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Yamuna Nagar News: नव वर्ष 2026 में विकास की बड़ी सौगात, न्याय से लेकर स्वास्थ्य और संस्कृति तक बदल जाएगी तस्वीर

Thu, 01 Jan 2026 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Thu, 01 Jan 2026 12:57 AM IST
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New Year 2026 brings a big development gift, from justice to health and culture, the picture will change.
यमुनानगर। नव वर्ष 2026 यमुनानगर जिले के लिए कई बड़ी योजनाओं की सौगात लेकर आएगा। नए साल में जिले के लोगों को न्यायिक सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, प्रशासनिक व्यवस्था, सांस्कृतिक गतिविधियों और बुनियादी ढांचे के रूप में ऐसे उपहार मिल सकते हैं। जिनका इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। जिले में कई परियोजनाएं अंतिम चरण में हैं, जबकि कुछ का काम नए साल में रफ्तार पकड़ेगा। इन योजनाओं से शहर और ग्रामीण क्षेत्र दोनों को सीधा लाभ मिलेगा।
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न्याय व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
नए साल में जगाधरी स्थित जिला न्यायालय का विस्तार किया जाएगा। इस पर करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से पांच मंजिला आधुनिक सुविधाओं वाला नया भवन बनाया जाएगा। इस भवन में नौ नए कोर्ट रूम होंगे, जिससे मामलों की सुनवाई के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सकेगा। वर्तमान समय में यहां 20 कोर्ट हैं और बढ़ते मुकदमों के कारण जगह की कमी महसूस की जा रही है। यहां बनने वाले नए भवन में छह लिफ्ट लगेंगी। इसके अलावा महिला और पुरुष बंदियों के लिए अलग-अलग व्यवस्था होगी। इससे वादियों, वकीलों और न्यायिक कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
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जिला सचिवालय में बढ़ेगी कार्यक्षमता
करीब 25 साल पुराने जिला सचिवालय भवन की जगह की समस्या भी नए साल में दूर हो जाएगी। सचिवालय के ऊपर चौथे तल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जिस पर लगभग 6.79 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। चौथा तल बनने से कर्मचारियों और अधिकारियों को बैठने के लिए पर्याप्त कमरे मिलेंगे और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को सुरक्षित व व्यवस्थित रखने में आसानी होगी। वर्ष 2000 में बने इस भवन में बढ़ते प्रशासनिक कामकाज के चलते लंबे समय से विस्तार की जरूरत महसूस की जा रही थी।
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संस्कृति को मिलेगा नया मंच:
नए साल में शहरवासियों को आधुनिक सांस्कृतिक केंद्र भी मिल सकता है। सेक्टर-17 में नगर निगम की ओर से 52.87 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा ऑडिटोरियम और ओपन एयर थिएटर जिले की सांस्कृतिक पहचान को नया आयाम देगा। फिलहाल करीब 37 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और सितंबर 2026 तक इसके तैयार होने की उम्मीद है। इंडोर ऑडिटोरियम में एक हजार दर्शकों के बैठने की सुविधा होगी, जबकि ओपन एयर थिएटर में 500 लोग एक साथ कार्यक्रम देख सकेंगे। यहां 200 कारों की पार्किंग सुविधा भी होगी।
मेडिकल कॉलेज बनेगा सबसे बड़ी सौगात
स्वास्थ्य के क्षेत्र में जिले को नव वर्ष में सबसे बड़ी सौगात पांजूपुर में बन रहा गुरु तेग बहादुर साहिब सरकारी मेडिकल कॉलेज की मिलेगी। करीब 1200 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस मेडिकल कॉलेज का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। नर्सिंग छात्रावास ब्लॉक 95 प्रतिशत और अस्पताल ब्लॉक 70 प्रतिशत तक तैयार हो चुका है। शैक्षणिक ब्लॉक का निर्माण जारी है। मार्च 2026 के अंत तक इसके पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद एमबीबीएस की 100 सीटों पर प्रवेश शुरू हो जाएगा। साथ ही 500 बेड का अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज और फिजियोथेरेपी संस्थान की भी सुविधा होगी। इससे न केवल इलाज के लिए बाहर जाने की मजबूरी खत्म होगी, बल्कि जिले में चिकित्सा शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।
ग्रामीण इलाकों को मिलेगी स्वास्थ्य राहत:
नए साल में साढौरा के लोगों को भी 50 बेड के नए अस्पताल की सौगात मिलने जा रही है। करीब 33 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह अस्पताल 18 कनाल 18 मरला भूमि पर तैयार किया जा रहा है। इस अस्पताल पर साढौरा खंड के 80 गांवों की करीब 90 हजार आबादी निर्भर है। भवन का बाहरी हिस्सा लगभग पूरा हो चुका है और शेष कार्य तेजी से चल रहा है। इस अस्पताल के लिए खंड के लोगों को काफी संघर्ष करना पड़ा था।
सरस्वतीनगर के अकबरपुर गांव में अधूरे पड़े 30 बेड के सीएचसी का निर्माण भी नए साल में पूरा हो जाएगा। 2018 में तत्कालीन सीएम ने यहां सीएचसी बनाने की घोषणा की थी। अधूरे भवन को पूरा करने पर करीब सवार तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे। सीएचसी निर्माण का आधा काम कर चुके ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट किए जाने के बाद दो साल से इसका काम बंद पड़ा था। ठेकेदार ने पिल्लर खड़े करके ऊपर लेंटर डाल दिया। उस समय तक करीब 1.99 करोड़ रुपये स्वास्थ्य विभाग इसके लिए जारी कर चुका था। काफी समय से लोगों द्वारा इसका निर्माण पूरा कराए जाने की मांग की जा रही थी। इसलिए अब 3.28 करोड़ रुपये का दोबारा टेंडर लगाया गया था। भवन तैयार होने के बाद डॉक्टरों और स्टाफ की तैनाती होगी, जिससे ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा।
नहर किनारे घाट होंगे पक्के:
सिंचाई विभाग द्वारा पश्चिमी यमुना नहर के चार घाट पक्के बनाए जाएंगे। इन पर दो करोड़ 93,569 रुपये खर्च आएगा। आगामी छह माह में यह काम पूरा हो जाएगा। पक्के घाट करने के साथ चारों स्थानों पर नहर में जाने के लिए सीढ़ियां बनाई जाएगी। गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए पक्के घाटों पर जंजीरें लगेंगी। घाट पर महिला व पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालयों का भी प्रबंध होगा। परियोजना के तहत पश्चिमी यमुना नहर के हमीदा हेड के पास, बाडी माजरा पूर्वी घाट, बाडी माजरा पश्चिमी घाट व चिट्टा मंदिर के पास के पक्के घाटों का निर्माण होगा। जिला में सैकड़ों प्लाईवुड व मेटल फैक्टरियां हैं जिनमें बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बंगाल समेत अन्य राज्यों से आकर काम करते हैं। यह सभी लोग छठ पर्व धूमधाम से मनाते हैं।
महाराणा प्रताप चौक (पुराना कमानी चौक) से विश्वकर्मा चौक के बीच पुराना नेशनल हाईवे के बीच रेलवे ओवरब्रिज के नीचे अंडरपास का कार्य इसी साल शुरू हाेगा। अंडरपास बनाने पर करीब एक करोड़ छह लाख रुपये खर्च आना है। आरओबी से नीचे उतरते समय ढलान अधिक होने से वाहन बहुत तेज गति से महाराणा प्रताप चौक की तरफ आते हैं। इससे हादसे बहुत ज्यादा हो रहे हैं। महाराणा प्रताप चौक से रेलवे ओवरब्रिज के बीच का हिस्सा ब्लैक स्पॉट है। इंडस्ट्रियल एरिया, विजय कॉलोनी से कुलदीप नगर व गांधी नगर की तरफ दर्जनों कॉलोनियां हैं। जिनमें 50 हजार से ज्यादा लोग रहते हैं। यहां 2019 से अब तक 35 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इसलिए यहां अंडरपास बनाया जाना है।
एसटीपी का पूरा होगा निर्माण
उपमंडल व्यासपुर में गंदे पानी की निकासी के लिए सीवरेज लाइन डाली गई है। सीवरेज को डले करीब तीन साल हो चुके हैं। साढौरा रोड पर अजात आश्रम के सामने ककड़ौनी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। यह कार्य भी इस साल में पूरा होगा। नालियों का गंदा पानी सीवरेज के जरिये एसटीपी तक आएगा। जिसके बाद ट्रीट किए गए पानी को सरस्वती नदी में छोड़ा जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 10 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च आएगा।
41 हजार एलईडी लाइट लगेंगी
नगर निगम की ओर से शहर के सभी 22 वार्डों में 41 हजार नई स्मार्ट एलईडी लाइटें लगाई जा रही हैं। यह कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा होना है। लगभग आधे वार्डों में एलईडी लाइटें लग चुकी हैं। बाकी वार्डों में लाइट लगाने का कार्य चल रहा है। लाइट न लगने से फिलहाल वार्डों में अंधेरा है। कई बार हाउस की बैठकों में भी लाइट लगाने का मामला उठ चुका है।
रिजर्व वायर से होगी पानी की बचत:
आदिबद्री बांध परियोजना के अंतर्गत सरस्वती नदी की धरा को पुन: प्रवाहित करने के इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। यह कार्य भी इसी साल में पूरा हो जाएगा। वहीं खंड बिलासपुर के रामपुर कोंबियान, रामपुर होड़ियान और छलौर तीन गांवों की कुल लगभग सवा तीन सौ एकड़ पंचायत भूमि में सरस्वती रिजर्व वायर (जलाशय) का निर्माण चल रहा है।

नया हाईवे आसान करेगा सफर:
कैल से ताजेवाला के 32 किलोमीटर के हाईवे का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है। जो इस साल में पूरा हो जाएगा। इस हाइवे के बनने से हरियाणा, हिमाचल, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश से आने व जाने वाले लोगों को भारी लाभ मिलेगा। चंडीगढ़ से वाया जगाधरी आने वाले लोगों को भी 40 से 45 मिनट समय की बचत होगी। कैल से ताजेवाला हाइवे लगभग 1200 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार होने वाला नेशनल हाईवे-907 बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद वाहन चालकों की राह आसान हो जाएगी।
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