फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Mahasanyog after 144 years on Magh Purnima

Yamuna Nagar News: माघ पूर्णिमा पर 144 साल बाद महासंयोग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Feb 2025 12:14 AM IST
विज्ञापन
Mahasanyog after 144 years on Magh Purnima
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

साढौरा। माघ पूर्णिमा पर 144 साल बाद महासंयोग बन रहा है। महाकुंभ स्नान पर पांच शुभ योग, सौभाग्य योग, शोभन योग, शिव वास योग, गजकेसरी योग, त्रिग्रही योग बनेंगे। इसलिए इस पूर्णिमा का महत्व कई गुना बढ़ गया है। यह जानकारी पंडित रामराज कौशिक ने दी।
उन्होंने बताया कि पूर्णिमा शुभ तिथि मानी जाती है जो हर महीने में एक बार आती है। इस दिन भगवान विष्णु की उपासना करनी चाहिए। सत्यनारायण की कथा करने का विधान भी है। माघ मास की पूर्णिमा तिथि को माघ पूर्णिमा का व्रत रखा जाता है। इस तिथि पर स्नान, दान और जप को बहुत पुण्य फलदायी बताया गया है। इस बार माघ पूर्णिमा 12 फरवरी को है।
विज्ञापन

पूर्णिमा तिथि 11 फरवरी को शाम 6 बजकर 55 मिनट पर शुरू होगी। तिथि का समापन 12 फरवरी को शाम 7 बजकर 22 मिनट पर होगा। उदय तिथि के अनुसार, माघ मास की पूर्णिमा का व्रत 12 फरवरी को होगा। स्नान-दान का समय सुबह 5 बजकर 19 मिनट से सुबह 6 बजकर 10 मिनट तक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पंडित रामराज कौशिक ने बताया कि धर्म ग्रंथों में माघ पूर्णिमा को स्नान-दान का पर्व बताया है। पूरे साल के पूर्णिमा स्नान में माघ पूर्णिमा स्नान को सबसे उत्तम कहा गया। माघ की पूर्णिमा पर तीर्थ के जल में भगवान विष्णु का निवास होता है। साथ ही इस दिन तिल दान करने से कई यज्ञ करने जितना पुण्य फल मिलता है।

माघ पूर्णिमा का महत्व
पंडित रामराज कौशिक ने बताया कि ग्रंथों में माघ को भगवान भास्कर और श्री हरि विष्णु का महीना बताया गया है। मान्यता है कि माघ पूर्णिमा पर भगवान विष्णु गंगाजल में निवास करते हैं। इस दिन जो भी श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं। उसके बाद जप और दान करते हैं। उन्हें सांसारिक बंधनों से मुक्ति मिलती है। बुधवार को श्रद्धालु सूर्योदय के साथ ही तीर्थ स्थानों पर नदियों में स्नान करेंगे और चंद्रमा और धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा करेंगे तो उन्हें सुख-समृद्धि मिलेगी। माघ पूर्णिमा पर रात में चंद्रमा की पूजा करने से चंद्र दोष दूर होता है। बुधवार को कुंभ संक्रांति है। इस दिन सूर्य देव कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। इस पर्व में यज्ञ, तप और दान का विशेष महत्व है। स्नान के बाद भगवान विष्णु की पूजा, पितरों का श्राद्ध और जरूरतमंद लोगों को दान करने का विशेष फल है। जरूरतमंद को भोजन, वस्त्र, तिल, कंबल, गुड़, कपास, घी, लड्डू, फल, अन्न, पादुका आदि का दान करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed