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दिवाली पर बाजार गुलजार
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दिवाली की पूर्व संध्या पर रेलवे रोड पर उमड़ी लोगों की भीड़।
- फोटो : Yamuna Nagar
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यमुनानगर। धनतेरस के बाद बुधवार को छोटी दिवाली पर भी बाजारों में जबरदस्त भीड़ उमड़ी। कोरोना का खौफ काफूर दिखा। अबकी लोगों ने जमकर खरीदारी की। सबसे ज्यादा खरीद, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम, रेडीमेड गारमेंट्स समेत सर्राफ बाजार में लक्ष्मी गणेश की मूर्ति व सोने-चांदी के सिक्कों की हुई। उधर, शाम को रंग-बिरंगी रोशनी से शहर नहा गया। चारों तरफ रौनक दिखाई दे रही थी।
मंगलवार से ही बाजार पूरी तरह से गुलजार हैं। बुधवार को दिवाली की पूर्व संध्या पर तो बाजारों की रौनक देखने वाली रही। शहर के तमाम बाजारों में भारी भीड़ उमड़ी। विक्रेताओं ने दुकानों के बाहर सामान लगाकर ग्राहकों को लुभाया। लोगों ने दिवाली को लेकर जमकर खरीददारी की। वहीं सुरक्षा को लेकर पुलिस भी अलर्ट रही। इस दौरान भीड़ के कारण बाजारों में जाम की स्थिति रही। लोगों को यहां से निकलने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।
रेलवे स्टेशन से भगत सिंह चौक का डेढ़ किलोमीटर का सफर तय करने में एक घंटा तक लगा। वहीं दिवाली की उमंग के साथ लोगों में जिला कोरोना मुक्त होने की भी खुशी भी दिखाई दी। लोगों ने दिवाली के साथ एक दूसरे को कोरोना मुक्ति की भी बधाई दी। बाजार में देर रात तक दुकानें सजी रही और लोगों ने खरीदारी करते दिखे। सड़कों पर दीयों व लड़ियों के स्टॉलों पर भी भीड़ रही। बाजार में जहां तरह-तरह के दीये आए हुए हैं। वहीं विभिन्न प्रकार की रंग बिरंगी लड़ियों ने भी लोगों को लुभाया। इस बार बाजार में 95 फीसदी भारतीय माल नजर आया। लोगों ने भी देसी सामान की खरीद की।
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पटाखों पर रहा बैन, पुलिस ने लगाई गश्त
प्रशासन ने इस बार पटाखों की बिक्री व बजाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। इस दौरान बाजार में कहीं भी खुले में पटाखे नहीं बेचे गए। डीसी ने इसके लिए डीएसपी और एसडीएम को जिम्मेदारी सौंपी है। जिम्मेदारी के लिए एसडीएम व डीएसपी अपने क्षेत्रों में गश्त पर रहे। वहीं सभी थाना प्रभारी भी बाजारों सहित गलियों में भी गश्त लगाते रहे। इस दौरान शहर में चोरी छिपे पटाखों की बिक्री हुई।
इस दिवाली पर करें विशेष मुहूर्त पर पूजा
दिवाली या दीपावली हिंदू धर्म में मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्योहार है। इस दिन मुख्य तौर पर मां लक्ष्मी, भगवान गणेश, देवी सरस्वती, महाकाली की पूजा होती है। दिवाली हर साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। दिवाली पूजन प्रदोष काल में किया जाता है। मान्यता है जो व्यक्ति मन से दिवाली के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करता है उसके सारे दुख दूर हो जाते हैं।
दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का महत्व
बूडिया निवासी पंडित ललित शर्मा ने बताया कि दिवाली वाले दिन शाम व रात को पूजा का विधान है। उन्होंने बताया कि पुराणों के अनुसार कार्तिक मास की अमावस्या की रात को देवी लक्ष्मी स्वयं धरती पर आती हैं और प्रत्येक घर में विचरण करती हैं। इस दौरान जो घर स्वच्छ व प्रकाशवान होता है, वहां देवी लक्ष्मी ठहर जाती हैं। इसलिए दिवाली से पहले ही घरों की सफाई की जाती है। जिससे देवी लक्ष्मी को प्रसन्न किया जा सके। दिवाली वाले दिन कुबेर देवता की पूजा भी होती है।
लक्ष्मी पूजा की विधि: पंडित ललित ने बताया कि दिवाली पर लक्ष्मी पूजा से पहले पूरे घर की सफाई कर करें। घर में गंगाजल का छिड़काव करें। घर अच्छे से सजाएं और मुख्य द्वार पर रंगोली बना लें। पूजा स्थल पर एक चौकी रखें और उस पर लाल कपड़ा बिछाकर वहां देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। चौकी के पास जल से भरा कलश रख दें। माता लक्ष्मी और गणेश जी की प्रतिमा पर तिलक लगाएं और उनके समक्ष घी का दीपक जलाएं। दीपक जलाकर उन्हें जल, मौली,गुड़, हल्दी, चावल, फल, अबीर-गुलाल आदि अर्पित करें। इसके बाद देवी सरस्वती, मां काली, श्री हरि और कुबेर देव की विधि विधान पूजा करें। महालक्ष्मी पूजा के बाद तिजोरी, बहीखाते और व्यापारिक उपकरणों की पूजा करें। अंत में माता लक्ष्मी की आरती जरूर करें और उन्हें मिठाई का भोग लगाएं। प्रसाद घर-परिवार के सभी सदस्यों में बांटें।
पूजा मुहूर्त: पंडित महेश शांडिल्य ने बताया कि लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल मुहूर्त शाम 06:09 से 08:04 तक रहेगा। लक्ष्मी पूजा निशिता काल मुहूर्त रात 11:39 से 12:31 तक होगा। अमावस्या तिथि चार नवंबर सुबह 06:03 बजे प्रारंभ होगी और पांच नवंबर अलसुबह 02:44 बजे तक रहेगी।
लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त
प्रात: मुहूर्त (शुभ) 06:35 से 07:58
प्रात: मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) 10:42 से दोपहर 02:49
अपराह्न मुहूर्त (शुभ) शाम 04:11 से 05:34
सायाह्न मुहूर्त (अमृत, चर) 05:34 से 08:49
रात्रि मुहूर्त (लाभ) 12:05 से पांच नवंबर 01:43
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मंगलवार से ही बाजार पूरी तरह से गुलजार हैं। बुधवार को दिवाली की पूर्व संध्या पर तो बाजारों की रौनक देखने वाली रही। शहर के तमाम बाजारों में भारी भीड़ उमड़ी। विक्रेताओं ने दुकानों के बाहर सामान लगाकर ग्राहकों को लुभाया। लोगों ने दिवाली को लेकर जमकर खरीददारी की। वहीं सुरक्षा को लेकर पुलिस भी अलर्ट रही। इस दौरान भीड़ के कारण बाजारों में जाम की स्थिति रही। लोगों को यहां से निकलने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।
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रेलवे स्टेशन से भगत सिंह चौक का डेढ़ किलोमीटर का सफर तय करने में एक घंटा तक लगा। वहीं दिवाली की उमंग के साथ लोगों में जिला कोरोना मुक्त होने की भी खुशी भी दिखाई दी। लोगों ने दिवाली के साथ एक दूसरे को कोरोना मुक्ति की भी बधाई दी। बाजार में देर रात तक दुकानें सजी रही और लोगों ने खरीदारी करते दिखे। सड़कों पर दीयों व लड़ियों के स्टॉलों पर भी भीड़ रही। बाजार में जहां तरह-तरह के दीये आए हुए हैं। वहीं विभिन्न प्रकार की रंग बिरंगी लड़ियों ने भी लोगों को लुभाया। इस बार बाजार में 95 फीसदी भारतीय माल नजर आया। लोगों ने भी देसी सामान की खरीद की।
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पटाखों पर रहा बैन, पुलिस ने लगाई गश्त
प्रशासन ने इस बार पटाखों की बिक्री व बजाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। इस दौरान बाजार में कहीं भी खुले में पटाखे नहीं बेचे गए। डीसी ने इसके लिए डीएसपी और एसडीएम को जिम्मेदारी सौंपी है। जिम्मेदारी के लिए एसडीएम व डीएसपी अपने क्षेत्रों में गश्त पर रहे। वहीं सभी थाना प्रभारी भी बाजारों सहित गलियों में भी गश्त लगाते रहे। इस दौरान शहर में चोरी छिपे पटाखों की बिक्री हुई।
इस दिवाली पर करें विशेष मुहूर्त पर पूजा
दिवाली या दीपावली हिंदू धर्म में मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्योहार है। इस दिन मुख्य तौर पर मां लक्ष्मी, भगवान गणेश, देवी सरस्वती, महाकाली की पूजा होती है। दिवाली हर साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। दिवाली पूजन प्रदोष काल में किया जाता है। मान्यता है जो व्यक्ति मन से दिवाली के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करता है उसके सारे दुख दूर हो जाते हैं।
दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का महत्व
बूडिया निवासी पंडित ललित शर्मा ने बताया कि दिवाली वाले दिन शाम व रात को पूजा का विधान है। उन्होंने बताया कि पुराणों के अनुसार कार्तिक मास की अमावस्या की रात को देवी लक्ष्मी स्वयं धरती पर आती हैं और प्रत्येक घर में विचरण करती हैं। इस दौरान जो घर स्वच्छ व प्रकाशवान होता है, वहां देवी लक्ष्मी ठहर जाती हैं। इसलिए दिवाली से पहले ही घरों की सफाई की जाती है। जिससे देवी लक्ष्मी को प्रसन्न किया जा सके। दिवाली वाले दिन कुबेर देवता की पूजा भी होती है।
लक्ष्मी पूजा की विधि: पंडित ललित ने बताया कि दिवाली पर लक्ष्मी पूजा से पहले पूरे घर की सफाई कर करें। घर में गंगाजल का छिड़काव करें। घर अच्छे से सजाएं और मुख्य द्वार पर रंगोली बना लें। पूजा स्थल पर एक चौकी रखें और उस पर लाल कपड़ा बिछाकर वहां देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। चौकी के पास जल से भरा कलश रख दें। माता लक्ष्मी और गणेश जी की प्रतिमा पर तिलक लगाएं और उनके समक्ष घी का दीपक जलाएं। दीपक जलाकर उन्हें जल, मौली,गुड़, हल्दी, चावल, फल, अबीर-गुलाल आदि अर्पित करें। इसके बाद देवी सरस्वती, मां काली, श्री हरि और कुबेर देव की विधि विधान पूजा करें। महालक्ष्मी पूजा के बाद तिजोरी, बहीखाते और व्यापारिक उपकरणों की पूजा करें। अंत में माता लक्ष्मी की आरती जरूर करें और उन्हें मिठाई का भोग लगाएं। प्रसाद घर-परिवार के सभी सदस्यों में बांटें।
पूजा मुहूर्त: पंडित महेश शांडिल्य ने बताया कि लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल मुहूर्त शाम 06:09 से 08:04 तक रहेगा। लक्ष्मी पूजा निशिता काल मुहूर्त रात 11:39 से 12:31 तक होगा। अमावस्या तिथि चार नवंबर सुबह 06:03 बजे प्रारंभ होगी और पांच नवंबर अलसुबह 02:44 बजे तक रहेगी।
लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त
प्रात: मुहूर्त (शुभ) 06:35 से 07:58
प्रात: मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) 10:42 से दोपहर 02:49
अपराह्न मुहूर्त (शुभ) शाम 04:11 से 05:34
सायाह्न मुहूर्त (अमृत, चर) 05:34 से 08:49
रात्रि मुहूर्त (लाभ) 12:05 से पांच नवंबर 01:43

दिवाली पर बाजार में गश्त करती पुलिस।- फोटो : Yamuna Nagar

दिवाली की पूर्व संध्या पर खरीदारी करते लोग।- फोटो : Yamuna Nagar

दिवाली की पूर्व संध्या पर रेलवे रोड पर उमड़ी लोगों की भीड़।- फोटो : Yamuna Nagar