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Yamuna Nagar News: स्कूलों में स्वच्छता का पाठ पढ़ा रहा निगम, खुद की कचरा व्यवस्था बदहाल
Thu, 22 Oct 2026 03:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 22 Oct 2026 03:27 AM IST
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अभय सिंह
यमुनानगर। एक ओर जहां स्कूलों में विद्यार्थियों को स्वच्छता का महत्व समझाया जा रहा है। उन्हें गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने, घर से ही कचरा पृथक करने और निर्धारित डस्टबिन का इस्तेमाल करने की सीख दी जा रही है। वहीं निगम की सरकारी स्कूलों से कूड़े को उठान की व्यवस्था खुद बदहाल है। नगर निगम की कचरा उठाने वाली गाड़ी कई स्कूलों में नियमित रूप से नहीं पहुंचती। जहां गाड़ी आती भी है, वहां कर्मचारियों की ओर से कचरा विद्यालय के गेट तक लाने को कहा जाता है। सफाई कर्मचारी नहीं होने और कचरे की अधिक मात्रा के कारण विद्यालयों के सामने इसे बाहर पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। नतीजतन, कई-कई दिन तक स्कूल के परिसर में कचरा जमा रहता है। स्कूलों ने अपने स्तर पर कूड़े को व्यवस्थित करने का इंतजाम किया है।
नगर निगम की ओर से यमुनानगर और जगाधरी के निजी व सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए अलग-अलग गतिविधियां करवाई जा रही हैं। पोस्टर, नारा लेखन, चित्रकला, नाटक और भाषण के माध्यम से बच्चों को साफ-सफाई के तरीके बताए जा रहे हैं। गीले और सूखे कचरे को अलग रखने के साथ चार डस्टबिन प्रणाली की जानकारी भी दी जा रही है। विद्यार्थियों को घर से ही कचरा अलग करके कचरा गाड़ी में डालने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वहीं विद्यालयों से निकलने वाले कचरे का समय पर उठान नहीं होने से इन प्रयासों की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लता बक्शी ने बताया कि इस संबंध में स्कूलों से जानकारी लेकर नगर निगम अधिकारियों से बात की जाएगी।
सफाई कर्मचारी नहीं, कचरा बाहर पहुंचाना भी मुश्किल
मॉडल टाउन स्थित शहीद नवीन वैद्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की सफाई प्रभारी पूनम ने बताया कि विद्यालय में सफाई कर्मचारी नहीं है। ऐसे में अपने स्तर पर सफाई करवानी पड़ती है। यहां प्राथमिक, माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक कक्षाओं के विद्यालयों से कचरा निकलता है। मात्रा अधिक होने के कारण इसे गेट तक पहुंचाना आसान नहीं है। नगर निगम की गाड़ी गेट पर आकर खड़ी हो जाती है और कर्मचारी कचरा बाहर लाने के लिए कहते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि गाड़ी को अंदर लाने के आदेश नहीं हैं। सफाई कर्मचारी के अभाव में विद्यालय के लिए यह काम अतिरिक्त परेशानी बन जाता है। ऐसे में स्कूल ने अपने स्तर पर गाड़ी लगाई है। संवाद
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कभी-कभी आती है गाड़ी, उठान नहीं होने से बढ़ती परेशानी
राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जगाधरी के प्राचार्य मोहम्मद जावेद ने बताया कि उनके विद्यालय में नगर निगम की गाड़ी कभी-कभी ही आती है। विद्यालय में कचरा अधिक निकलता है और गाड़ी परिसर के अंदर नहीं आती। इससे कचरे को बाहर पहुंचाने में परेशानी होती है और कई बार उसका उठान नहीं हो पाता। उन्होंने कहा कि विद्यालयों से कचरा उठाने के लिए अलग व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि परिसर में कचरा जमा न रहे।
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शिकायतों के बाद भी नहीं निकला समाधान
राजकीय विद्यालयों की इस समस्या के बारे नगर निगम के अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। इसके बावजूद गाड़ी के नियमित रूप से आने और विद्यालय परिसर से कचरा उठाने की समस्या बनी हुई है। स्वच्छता की सीख तभी व्यवहार में उतर सकेगी, जब विद्यार्थियों को साफ-सफाई का संदेश देने के साथ विद्यालयों से निकलने वाले कचरे के निस्तारण की व्यवस्था भी दुरुस्त हो।
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वर्जन
स्कूलों में आ रही इस समस्या की उनके पास जानकारी नहीं है। यदि ऐसी समस्या आ रही है तो उसका समाधान किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश देकर समस्या का समाधान किया जाएगा।
सुमन बहमनी, महापौर।
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यमुनानगर। एक ओर जहां स्कूलों में विद्यार्थियों को स्वच्छता का महत्व समझाया जा रहा है। उन्हें गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने, घर से ही कचरा पृथक करने और निर्धारित डस्टबिन का इस्तेमाल करने की सीख दी जा रही है। वहीं निगम की सरकारी स्कूलों से कूड़े को उठान की व्यवस्था खुद बदहाल है। नगर निगम की कचरा उठाने वाली गाड़ी कई स्कूलों में नियमित रूप से नहीं पहुंचती। जहां गाड़ी आती भी है, वहां कर्मचारियों की ओर से कचरा विद्यालय के गेट तक लाने को कहा जाता है। सफाई कर्मचारी नहीं होने और कचरे की अधिक मात्रा के कारण विद्यालयों के सामने इसे बाहर पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। नतीजतन, कई-कई दिन तक स्कूल के परिसर में कचरा जमा रहता है। स्कूलों ने अपने स्तर पर कूड़े को व्यवस्थित करने का इंतजाम किया है।
नगर निगम की ओर से यमुनानगर और जगाधरी के निजी व सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए अलग-अलग गतिविधियां करवाई जा रही हैं। पोस्टर, नारा लेखन, चित्रकला, नाटक और भाषण के माध्यम से बच्चों को साफ-सफाई के तरीके बताए जा रहे हैं। गीले और सूखे कचरे को अलग रखने के साथ चार डस्टबिन प्रणाली की जानकारी भी दी जा रही है। विद्यार्थियों को घर से ही कचरा अलग करके कचरा गाड़ी में डालने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वहीं विद्यालयों से निकलने वाले कचरे का समय पर उठान नहीं होने से इन प्रयासों की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लता बक्शी ने बताया कि इस संबंध में स्कूलों से जानकारी लेकर नगर निगम अधिकारियों से बात की जाएगी।
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सफाई कर्मचारी नहीं, कचरा बाहर पहुंचाना भी मुश्किल
मॉडल टाउन स्थित शहीद नवीन वैद्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की सफाई प्रभारी पूनम ने बताया कि विद्यालय में सफाई कर्मचारी नहीं है। ऐसे में अपने स्तर पर सफाई करवानी पड़ती है। यहां प्राथमिक, माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक कक्षाओं के विद्यालयों से कचरा निकलता है। मात्रा अधिक होने के कारण इसे गेट तक पहुंचाना आसान नहीं है। नगर निगम की गाड़ी गेट पर आकर खड़ी हो जाती है और कर्मचारी कचरा बाहर लाने के लिए कहते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि गाड़ी को अंदर लाने के आदेश नहीं हैं। सफाई कर्मचारी के अभाव में विद्यालय के लिए यह काम अतिरिक्त परेशानी बन जाता है। ऐसे में स्कूल ने अपने स्तर पर गाड़ी लगाई है। संवाद
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कभी-कभी आती है गाड़ी, उठान नहीं होने से बढ़ती परेशानी
राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जगाधरी के प्राचार्य मोहम्मद जावेद ने बताया कि उनके विद्यालय में नगर निगम की गाड़ी कभी-कभी ही आती है। विद्यालय में कचरा अधिक निकलता है और गाड़ी परिसर के अंदर नहीं आती। इससे कचरे को बाहर पहुंचाने में परेशानी होती है और कई बार उसका उठान नहीं हो पाता। उन्होंने कहा कि विद्यालयों से कचरा उठाने के लिए अलग व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि परिसर में कचरा जमा न रहे।
शिकायतों के बाद भी नहीं निकला समाधान
राजकीय विद्यालयों की इस समस्या के बारे नगर निगम के अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। इसके बावजूद गाड़ी के नियमित रूप से आने और विद्यालय परिसर से कचरा उठाने की समस्या बनी हुई है। स्वच्छता की सीख तभी व्यवहार में उतर सकेगी, जब विद्यार्थियों को साफ-सफाई का संदेश देने के साथ विद्यालयों से निकलने वाले कचरे के निस्तारण की व्यवस्था भी दुरुस्त हो।
वर्जन
स्कूलों में आ रही इस समस्या की उनके पास जानकारी नहीं है। यदि ऐसी समस्या आ रही है तो उसका समाधान किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश देकर समस्या का समाधान किया जाएगा।
सुमन बहमनी, महापौर।