फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Maharishi Kumar Swami gave the knowledge of Beej Mantra in the gathering.

Yamuna Nagar News: समागम में महर्षि कुमार स्वामी ने दिया बीज मंत्र का ज्ञान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Oct 2023 02:03 AM IST
विज्ञापन
Maharishi Kumar Swami gave the knowledge of Beej Mantra in the gathering.
जगाधरी। तेजली रोड स्थित कर्ण रिजॉर्ट में बुधवार को दुख निवारण समागम हुआ। समागम में महर्षि कुमार स्वामी पहुंचे। महर्षि कुमार स्वामी का दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। शहर का कर्ण रिजॉर्ट श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। इस दौरान कुमार स्वामी महाराज ने श्रद्धालुओं को बीज मंत्र का ज्ञान दिया। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा के उत्कील पाठ से विश्व के लाखों लोग अपने दुखों और समस्याओं से मुक्त हो गए हैं।
विज्ञापन

महर्षि ने कहा कि मां दुर्गा के उत्कील पाठ से सभी के दुखों, रोगों और समस्याओं का अंत होता है। इसी से सभी को धन, संपत्ति, सुख, शांति, समृद्धि की प्राप्त होती है। उन्होंने भगवान शिव को उद्धृत करते हुए कहा कि भगवान शिव ने कहा है कि हे पार्वती, मैं यह सत्य कह रहा हूं कि मां दुर्गा ने ही त्रिदेवों सहित राम, कृष्ण सभी देवताओं, असुरों, पृथ्वी, जल, आकाश, तारे व सारे ब्रह्मांड की रचना की है। मां दुर्गा ने ही सभी धर्म ग्रंथों की रचना की है। मां दुर्गा ही वेद हैं। मां ही एक ओंकार, सतनाम, अकाल पुरख, वाहेगुरु हैं।
विज्ञापन

महर्षि कुमार स्वामी ने श्रद्धालुओं को परिहार अवधन योग से तत्क्षण दुखों से मुक्त किया। समागम में श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव साझा किए। समागम में सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, धार्मिक संस्थाओं के विद्वान, प्रशासनिक अधिकारी सहित विभिन्न दलों के लोग भी पहुंचे। यहां कुमार स्वामी महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति उत्कील, परिहार पाठ करता है तो मां दुर्गा उसके सभी दुख दूर करती हैं। दुनिया में ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसका समाधान मां दुर्गा के इस पाठ में न हो। पाठ करने वाले के लिए संसार में कुछ भी दुर्लभ नहीं रह जाता है। मां दुर्गा का यह पाठ सभी देवताओं के मंत्रों से कोटि गुणा शक्तिशाली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि दुर्गा सप्तशती में मां ने कहा है कि मैं आनंद और आनंद स्वरूपा हूं यानि उनसे ही आनंद प्राप्त होता है। जिसे हम आनंद कहते हैं वह मां ही हैं। इनकी कृपा से साधक को आनंद की प्राप्ति होती है। मां कहती हैं कि मैं विज्ञान व अविज्ञानरूपा हूं। जितना भी अध्यात्म है, वह ही विज्ञान है। जिसे हम विज्ञान कहते हैं वह केवल ज्ञान है अतः जो अध्यात्म है वह विज्ञान तथा जो तथाकथित विज्ञान है वह अविज्ञान कहलाता है। मां कहती हैं कि ये दोनों ही मैं हूं दोनों का अपना महत्व है। एक के द्वारा भौतिक सुख-साधन प्राप्त होते हैं तथा दूसरे के माध्यम से र्ध्म, अर्थ, काम, मोक्ष प्राप्त होता है। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं को मां के बीज मंत्र की महिमा के बारे में बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed