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न डाक्टर पूरे, न स्टाफ, न संसाधन...कैसे होगा मरीजों का इलाज
ब्यूरो/अमर उजाला/यमुनानगर
Updated Wed, 03 Feb 2016 12:20 AM IST
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ व संसाधनों की कमी मरीजों के इलाज में बाधा बनी हुई है। इस कारण कई बार मरीजों को जगाधरी सिविल अस्पताल रेफर करना पड़ता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंर्तगत 27 गांव आते हैं। इन गांवों की आबादी करीब 40 हजार है। स्वास्थ्य केंद्र में नर्सिंग स्टाफ व चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों की वजह से रोगियो को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य केंद्र मे स्टाफ नर्स के पांच पद है, लेकिन सभी पद रिक्त पड़े हैं।
वहीं, चतुर्थ श्रेणी के 19 पद हैं, जिसमें 14 खाली पड़े हैं। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मे एक्सरे मशीन व अल्ट्रासाउंड भी नहीं है। स्वास्थ्य केंद्र में आपरेशन थियेटर तो है, लेकिन सर्जन नहीं है। यहां ओपीडी में प्रतिदिन करीब 200 मरीज आते हैं। डाक्टर व चिकित्सकीय उपकरणों की कमी के कारण मरीजों का यहां इलाज नहीं हो पा रहा है। इसकी वजह से रोगियों को जगाधरी रेफर करना पड़ता है या वे निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर होते हैं।
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स्थानीय निवासी सुरेश कुमार प्रजापति, गुरमीत सिंह, रामपाल व ओमप्रकाश ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मे डाक्टर व स्टाफ की कमी लंबे समय से है। यहां सर्जन की बहुत जरूरत है। एक्सरे मशीन व अल्ट्रासाउंड न होने से मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में जाने को मजबूर होना पड़ता है। वहां ये सुविधाएं महंगी होने के कारण गरीब का इलाज नहीं हो पाता।
स्वास्थ्य केंद्र के बाहर गंदगी के ढेर
स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य द्वार के साथ लोगों ने नाजायज कब्जे कर गंदगी के ढेर लगाए हुए है। इससे केंद्र के आसपास वातावरण प्रदूषित रहता है। इससे यहां आने वाले मरीजों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है।
वर्जन-
स्टाफ की कमी के बारे में सीएमओ को सूचित कर दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द स्टाफ की कमी को दूर कर दिया जाएगा। अस्पताल के बाहर नाजायज कब्जे करने वालों को यहां से कब्जे हटाने को कहा गया है। यदि इन लोगों ने कब्जे नहीं हटाए तो ग्राम पंचायत को लिखित में देंगे।
डॉ. राजीव दुआ, एसएमओ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंर्तगत 27 गांव आते हैं। इन गांवों की आबादी करीब 40 हजार है। स्वास्थ्य केंद्र में नर्सिंग स्टाफ व चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों की वजह से रोगियो को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य केंद्र मे स्टाफ नर्स के पांच पद है, लेकिन सभी पद रिक्त पड़े हैं।
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वहीं, चतुर्थ श्रेणी के 19 पद हैं, जिसमें 14 खाली पड़े हैं। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मे एक्सरे मशीन व अल्ट्रासाउंड भी नहीं है। स्वास्थ्य केंद्र में आपरेशन थियेटर तो है, लेकिन सर्जन नहीं है। यहां ओपीडी में प्रतिदिन करीब 200 मरीज आते हैं। डाक्टर व चिकित्सकीय उपकरणों की कमी के कारण मरीजों का यहां इलाज नहीं हो पा रहा है। इसकी वजह से रोगियों को जगाधरी रेफर करना पड़ता है या वे निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर होते हैं।
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स्थानीय निवासी सुरेश कुमार प्रजापति, गुरमीत सिंह, रामपाल व ओमप्रकाश ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मे डाक्टर व स्टाफ की कमी लंबे समय से है। यहां सर्जन की बहुत जरूरत है। एक्सरे मशीन व अल्ट्रासाउंड न होने से मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में जाने को मजबूर होना पड़ता है। वहां ये सुविधाएं महंगी होने के कारण गरीब का इलाज नहीं हो पाता।
स्वास्थ्य केंद्र के बाहर गंदगी के ढेर
स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य द्वार के साथ लोगों ने नाजायज कब्जे कर गंदगी के ढेर लगाए हुए है। इससे केंद्र के आसपास वातावरण प्रदूषित रहता है। इससे यहां आने वाले मरीजों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है।
वर्जन-
स्टाफ की कमी के बारे में सीएमओ को सूचित कर दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द स्टाफ की कमी को दूर कर दिया जाएगा। अस्पताल के बाहर नाजायज कब्जे करने वालों को यहां से कब्जे हटाने को कहा गया है। यदि इन लोगों ने कब्जे नहीं हटाए तो ग्राम पंचायत को लिखित में देंगे।
डॉ. राजीव दुआ, एसएमओ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र