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Yamuna Nagar News: मानसून नजदीक, गंदगी से अटे शहर के नाले
Wed, 21 May 2025 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 21 May 2025 12:39 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मानसून में जलभराव की वजह बनने वाले बड़े नाले अभी तक गंदगी से लबालब हैं। हालांकि नगर निगम अफसरों ने ई-निविदा से लेकर कार्य आदेश की प्रक्रिया समय रहते पूरी कर ली थी, पर उसके बाद नालों की सफाई धीमी गति में है। मानसून नजदीक होने के बाद बड़े नाले अधिकांश जगह गंदगी से अटे हैं। ये हाल तब है जब इनकी सफाई का एजेंसी को 72 लाख में ठेका आवंटित किया है।
नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी क्षेत्र में 61 बड़े नाले हैं। इनकी कुल लंबाई करीब 58 किलोमीटर है। इनकी सफाई नगर निगम अफसर एजेंसी से करवा रहे हैं। इसके लिए जगाधरी व यमुनानगर के वार्डों को अलग-अलग दो जोन में बांट नालों की सफाई हो रही है।
इसके अलावा शहर के अन्य छोटे नालों की सफाई नगर निगम अपने स्तर पर कच्चे-पक्के सफाई कर्मियों से करवा रहा है।
नालों की सफाई का प्रथम चरण का काम पांच जून तक पूरा करना है। इसके गत सप्ताह डीसी भी निरीक्षण कर निर्देश दे चुके हैं, बावजूद इसके बड़े-छोटे नालों के हालात में सुधार नहीं है। न तो एजेंसी के जिम्मे वाले बड़े नाले और न नगर निगम के हिस्से वाले छोटे नाले साफ दिख रहे है। इसके विपरीत दोनों तरह के नाले गंदगी से अटे दिख रहे हैं।
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झेलने पड़ सकते जलभराव के हालात
शहर के विकास जैन, राहुल भान, चिराग सिंघल ने कहा कि बड़े नालों की सफाई के लिए एजेंसी के 70-80 कर्मी और छोटे नालों पर नगर निगम के हर वार्ड में चार सफाईकर्मी लगाने की बातें कोरी साबित हो रही हैं। क्योंकि नालों की सफाई के लिए न तो कर्मचारी दिख रहे हैं और न निगरानी के लिए अफसर। अभी तक छोटे-बड़े नाले गंदगी से अटे हुए हैं, जो किसी सूरत में पांच जून तक तय किए समय में साफ कर पाने संभव नहीं हैं। इस तरह धीमी गति में नालों की सफाई से मानसून में शहर को गत वर्षों जैसे जलभराव के हालात झेलने पड़ सकते हैं।
एजेंसी को बड़े नालों की सफाई का काम तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। छोटे नालों पर भी निगम कर्मी सफाई कार्य कर रहे हैं। काम पर निगरानी रखी जा रही है। यह काम समय पर पूरा कराएंगे। - अनिल नैन, सीएसआई, नगर निगम।
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यमुनानगर। मानसून में जलभराव की वजह बनने वाले बड़े नाले अभी तक गंदगी से लबालब हैं। हालांकि नगर निगम अफसरों ने ई-निविदा से लेकर कार्य आदेश की प्रक्रिया समय रहते पूरी कर ली थी, पर उसके बाद नालों की सफाई धीमी गति में है। मानसून नजदीक होने के बाद बड़े नाले अधिकांश जगह गंदगी से अटे हैं। ये हाल तब है जब इनकी सफाई का एजेंसी को 72 लाख में ठेका आवंटित किया है।
नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी क्षेत्र में 61 बड़े नाले हैं। इनकी कुल लंबाई करीब 58 किलोमीटर है। इनकी सफाई नगर निगम अफसर एजेंसी से करवा रहे हैं। इसके लिए जगाधरी व यमुनानगर के वार्डों को अलग-अलग दो जोन में बांट नालों की सफाई हो रही है।
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इसके अलावा शहर के अन्य छोटे नालों की सफाई नगर निगम अपने स्तर पर कच्चे-पक्के सफाई कर्मियों से करवा रहा है।
नालों की सफाई का प्रथम चरण का काम पांच जून तक पूरा करना है। इसके गत सप्ताह डीसी भी निरीक्षण कर निर्देश दे चुके हैं, बावजूद इसके बड़े-छोटे नालों के हालात में सुधार नहीं है। न तो एजेंसी के जिम्मे वाले बड़े नाले और न नगर निगम के हिस्से वाले छोटे नाले साफ दिख रहे है। इसके विपरीत दोनों तरह के नाले गंदगी से अटे दिख रहे हैं।
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झेलने पड़ सकते जलभराव के हालात
शहर के विकास जैन, राहुल भान, चिराग सिंघल ने कहा कि बड़े नालों की सफाई के लिए एजेंसी के 70-80 कर्मी और छोटे नालों पर नगर निगम के हर वार्ड में चार सफाईकर्मी लगाने की बातें कोरी साबित हो रही हैं। क्योंकि नालों की सफाई के लिए न तो कर्मचारी दिख रहे हैं और न निगरानी के लिए अफसर। अभी तक छोटे-बड़े नाले गंदगी से अटे हुए हैं, जो किसी सूरत में पांच जून तक तय किए समय में साफ कर पाने संभव नहीं हैं। इस तरह धीमी गति में नालों की सफाई से मानसून में शहर को गत वर्षों जैसे जलभराव के हालात झेलने पड़ सकते हैं।
एजेंसी को बड़े नालों की सफाई का काम तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। छोटे नालों पर भी निगम कर्मी सफाई कार्य कर रहे हैं। काम पर निगरानी रखी जा रही है। यह काम समय पर पूरा कराएंगे। - अनिल नैन, सीएसआई, नगर निगम।