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Yamuna Nagar News: कुरुक्षेत्र में हत्या से शराब के कारोबारियों में दहशत
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में शराब के ठेकों की नीलामी हाेने की अभी उम्मीद जगी थी, लेकिन कुरुक्षेत्र में हुए हत्याकांड ने एक बार फिर शराब कारोबारियों में खौफ पैदा कर दिया है। कुरुक्षेत्र में शराब कारोबारी शांतनु को बदमाशों ने सात गोलियां मार कर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने जिले के शराब कारोबारियों में दहशत फैला दी है। गोबिंदपुरी रोड पर शराब ठेके पर हुई फायरिंग में भी बंबीहा गैंग ने पर्ची फेंकी थी।
यमुनानगर में शराब के 55 जोन में से अभी तक केवल 10 जोन की ही नीलामी हो सकी है। गैंगस्टरों की ओर से शराब ठेकों पर करवाई जा रही फायरिंग व फोन करके मांगी जा रही रंगदारी ने शराब कारोबारियों में खौफ पैदा कर रखा है। इससे ठेकेदार शराब के ठेकों की बोली से बच रहे हैं। यह हालात तब हैं, जब मुख्यमंत्री नायब सैनी खुद डीजीपी के सामने शराब कारोबारियों को सुरक्षा का आश्वासन दे चुके हैं।
पहले चरण में केवल 10 जोन में ही शराब ठेकों की नीलामी हो पाई है। 45 जोन की बिक्री के लिए कई बार नीलामी करवाई गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। 12 जून को नई शराब पॉलिसी प्रदेश में लागू हो चुकी है। 90 फीसदी शराब ठेकों पर ताला लटका है। अब 13 जून को ठेकों की नीलामी होनी थी, जिसके लिए रिजर्व प्राइस की कीमतों में तीन से पांच प्रतिशत की कटौती की गई। एक दिन पहले अचानक नीलामी को स्थगित कर दिया गया। आबकारी विभाग के अधिकारियों को पूरी उम्मीद थी अब रिजर्व प्राइस में कमी होने के बाद शराब कारोबारी ठेकों की नीलामी में हिस्सा लेंगे। करीब 400 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का दबाव कम होगा। परंतु कुरुक्षेत्र में शुक्रवार रात शराब कारोबारी शांतनु को बदमाशों ने गोलियाें से भून डाला। शांतनु ने शाहबाद जोन में कई ठेके ले रखे थे। इस घटना से शराब कारोबारी फिर से डर गए हैं।
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पहले कारोबारी खुद ही ठेके लेने से पीछे हट रहे थे, लेकिन अब अपने परिवार का दबाव भी उन पर है। ठेकेदार मुख्यमंत्री के सामने भी कह चुके हैं वह करोड़ों रुपये देकर कारोबार भी करें, इसके बावजूद उनकी व परिवार की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। अगली नीलामी अब 15 जून के बाद कभी कभी कराई जा सकती है। ठेकों की नीलामी कराने के लिए आबकारी विभाग, प्रशासन व पुलिस पर दबाव है।
डीईटीसी आलोक पासी का कहना है कि 13 जून को होने वाली शराब ठेकों की नीलामी को स्थगित कर दिया गया था। आगामी नीलामी कब होगी, इसकी तारीख मुख्यालय से ही तय होती है। जैसे ही तारीख होगी इस बारे में शराब ठेकेदारों को अवगत करवा दिया जाएगा।
किसी को डरने की जरूरत नहीं : एसपी
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया का कहना है कि किसी भी शराब ठेकेदार को डरने की जरूरत नहीं है। सुरक्षा की दृष्टि से नाकाबंदी कर रखी है। साथ ही नाकों पर वाईफाई से लैस सीसीटीवी भी लगा रखे हैं. जिनसे संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है। शराब ठेकेदारों को सुरक्षा मुहैया करवा रखी है। शराब कारोबारी बेखौफ होकर ठेकों की नीलामी में हिस्सा लें।
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यमुनानगर। जिले में शराब के ठेकों की नीलामी हाेने की अभी उम्मीद जगी थी, लेकिन कुरुक्षेत्र में हुए हत्याकांड ने एक बार फिर शराब कारोबारियों में खौफ पैदा कर दिया है। कुरुक्षेत्र में शराब कारोबारी शांतनु को बदमाशों ने सात गोलियां मार कर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने जिले के शराब कारोबारियों में दहशत फैला दी है। गोबिंदपुरी रोड पर शराब ठेके पर हुई फायरिंग में भी बंबीहा गैंग ने पर्ची फेंकी थी।
यमुनानगर में शराब के 55 जोन में से अभी तक केवल 10 जोन की ही नीलामी हो सकी है। गैंगस्टरों की ओर से शराब ठेकों पर करवाई जा रही फायरिंग व फोन करके मांगी जा रही रंगदारी ने शराब कारोबारियों में खौफ पैदा कर रखा है। इससे ठेकेदार शराब के ठेकों की बोली से बच रहे हैं। यह हालात तब हैं, जब मुख्यमंत्री नायब सैनी खुद डीजीपी के सामने शराब कारोबारियों को सुरक्षा का आश्वासन दे चुके हैं।
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पहले चरण में केवल 10 जोन में ही शराब ठेकों की नीलामी हो पाई है। 45 जोन की बिक्री के लिए कई बार नीलामी करवाई गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। 12 जून को नई शराब पॉलिसी प्रदेश में लागू हो चुकी है। 90 फीसदी शराब ठेकों पर ताला लटका है। अब 13 जून को ठेकों की नीलामी होनी थी, जिसके लिए रिजर्व प्राइस की कीमतों में तीन से पांच प्रतिशत की कटौती की गई। एक दिन पहले अचानक नीलामी को स्थगित कर दिया गया। आबकारी विभाग के अधिकारियों को पूरी उम्मीद थी अब रिजर्व प्राइस में कमी होने के बाद शराब कारोबारी ठेकों की नीलामी में हिस्सा लेंगे। करीब 400 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का दबाव कम होगा। परंतु कुरुक्षेत्र में शुक्रवार रात शराब कारोबारी शांतनु को बदमाशों ने गोलियाें से भून डाला। शांतनु ने शाहबाद जोन में कई ठेके ले रखे थे। इस घटना से शराब कारोबारी फिर से डर गए हैं।
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पहले कारोबारी खुद ही ठेके लेने से पीछे हट रहे थे, लेकिन अब अपने परिवार का दबाव भी उन पर है। ठेकेदार मुख्यमंत्री के सामने भी कह चुके हैं वह करोड़ों रुपये देकर कारोबार भी करें, इसके बावजूद उनकी व परिवार की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। अगली नीलामी अब 15 जून के बाद कभी कभी कराई जा सकती है। ठेकों की नीलामी कराने के लिए आबकारी विभाग, प्रशासन व पुलिस पर दबाव है।
डीईटीसी आलोक पासी का कहना है कि 13 जून को होने वाली शराब ठेकों की नीलामी को स्थगित कर दिया गया था। आगामी नीलामी कब होगी, इसकी तारीख मुख्यालय से ही तय होती है। जैसे ही तारीख होगी इस बारे में शराब ठेकेदारों को अवगत करवा दिया जाएगा।
किसी को डरने की जरूरत नहीं : एसपी
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया का कहना है कि किसी भी शराब ठेकेदार को डरने की जरूरत नहीं है। सुरक्षा की दृष्टि से नाकाबंदी कर रखी है। साथ ही नाकों पर वाईफाई से लैस सीसीटीवी भी लगा रखे हैं. जिनसे संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है। शराब ठेकेदारों को सुरक्षा मुहैया करवा रखी है। शराब कारोबारी बेखौफ होकर ठेकों की नीलामी में हिस्सा लें।