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Yamuna Nagar News: स्टडी वीजा का झांसा देकर 21.45 लाख रुपये की ठगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कनाडा भेजने के नाम पर शिव दयालपुरी निवासी वरयाम सिंह से 21.45 लाख रुपये की ठगी कर ली गई।
आरोप चंडीगढ़ के सेक्टर 22-बी निवासी युवराज सिंह उर्फ हैरी पर है, जिसे वरयाम सिंह की शिकायत पर थाना शहर यमुनानगर पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में नामजद कर लिया।
शिकायत में शिव दयालपुरी निवासी वरयाम सिंह ने बताया कि वह अपने बेटे अमित को पढ़ाई के लिए विदेश भेजना चाहते थे। इसके लिए चंडीगढ़ के सेक्टर 22-बी निवासी युवराज सिंह उर्फ हैरी से संपर्क हुआ। 18 फरवरी 2024 को यमुनानगर बस स्टैंड पर युवराज ने बेटे अमित को स्टडी वीजा पर कनाडा भेजने के लिए 25 लाख का खर्च बताया।
उसी दिन युवराज को 50 हजार रुपये नकद और दस्तावेज दिए। इसके बाद 22 फरवरी को ऑफर लेटर का हवाला देकर युवराज ने 20 हजार रुपये नकद लिए। 27 फरवरी को नौ लाख रुपये आरटीजीएस से युवराज को दिए। फिर नौ लाख रुपये 26 मार्च को आरटीजीएस से युवराज को भेजे।
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28 मार्च को एक लाख रुपये नकद और 12 अप्रैल को 1.25 लाख रुपये नकद दिए। इसके तीन माह बाद भी युवराज ने अमित को कनाडा नहीं भेजा। तब जांच करने पर पता चला कि युवराज के दिए ऑफर लेटर व अन्य दस्तावेज फर्जी हैं। युवराज को दिए 21.45 लाख रुपये वापस मांगे तो उसने दो चेक (छह लाख व 12 लाख रुपये) दिए, जो बाउंस हो गए।
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यमुनानगर। कनाडा भेजने के नाम पर शिव दयालपुरी निवासी वरयाम सिंह से 21.45 लाख रुपये की ठगी कर ली गई।
आरोप चंडीगढ़ के सेक्टर 22-बी निवासी युवराज सिंह उर्फ हैरी पर है, जिसे वरयाम सिंह की शिकायत पर थाना शहर यमुनानगर पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में नामजद कर लिया।
शिकायत में शिव दयालपुरी निवासी वरयाम सिंह ने बताया कि वह अपने बेटे अमित को पढ़ाई के लिए विदेश भेजना चाहते थे। इसके लिए चंडीगढ़ के सेक्टर 22-बी निवासी युवराज सिंह उर्फ हैरी से संपर्क हुआ। 18 फरवरी 2024 को यमुनानगर बस स्टैंड पर युवराज ने बेटे अमित को स्टडी वीजा पर कनाडा भेजने के लिए 25 लाख का खर्च बताया।
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उसी दिन युवराज को 50 हजार रुपये नकद और दस्तावेज दिए। इसके बाद 22 फरवरी को ऑफर लेटर का हवाला देकर युवराज ने 20 हजार रुपये नकद लिए। 27 फरवरी को नौ लाख रुपये आरटीजीएस से युवराज को दिए। फिर नौ लाख रुपये 26 मार्च को आरटीजीएस से युवराज को भेजे।
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28 मार्च को एक लाख रुपये नकद और 12 अप्रैल को 1.25 लाख रुपये नकद दिए। इसके तीन माह बाद भी युवराज ने अमित को कनाडा नहीं भेजा। तब जांच करने पर पता चला कि युवराज के दिए ऑफर लेटर व अन्य दस्तावेज फर्जी हैं। युवराज को दिए 21.45 लाख रुपये वापस मांगे तो उसने दो चेक (छह लाख व 12 लाख रुपये) दिए, जो बाउंस हो गए।