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नगर निगम गोताखोरों के लिए खरीदेगा डाइविंग सेट और ब्रीदिंग एयर कंप्रेसर किट
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नहर और नदी में डूबे लोगों को तलाशने में अब निगम के गोताखोरों की सांस नहीं फूलेगी। न ही कुरुक्षेत्र से ऑक्सीजन किट से लैस गोताखोरों की बुलाने की जरूरत पड़ेगी। नगर निगम जल्द ही गोताखोरों के लिए डाइविंग सेट व ब्रीदिंग एयर कंप्रेसर किट खरीदेगा। निगम ने किट खरीद के लिए 7.80 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है। किट मिलने से पश्चिमी यमुना नहर, यमुना नदी व अन्य नहरों में डूबे लोगों को बचाने में आसानी होगी।
दरअसल शहर के पास से निकल रही पश्चिमी यमुना नहर में हर साल 50 से अधिक लोगों की डूबने से मौत हो जाती है। गर्मी से राहत के लिए अधिकतर युवां नहर में नहाने जाते हैं और डूब जाते है। नहर में डूबने के मामले अप्रैल से अगस्त के बीच ज्यादा होते हैं। नहर में डूबे लोगों की तलाश के लिए निगम के गोताखोर अमर सिंह व उनकी टीम तैनात है। टीम के पास न तो ऑक्सीजन किट है और न ही अन्य संसाधन। डाइविंग सेट व ब्रीदिंग एयर कंप्रेसर किट न होने से गोताखोर अधिक देरी तक पानी में रहकर डूबने वालों की तलाश नहीं कर सकते है। इस पर नहर में डूबे लोगों की तलाश दो से तीन दिन तक चलती है।
गोताखोर बहाव वाले पानी में मुश्किल से आधे मिनट सांस रोक पाते हैं। इसके बाद सांस फूलने लगती है। यही वजह है कि नहर में डूबे लोगों को बचाना मुश्किल हो जाता है। ज्यादातर मामलों में डूबे लोगों का कई दिनों तक पता नहीं लग पाता है। गोताखोर अमर सिंह का कहना कि डाइविंग सेट व ब्रीदिंग एयर कंपरेसर हो तो पानी के नीचे गोताखोर अधिक समय रह सकेंगे। व्यक्ति के डूबने के चंद मिनट में ही गोताखोर यह किट पहन छलांग लगाएंगे, तब गोताखोर को पानी के नीचे जाने पर सांस फूलने का डर नहीं रहेगा। इससे डूबे व्यक्ति के बचने की संभावना भी बढ़ जाएगी।
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कुरुक्षेत्र से बुलाने पड़ते हैं गोताखोर
डाइविंग सेट व ब्रीदिंग एयर कंप्रेसर किट के अभाव में स्थानीय गोताखोर रस्से-डंडों के सहारे डूबे लोगों की तलाश करते हैं। क्योंकि नहर में लगातार रेत निकाले जाने से अंदर बड़े-बड़े कुंड बन चुके हैं। नहर में कई जगह अच्छे तैराक के भी डूबने की आशंका रहती है। ऐसी जगहों पर गोताखोर रस्से-डंडे के सहारे डूबों की तलाश करते हैं। इसके अलावा कई मामलों में कुरुक्षेत्र के सुविधाओं व ऑक्सीजन किट लैस गोताखोरों की टीम बुलानी पड़ती है। जो नहर में डूबे लोगों की गहराई तक तलाश करती है।
नहर में डूबे लोगों की तलाश के लिए गोताखोरों को अत्याधुनिक सुविधा से लैस किया जाएगा। नगर निगम की ओर से डाइविंग सेट व ब्रीदिंग एयर कंप्रेसर किट का टेंडर किया है। इससे डूबे लोगों को गोताखोर जल्द तलाश कर सकेंगे और उनकी जान भी बचाई जा सकेगी। मदन चौहान, मेयर यमुनानगर
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यमुनानगर। नहर और नदी में डूबे लोगों को तलाशने में अब निगम के गोताखोरों की सांस नहीं फूलेगी। न ही कुरुक्षेत्र से ऑक्सीजन किट से लैस गोताखोरों की बुलाने की जरूरत पड़ेगी। नगर निगम जल्द ही गोताखोरों के लिए डाइविंग सेट व ब्रीदिंग एयर कंप्रेसर किट खरीदेगा। निगम ने किट खरीद के लिए 7.80 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है। किट मिलने से पश्चिमी यमुना नहर, यमुना नदी व अन्य नहरों में डूबे लोगों को बचाने में आसानी होगी।
दरअसल शहर के पास से निकल रही पश्चिमी यमुना नहर में हर साल 50 से अधिक लोगों की डूबने से मौत हो जाती है। गर्मी से राहत के लिए अधिकतर युवां नहर में नहाने जाते हैं और डूब जाते है। नहर में डूबने के मामले अप्रैल से अगस्त के बीच ज्यादा होते हैं। नहर में डूबे लोगों की तलाश के लिए निगम के गोताखोर अमर सिंह व उनकी टीम तैनात है। टीम के पास न तो ऑक्सीजन किट है और न ही अन्य संसाधन। डाइविंग सेट व ब्रीदिंग एयर कंप्रेसर किट न होने से गोताखोर अधिक देरी तक पानी में रहकर डूबने वालों की तलाश नहीं कर सकते है। इस पर नहर में डूबे लोगों की तलाश दो से तीन दिन तक चलती है।
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गोताखोर बहाव वाले पानी में मुश्किल से आधे मिनट सांस रोक पाते हैं। इसके बाद सांस फूलने लगती है। यही वजह है कि नहर में डूबे लोगों को बचाना मुश्किल हो जाता है। ज्यादातर मामलों में डूबे लोगों का कई दिनों तक पता नहीं लग पाता है। गोताखोर अमर सिंह का कहना कि डाइविंग सेट व ब्रीदिंग एयर कंपरेसर हो तो पानी के नीचे गोताखोर अधिक समय रह सकेंगे। व्यक्ति के डूबने के चंद मिनट में ही गोताखोर यह किट पहन छलांग लगाएंगे, तब गोताखोर को पानी के नीचे जाने पर सांस फूलने का डर नहीं रहेगा। इससे डूबे व्यक्ति के बचने की संभावना भी बढ़ जाएगी।
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कुरुक्षेत्र से बुलाने पड़ते हैं गोताखोर
डाइविंग सेट व ब्रीदिंग एयर कंप्रेसर किट के अभाव में स्थानीय गोताखोर रस्से-डंडों के सहारे डूबे लोगों की तलाश करते हैं। क्योंकि नहर में लगातार रेत निकाले जाने से अंदर बड़े-बड़े कुंड बन चुके हैं। नहर में कई जगह अच्छे तैराक के भी डूबने की आशंका रहती है। ऐसी जगहों पर गोताखोर रस्से-डंडे के सहारे डूबों की तलाश करते हैं। इसके अलावा कई मामलों में कुरुक्षेत्र के सुविधाओं व ऑक्सीजन किट लैस गोताखोरों की टीम बुलानी पड़ती है। जो नहर में डूबे लोगों की गहराई तक तलाश करती है।
नहर में डूबे लोगों की तलाश के लिए गोताखोरों को अत्याधुनिक सुविधा से लैस किया जाएगा। नगर निगम की ओर से डाइविंग सेट व ब्रीदिंग एयर कंप्रेसर किट का टेंडर किया है। इससे डूबे लोगों को गोताखोर जल्द तलाश कर सकेंगे और उनकी जान भी बचाई जा सकेगी। मदन चौहान, मेयर यमुनानगर