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अपनी धरोहर को संभालें युवा : डॉ मनदीप
यमुनानगर/ब्यूराो
Updated Fri, 26 Feb 2016 12:37 AM IST
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गुरू नानक खालसा कालेज के स्थापना दिवस संबंधित कार्यक्रमों की श्रृंखला में वीरवार को दस्तार दिवस का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न विद्यालयों व महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। कालेज के प्राचार्य डा. मनदीप सिंह ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पगड़ी, दस्तार व दुमाला हमारी सभ्यता व संस्कृति का दर्पण है।
इसमें देश की विभिन्नता में एकता और अखंडता के दर्शन होते हैं। लेकिन आज फैशन परस्ती के इस युग में हमारी युवा पीढ़ी अपने देश की सभ्यता और संस्कृति से दूर होती जा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वह अपनी धरोहर को संभालने का प्रयत्न करें। पंजाबी विभाग के अध्यक्ष डा एनएस विर्क ने कहा कि दस्तार सिख की पहचान है और उसके किरदार का हिस्सा है।
खालसा षिक्षण संस्थाओं के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह जौहर ने कहा कि युवा पीढ़ी को नशों का त्याग करना चाहिए। निर्णायकों की भूमिका पर्यावरण विभाग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह, गुरू गोबिंद सिंह स्टडी सर्कल के अध्यक्ष अजेंद्र पाल सिंह तथा इंद्रजीत सिंह रोमी ने निभाई। कार्यक्रम में रणजोत सिंह तथा जपकिरत सिंह ने कविताओं के माध्यम से दस्तार सजाने के महत्व की जानकारी दी तथा विद्यार्थियों ने मार्शल आर्ट व गतका का प्रदर्शन किया।
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नवदीप ने बांधी सबसे बढिया पगड़ी
पगड़ी सजाने की प्रतियोगिता सीनियर ग्रुप: गुरूनानक खालस कालेज के नवदीप सिंह ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि इसी कालेज के अमनदीप सिंह द्वितीय तथा रमनदीप सिंह तृतीय रहे।
पगड़ी सजाने की प्रतियोगिता जूनियर ग्रुप: गुरू हरकिशन पब्लिक स्कूल के गुरसेवक सिंह प्रथम, श्री गुरूनानक खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल के हरप्रीत सिंह द्वितीय तथा गुरू हरकिशन पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी प्रभजोत सिंह तृतीय स्थान पर रहे।
दुमाला सजाने की प्रतियोगिता:
गुरूनानक खालसा स्कूल के खुशविंद्र सिंह प्रथम तथा सर्वजीत सिंह द्वितीय रहे। जबकि गुरू हरकिशन पब्लिक स्कूल के करणप्रीत सिंह तृतीय रहे।
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इसमें देश की विभिन्नता में एकता और अखंडता के दर्शन होते हैं। लेकिन आज फैशन परस्ती के इस युग में हमारी युवा पीढ़ी अपने देश की सभ्यता और संस्कृति से दूर होती जा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वह अपनी धरोहर को संभालने का प्रयत्न करें। पंजाबी विभाग के अध्यक्ष डा एनएस विर्क ने कहा कि दस्तार सिख की पहचान है और उसके किरदार का हिस्सा है।
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खालसा षिक्षण संस्थाओं के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह जौहर ने कहा कि युवा पीढ़ी को नशों का त्याग करना चाहिए। निर्णायकों की भूमिका पर्यावरण विभाग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह, गुरू गोबिंद सिंह स्टडी सर्कल के अध्यक्ष अजेंद्र पाल सिंह तथा इंद्रजीत सिंह रोमी ने निभाई। कार्यक्रम में रणजोत सिंह तथा जपकिरत सिंह ने कविताओं के माध्यम से दस्तार सजाने के महत्व की जानकारी दी तथा विद्यार्थियों ने मार्शल आर्ट व गतका का प्रदर्शन किया।
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नवदीप ने बांधी सबसे बढिया पगड़ी
पगड़ी सजाने की प्रतियोगिता सीनियर ग्रुप: गुरूनानक खालस कालेज के नवदीप सिंह ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि इसी कालेज के अमनदीप सिंह द्वितीय तथा रमनदीप सिंह तृतीय रहे।
पगड़ी सजाने की प्रतियोगिता जूनियर ग्रुप: गुरू हरकिशन पब्लिक स्कूल के गुरसेवक सिंह प्रथम, श्री गुरूनानक खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल के हरप्रीत सिंह द्वितीय तथा गुरू हरकिशन पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी प्रभजोत सिंह तृतीय स्थान पर रहे।
दुमाला सजाने की प्रतियोगिता:
गुरूनानक खालसा स्कूल के खुशविंद्र सिंह प्रथम तथा सर्वजीत सिंह द्वितीय रहे। जबकि गुरू हरकिशन पब्लिक स्कूल के करणप्रीत सिंह तृतीय रहे।