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स्टोर में ही कबाड़ हो गए सात लाख के यूरिनल क्योस्क
अमर उजाला ब्यूरो/यमुनानगर
Updated Wed, 13 Jan 2016 12:47 AM IST
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एक तरफ नगर निगम में सफाई व्यवस्था के लिए जरूरी साधनों की कमी है तो दूसरी तरफ नए साजो-सामान निगम के स्टोर में बिना इस्तेमाल के कंडम हो रहे हैं। शहर मेें विभिन्न स्थानों पर रखने के लिए करीब चार वर्ष पूर्व खरीदे गए रेडीमेड शौचालय आज तक स्टोर से बाहर ही नहीं निकाले गए। वहीं शहर में कई ऐसी जगह हैं, जहां इनकी जरूरत महसूस की जा रही है।
चार साल पहले इंटीग्रेटेड स्लम हाउसिंग डेवलपमेंट प्रोगाम के तहत शहर के विभिन्न स्थानों पर गंध रहित शौचालय रखने के लिए योजना बनाई गई थी। इसके लिए निरगंध जेंटस यूरिनल क्योस्क मंगवाए गए थे। दिल्ली की एक फर्म से 10 यूरिनल क्योस्क करीब सात लाख रुपये में खरीदे गए थे। फर्म द्वारा यूरिनल क्योस्क की सप्लाई किए जाने के बाद इन्हें नगर निगम के स्टोर में रखवा दिया गया। इनमें से एक क्योस्क यमुनानगर बस अड्डे पर रखवाया गया, जबकि शेष नौ क्योस्क का कहीं भी इस्तेमाल नहीं किया गया। तब से लेकर आज तक ये क्योस्क स्टोर में पड़े हुए हैं। खुले आसमान के नीचे पड़े होने से ये खराब हो चुके हैं और कबाड़ बन गए हैं।
शहर में इस्तेमाल हो सकते हैं क्योस्क
शहर में कई स्थानों पर इन शौचालयों को इस्तेमाल में लाया जा सकता है। इंडस्ट्रियल एरिया स्थित सब्जी मंडी, रादौर रोड बाजार, जगाधरी वर्कशाप रोड, सिटी सेंटर के आसपास सहित बाजारों में शौचालयों की जरूरत बनी हुई है। इन क्योस्क का अधिक रख-रखाव भी नहीं है।
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नई हत्था रेहड़ियां कर दी गई थी नीलाम
प्रदेश में इनेलो शासन के दौरान शहर से कूड़ा उठाने के लिए करीब दो सौ हत्था रेहड़ियां खरीदी गई थी। इन रेहड़ियों का वजन अधिक होने के कारण इनका इस्तेमाल नहीं हो पाया। इस कारण रेहड़ियों को नगर निगम के स्टोर में रखवा दिया गया था। कई सालों तक ये स्टोर में ही पड़ी रही। बाद में इन रेहड़ियों की नीलामी करवा दी गई थी।
वर्जन-
ये यूरिनल क्योसक कई सल पुराने हैं और मेरे कार्यकाल से पहले के हैं। इन्हें चेक करवा लेंगे, यदि सही हालत में हुए तो इन्हें जरूरत वाले स्थान पर रखवा दिया जाएगा।
विजयपाल, ईओ, यमुनानगर-जगाधरी नगर निगम।
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चार साल पहले इंटीग्रेटेड स्लम हाउसिंग डेवलपमेंट प्रोगाम के तहत शहर के विभिन्न स्थानों पर गंध रहित शौचालय रखने के लिए योजना बनाई गई थी। इसके लिए निरगंध जेंटस यूरिनल क्योस्क मंगवाए गए थे। दिल्ली की एक फर्म से 10 यूरिनल क्योस्क करीब सात लाख रुपये में खरीदे गए थे। फर्म द्वारा यूरिनल क्योस्क की सप्लाई किए जाने के बाद इन्हें नगर निगम के स्टोर में रखवा दिया गया। इनमें से एक क्योस्क यमुनानगर बस अड्डे पर रखवाया गया, जबकि शेष नौ क्योस्क का कहीं भी इस्तेमाल नहीं किया गया। तब से लेकर आज तक ये क्योस्क स्टोर में पड़े हुए हैं। खुले आसमान के नीचे पड़े होने से ये खराब हो चुके हैं और कबाड़ बन गए हैं।
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शहर में इस्तेमाल हो सकते हैं क्योस्क
शहर में कई स्थानों पर इन शौचालयों को इस्तेमाल में लाया जा सकता है। इंडस्ट्रियल एरिया स्थित सब्जी मंडी, रादौर रोड बाजार, जगाधरी वर्कशाप रोड, सिटी सेंटर के आसपास सहित बाजारों में शौचालयों की जरूरत बनी हुई है। इन क्योस्क का अधिक रख-रखाव भी नहीं है।
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नई हत्था रेहड़ियां कर दी गई थी नीलाम
प्रदेश में इनेलो शासन के दौरान शहर से कूड़ा उठाने के लिए करीब दो सौ हत्था रेहड़ियां खरीदी गई थी। इन रेहड़ियों का वजन अधिक होने के कारण इनका इस्तेमाल नहीं हो पाया। इस कारण रेहड़ियों को नगर निगम के स्टोर में रखवा दिया गया था। कई सालों तक ये स्टोर में ही पड़ी रही। बाद में इन रेहड़ियों की नीलामी करवा दी गई थी।
वर्जन-
ये यूरिनल क्योसक कई सल पुराने हैं और मेरे कार्यकाल से पहले के हैं। इन्हें चेक करवा लेंगे, यदि सही हालत में हुए तो इन्हें जरूरत वाले स्थान पर रखवा दिया जाएगा।
विजयपाल, ईओ, यमुनानगर-जगाधरी नगर निगम।