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Yamuna Nagar News: मरीजों की जांच के लिए बनाया मोबाइल एप
Thu, 23 Jan 2025 02:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 23 Jan 2025 02:32 AM IST
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दीपेंद्र कुमार
यमुनानगर। जिले के स्वास्थ्य विभाग में तैनात डॉक्टर डॉ. अनूप गोयल ने टीबी मरीजों की जांच के लिए मोबाइल ऐप तैयार किया है। एप के माध्यम से टीबी के मरीजों की जांच कर उनकी मेडिकल हिस्ट्री तैयार की जाएगा।
एप से अब तक जिले के करीब आठ लाख लोगों के स्वास्थ्य की हिस्ट्री तैयार की जा रही है। इस ऐप को प्रशासनिक स्तर पर भी सराहना मिली है। डीसी का कहना है कि एप लागू करने के लिए एक प्रपोजल सरकार को भेजा जाएगा और प्रदेश में लागू करवाने की तैयारी की जाएगा। इस एप से प्रदेश के हर जिले में टीबी मरीजों का डाटा एकत्र करने में आसानी होगी।
जानकारी के अनुसार यमुनानगर के टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अनूप गोयल ने टीबी के मरीजों की तलाश के लिए एक मोबाइल ऐप बनाया है। इस एप की खास बात यह है कि इसमें व्यक्ति की पूरी मेडिकल हिस्ट्री तैयार हो जाएगी।
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टीबी मरीजों का ये डाटा जुटाने के लिए आंगनबाड़ी वर्कर और युवाओं की आईडी तैयार की जाएगी। इसके बाद वे घर-घर जाकर आंकड़े इकट्ठे करेंगे। डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने भी इस ऐप की प्रशंसा की है। उन्होंने इस ऐप का प्रपोजल तैयार कर शासन को भेजने के लिए कहा है। जिससे इस ऐप को पूरे प्रदेश में लागू किया जा सके।
डॉ. अनूप गोयल ने बताया कि उन्होंने एनटीईपी मोबाइल ऐप तैयार की थी और स्वास्थ्य वर्करों की मदद से 15 नवंबर से डोर-टू-डोर जाकर मरीजों का ब्योरा जुटना शुरू कर दिया था। उन्होंने बताया कि मोबाइल एप के माध्यम से अब तक 8,56,403 व्यक्तियों का डाटा फीड कर लिया है।
जिसमें सभी की गांव वार अलग-अलग डिटेल है। व्यक्ति का मोबाइल नंबर और आधार नंबर के आधार पर डेटा फीड किया गया है। इस एप में टीबी, शुगर, बुखार व अन्य बीमारियों से पीड़ितों की संख्या भी दर्ज की गई है।
इस तरह काम करेगा ऐप डॉ अनूप गोयल ने बताया कि ऐप अधिकृत व्यक्ति ही खोल पाएगा। जिसे अधिकृत किया जाएगा उसके मोबाइल में ऐप इंस्टॉल होगा। जिसके बाद ऐप को खोलकर उसके उम्र, बीमारी व अन्य ऑप्शन होंगे।
व्यक्ति से बात करते हुए उन पर क्लिक किया जाएगा। आधार नंबर से व्यक्ति की डिटेल रखी जायेगी। इसके साथ हो गांव गांव के हिसाब से डेटा सेव रहेगा। जिसकी पता रहेगा कि किस गांव में किस बीमारी के कितने मरीज हैं। संवाद
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यमुनानगर। जिले के स्वास्थ्य विभाग में तैनात डॉक्टर डॉ. अनूप गोयल ने टीबी मरीजों की जांच के लिए मोबाइल ऐप तैयार किया है। एप के माध्यम से टीबी के मरीजों की जांच कर उनकी मेडिकल हिस्ट्री तैयार की जाएगा।
एप से अब तक जिले के करीब आठ लाख लोगों के स्वास्थ्य की हिस्ट्री तैयार की जा रही है। इस ऐप को प्रशासनिक स्तर पर भी सराहना मिली है। डीसी का कहना है कि एप लागू करने के लिए एक प्रपोजल सरकार को भेजा जाएगा और प्रदेश में लागू करवाने की तैयारी की जाएगा। इस एप से प्रदेश के हर जिले में टीबी मरीजों का डाटा एकत्र करने में आसानी होगी।
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जानकारी के अनुसार यमुनानगर के टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अनूप गोयल ने टीबी के मरीजों की तलाश के लिए एक मोबाइल ऐप बनाया है। इस एप की खास बात यह है कि इसमें व्यक्ति की पूरी मेडिकल हिस्ट्री तैयार हो जाएगी।
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टीबी मरीजों का ये डाटा जुटाने के लिए आंगनबाड़ी वर्कर और युवाओं की आईडी तैयार की जाएगी। इसके बाद वे घर-घर जाकर आंकड़े इकट्ठे करेंगे। डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने भी इस ऐप की प्रशंसा की है। उन्होंने इस ऐप का प्रपोजल तैयार कर शासन को भेजने के लिए कहा है। जिससे इस ऐप को पूरे प्रदेश में लागू किया जा सके।
डॉ. अनूप गोयल ने बताया कि उन्होंने एनटीईपी मोबाइल ऐप तैयार की थी और स्वास्थ्य वर्करों की मदद से 15 नवंबर से डोर-टू-डोर जाकर मरीजों का ब्योरा जुटना शुरू कर दिया था। उन्होंने बताया कि मोबाइल एप के माध्यम से अब तक 8,56,403 व्यक्तियों का डाटा फीड कर लिया है।
जिसमें सभी की गांव वार अलग-अलग डिटेल है। व्यक्ति का मोबाइल नंबर और आधार नंबर के आधार पर डेटा फीड किया गया है। इस एप में टीबी, शुगर, बुखार व अन्य बीमारियों से पीड़ितों की संख्या भी दर्ज की गई है।
इस तरह काम करेगा ऐप डॉ अनूप गोयल ने बताया कि ऐप अधिकृत व्यक्ति ही खोल पाएगा। जिसे अधिकृत किया जाएगा उसके मोबाइल में ऐप इंस्टॉल होगा। जिसके बाद ऐप को खोलकर उसके उम्र, बीमारी व अन्य ऑप्शन होंगे।
व्यक्ति से बात करते हुए उन पर क्लिक किया जाएगा। आधार नंबर से व्यक्ति की डिटेल रखी जायेगी। इसके साथ हो गांव गांव के हिसाब से डेटा सेव रहेगा। जिसकी पता रहेगा कि किस गांव में किस बीमारी के कितने मरीज हैं। संवाद