का लापरवाह रवैया तब बिल्कुल साफ हो गया जब स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का बिजली बिल 55 हजार रुपये आया।
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अधिक आए बिजली बिलों को जल्द से जल्द वापस किया जाए।
बिजली के बिलों की लेट फीस बंद की जाए।
बिलों में फ्यूल सरचार्ज खत्म किया जाए।
इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी खत्म की जाए।
स्लैब प्रणाली खत्म की जाए।
बिलों के भरने की काउंटर संख्या बढ़ाई जाए, महिलाओं व बुजुर्गों के लिए अलग से काउंटर बनाए जाएं।
बिजली निगम का निजीकरण बंद किया जाए।
मीटर सरचार्ज खत्म किया जाए।
नए बिजली कनेक्शन लेते समय सिक्योरिटी खत्म की जाए।
घरों के ऊपर से गुजर रहे तार को हटाया जाए।