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आरसी फर्जीवाड़े में बड़ी कार्रवाई, जगाधरी में एसपी ने निगरानी में लिया रिकार्ड, बिलासपुर में सील किया
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Major action taken in RC forgery, SP took record under surveillance in Jagadhri
- फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। नीलामी के वाहनों को रजिस्टर्ड कराने के कथित फर्जीवाड़े के मामले में बुधवार को बड़ी कार्रवाई की गई। एसपी कमलदीप गोयल ने जगाधरी एसडीएम कार्यालय का वाहन पंजीकरण का रिकॉर्ड अपनी निगरानी में ले लिया है। वहीं एडीसी ने बिलासपुर एसडीएम कार्यालय की जांच की और वहां इस केस से संबंधित वाहनों के रिकॉर्ड को सील करवा दिया है। दोनों जगह रिकॉर्ड के साथ किसी तरह की छेड़खानी न हो इसलिए पुलिसकर्मियों को तैनात भी किया गया है। बताया जा रहा है कि वाहनों के पंजीकरण में फर्जीवाड़े का मामला चंडीगढ़ तक पहुंच गया है इसके बाद एसपी कमलदीप गोयल ने खुद कमान संभाली है।
बुधवार सुबह पुलिस अधीक्षक ई-दिशा के ऊपर बने रिकार्ड रूम में जांच के लिए पहुंचे। इसके बाद वे वकीलों के बी-ब्लॉक चेंबर के सामने बने रिकार्ड रूम में भी जांच के लिए पहुंचे। उनके साथ एसआईटी में शामिल पुलिसकर्मी, अधिकारी व जगाधरी एसडीएम दर्शन बिश्नोई भी शामिल रहे। उन्होंने रिकार्ड को पुलिस की सुरक्षा में रखने के निर्देश दिए। अब जो भी कोई इन दोनों रिकार्ड रूम से दस्तावेज लेगा उसे कारण बताना होगा। वहीं यमुनानगर पुलिस आरोपी अमित को प्रोटेक्शन वारंट पर लेगी, ताकि उससे सच्चाई का पता लगाया जा सके।
बिलासपुर में रिकॉर्ड रूम के बाहर पुलिस कर्मी तैनात
उच्चाधिकारियों के आदेश पर उपमंडल बिलासपुर के वाहनों के दस्तावेज के स्टोर को बंद कर सील कर दिया है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन की ओर से दो पुलिसकर्मी 24 घंटे स्टोर रूम की निगरानी करेंगे। पुलिस प्रशासन व जांच अधिकारियों की अनुमति के बिना स्टोर रूम को नहीं खोला जाएगा। पिछले लगभग 12 सालों के वाहनों के दस्तावेजों की फाइलों के स्टोर को सील कर दिया गया है। एसडीएम वीरेंद्र सिंह धूल ने कहा कि जांच के लिए मामला पुलिस प्रशासन के पास है। जिस प्रकार पुलिस कार्रवाई, उसी आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जगाधरी का मामला सामने आने के बाद मेरे संज्ञान में आया था कि अमित ने कुछ गाड़ियां यहां भी पंजीकरण के लिए भेजी थी। अपने स्तर पर जांच के बाद पुलिस अधीक्षक को 29 वाहनों की फाइलों के दस्तावेज में गड़बड़ी होने के अंदेशा पर कार्रवाई व जांच करने के लिए लिखा गया था। जिस पर पुलिस ने अमित कुमार के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर किया गया।
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22 जनवरी को एसआईटी का गठन किया था। वाहन पंजीकरण में किस किस व्यक्ति का क्या रोल है। फर्जीवाड़ा कैसे हुआ, किसकी क्या भूमिका रही। पूरे मामले में कहां पर चूक हुई, जांचा जा रहा है। रिकार्ड रूम को चैक किया तो रिकार्ड अव्यवस्थित मिला। अभी जांच से जुड़े और रिकार्ड की जरूरत है। हम पांच साल का रिकॉर्ड खंगालेंगे। जब तक जांच पूरी नहीं होती तब तक रिकार्ड पुलिस की निगरानी में रहेगा।
-कमलदीप गोयल, एसपी
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बुधवार सुबह पुलिस अधीक्षक ई-दिशा के ऊपर बने रिकार्ड रूम में जांच के लिए पहुंचे। इसके बाद वे वकीलों के बी-ब्लॉक चेंबर के सामने बने रिकार्ड रूम में भी जांच के लिए पहुंचे। उनके साथ एसआईटी में शामिल पुलिसकर्मी, अधिकारी व जगाधरी एसडीएम दर्शन बिश्नोई भी शामिल रहे। उन्होंने रिकार्ड को पुलिस की सुरक्षा में रखने के निर्देश दिए। अब जो भी कोई इन दोनों रिकार्ड रूम से दस्तावेज लेगा उसे कारण बताना होगा। वहीं यमुनानगर पुलिस आरोपी अमित को प्रोटेक्शन वारंट पर लेगी, ताकि उससे सच्चाई का पता लगाया जा सके।
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बिलासपुर में रिकॉर्ड रूम के बाहर पुलिस कर्मी तैनात
उच्चाधिकारियों के आदेश पर उपमंडल बिलासपुर के वाहनों के दस्तावेज के स्टोर को बंद कर सील कर दिया है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन की ओर से दो पुलिसकर्मी 24 घंटे स्टोर रूम की निगरानी करेंगे। पुलिस प्रशासन व जांच अधिकारियों की अनुमति के बिना स्टोर रूम को नहीं खोला जाएगा। पिछले लगभग 12 सालों के वाहनों के दस्तावेजों की फाइलों के स्टोर को सील कर दिया गया है। एसडीएम वीरेंद्र सिंह धूल ने कहा कि जांच के लिए मामला पुलिस प्रशासन के पास है। जिस प्रकार पुलिस कार्रवाई, उसी आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जगाधरी का मामला सामने आने के बाद मेरे संज्ञान में आया था कि अमित ने कुछ गाड़ियां यहां भी पंजीकरण के लिए भेजी थी। अपने स्तर पर जांच के बाद पुलिस अधीक्षक को 29 वाहनों की फाइलों के दस्तावेज में गड़बड़ी होने के अंदेशा पर कार्रवाई व जांच करने के लिए लिखा गया था। जिस पर पुलिस ने अमित कुमार के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर किया गया।
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22 जनवरी को एसआईटी का गठन किया था। वाहन पंजीकरण में किस किस व्यक्ति का क्या रोल है। फर्जीवाड़ा कैसे हुआ, किसकी क्या भूमिका रही। पूरे मामले में कहां पर चूक हुई, जांचा जा रहा है। रिकार्ड रूम को चैक किया तो रिकार्ड अव्यवस्थित मिला। अभी जांच से जुड़े और रिकार्ड की जरूरत है। हम पांच साल का रिकॉर्ड खंगालेंगे। जब तक जांच पूरी नहीं होती तब तक रिकार्ड पुलिस की निगरानी में रहेगा।
-कमलदीप गोयल, एसपी