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Yamuna Nagar News: मानसून सिर पर, बाढ़ बचाव कार्य अधूरे
Thu, 27 Jun 2024 06:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 27 Jun 2024 06:47 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। मानसून सत्र सिर पर और सिंचाई विभाग की ओर से बाढ़ राहत बचाव कार्यों में अभी तक आधे से ज्यादा साइटों पर कार्य पूरा होना तो दूर की बात अभी कार्य शुरू भी नहीं किया गया। जो ग्रामीणों व किसानों के लिए चिंता विषय बने हुए हैं।
इस वर्ष सिंचाई विभाग द्वारा पूरे जिले में लगभग 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा के बाढ़ बचाव राहत कार्यों के लिए फंड जारी किया गया था। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया के बाद काम शुरू किया गया।
टेंडर प्रक्रिया में पूरे जिले में होने वाले कार्यों का लगभग 80 प्रतिशत कार्य एक ही फर्म के नाम अलॉट हुए है। यह सभी कार्य पत्थर द्वारा कराए जाने थे। यह फर्म टेंडर प्रक्रिया में काम लेने में तो कामयाब रही पर कार्य करने में असमर्थ रही।
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इस फर्म के कार्य पत्थर की कमी के कारण आधे से ज्यादा काम पूरे नहीं हो पाएं। क्योंकि अधिकतर साइटों पर ना तो पत्थर पहुंच पाया है और जहां पत्थर पहुंचा है वह पूरा नहीं हुआ है।
ऐसे में ना पत्थर पूरा ना होने को लेकर सिंचाई विभाग द्वारा पत्थर की पैमाइश का कार्य भी अधूरा पड़ा है।
जब पैमाइश और पत्थर ही नही पहुंचा तो तय सीमा तक कार्य पूरा कैसे संभव है। इस बात का अंदाजा सहज ही लगाया का सकता है।
बाढ़ बचाव कार्य 30 जून की डेडलाइन है, जिसे बढ़ाकर सात जुलाई कर दिया गया है। क्योंकि कई जगह पर पत्थरों की कमी होने के कारण कार्य नहीं हो पा रहे, ऐसे में समय को बढ़ाया गया है। इसके अलावा बाढ़ बचाव कार्य जहां चल रहे वहां तेजी लाई गई है। -आरएस मित्तल, एसई, सिंचाई विभाग यमुनानगर।
स्थानीय फर्मों ने कर दिया काम पूरा
बाढ़ राहत कार्य के लिए स्थानीय फर्म द्वारा काम लगभग पूरा किया जा चुका है और पैमाइश के बाद पत्थर भी रिलीज किया जा चुका है और साइट पर पत्थर भी लगाया जा चुका हैं। इनमें माजरा, कलेसर, खानूवाला, लोपयो और तिहानों आदि साइट शामिल है। वहीं, पिरथीपुर, सिंहपुरा, नगली, मद्दीपुर ऐसी साइट है जहां पर अभी तक पत्थर ही पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में इन जगहों पर समय रहते काम पूरा नहीं किया जा सकता। ऐसे में बारिश के दिनों में नदिया के पास के लोगों को बाढ़ का खतरा मंडराता रहेगा। चूंकि पिछले साल बाढ़ ने भूमि कटाव कर क्षेत्र में काफी नुकसान किया है। इससे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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छछरौली। मानसून सत्र सिर पर और सिंचाई विभाग की ओर से बाढ़ राहत बचाव कार्यों में अभी तक आधे से ज्यादा साइटों पर कार्य पूरा होना तो दूर की बात अभी कार्य शुरू भी नहीं किया गया। जो ग्रामीणों व किसानों के लिए चिंता विषय बने हुए हैं।
इस वर्ष सिंचाई विभाग द्वारा पूरे जिले में लगभग 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा के बाढ़ बचाव राहत कार्यों के लिए फंड जारी किया गया था। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया के बाद काम शुरू किया गया।
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टेंडर प्रक्रिया में पूरे जिले में होने वाले कार्यों का लगभग 80 प्रतिशत कार्य एक ही फर्म के नाम अलॉट हुए है। यह सभी कार्य पत्थर द्वारा कराए जाने थे। यह फर्म टेंडर प्रक्रिया में काम लेने में तो कामयाब रही पर कार्य करने में असमर्थ रही।
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इस फर्म के कार्य पत्थर की कमी के कारण आधे से ज्यादा काम पूरे नहीं हो पाएं। क्योंकि अधिकतर साइटों पर ना तो पत्थर पहुंच पाया है और जहां पत्थर पहुंचा है वह पूरा नहीं हुआ है।
ऐसे में ना पत्थर पूरा ना होने को लेकर सिंचाई विभाग द्वारा पत्थर की पैमाइश का कार्य भी अधूरा पड़ा है।
जब पैमाइश और पत्थर ही नही पहुंचा तो तय सीमा तक कार्य पूरा कैसे संभव है। इस बात का अंदाजा सहज ही लगाया का सकता है।
बाढ़ बचाव कार्य 30 जून की डेडलाइन है, जिसे बढ़ाकर सात जुलाई कर दिया गया है। क्योंकि कई जगह पर पत्थरों की कमी होने के कारण कार्य नहीं हो पा रहे, ऐसे में समय को बढ़ाया गया है। इसके अलावा बाढ़ बचाव कार्य जहां चल रहे वहां तेजी लाई गई है। -आरएस मित्तल, एसई, सिंचाई विभाग यमुनानगर।
स्थानीय फर्मों ने कर दिया काम पूरा
बाढ़ राहत कार्य के लिए स्थानीय फर्म द्वारा काम लगभग पूरा किया जा चुका है और पैमाइश के बाद पत्थर भी रिलीज किया जा चुका है और साइट पर पत्थर भी लगाया जा चुका हैं। इनमें माजरा, कलेसर, खानूवाला, लोपयो और तिहानों आदि साइट शामिल है। वहीं, पिरथीपुर, सिंहपुरा, नगली, मद्दीपुर ऐसी साइट है जहां पर अभी तक पत्थर ही पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में इन जगहों पर समय रहते काम पूरा नहीं किया जा सकता। ऐसे में बारिश के दिनों में नदिया के पास के लोगों को बाढ़ का खतरा मंडराता रहेगा। चूंकि पिछले साल बाढ़ ने भूमि कटाव कर क्षेत्र में काफी नुकसान किया है। इससे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।