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शराब प्रकरण : आबकारी विभाग के एईटीओ, इंस्पेक्टर व एएसआई गिरफ्तार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jul 2024 07:08 AM IST
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Liquor case: AETO, Inspector and ASI of Excise Department arrested
यमुनानगर। एक पास पर दो बार शराब सप्लाई मामले में आबकारी विभाग के अधिकारी भी संलिप्त थे। मामले में पुलिस ने अब अंबाला आबकारी विभाग के एईटीओ अनिल वर्मा, इंस्पेक्टर प्रदीप व एएसआई सतबीर को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें तीन दिन के रिमांड पर लिया गया।
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तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। इस केस में अब क्रप्शन एक्ट की धारा भी ईजाद की गई है। जिससे पता चलता है कि मामले में आबकारी विभाग के अधिकारियों की भूमिका अहम थी। मामले में पहले से एनवी फैक्ट्री अंबाला के अकाउंट जीएम उमेश शर्मा रिमांड पर है। उनसे भी पुलिस पूछताछ कर रही है। मामले की जांच कर रहे डीएसपी राजेश कुमार का कहना है कि मामले में अभी और कड़ियां खुलनी बाकी है। इस केस में फैक्ट्री के चेयरमैन अशोक जैन व एमडी समीर गोयल फरार है। उनकी भी तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें भी काबू किया जाएगा। अब तक इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि सात लाख संदिग्ध बार कोड, लेपटॉप, मोबाइल व अन्य सामान बरामद किया जा चुका है।
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सीआईए वन की टीम ने 21 जून की शाम को नेशनल हाईवे 344 पर पिरथी का माजरा के पास 1200 पेटियां शराब से भरा ट्रक पकड़ा था। यह शराब की पेटियां एनवी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड अंबाला से रिंकू सिंह के एल-13 गोदाम स्काच स्टेशन वाइंस जगाधरी पर सप्लाई की जानी थी। जब पेटियों के बार कोड को ट्रैक एंड ट्रेस द्वारा स्कैन किया गया तो पता लगा कि यह शराब की पेटियां एल-13 मैसर्स स्काॅच स्टेशन वाइंस जगाधरी में पहले से ही छह बजकर 11 मिनट पर स्टाॅक-इन दिखा रही हैं जबकि इस गाड़ी को शराब की पेटियों सहित पांच बजकर 25 मिनट पर पहले ही रोक कर चेक किया गया है।
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क्यूआर कोड के अनुसार एक ही गाड़ी नंबर और शराब दोनों जगह होना संभव नहीं है। जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच की। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अक्षय व जितेंद्र ही नकली बार कोड तैयार करते हैं। इसके साथ ही जितेंद्र फैक्ट्री में सीसीटीवी का कंट्रोल करता था। जिससे फैक्ट्री से एक ही पास पर निकलने वाली गाड़ियां सीसीटीवी में नजर नहीं आती। यह पूरा खेल अंबाला के आबकारी अधिकारियों, फैक्ट्री के अधिकारियों व शराब ठेकेदारों की मिलीभगत से चल रहा था। इस केस में अब तक फैक्ट्री के तीन अधिकारी, आबकारी विभाग के तीन अधिकारी, दो शराब ठेकेदार सहित 11 आराेपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस को अब एनवी फैक्ट्री के चेयरमैन अशोक जैन व एमडी समीर गोयल की तलाश है।
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