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Yamuna Nagar News: महीने भर में जवाब देने लगी पौने पांच साल बाद मिलीं एलईडी लाइटें
Thu, 26 Oct 2023 02:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 26 Oct 2023 02:18 AM IST
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यमुनानगर। एलईडी प्रोजेक्ट से अछूते शहर के 14 वार्डों से अधिकांश में दिवाली पर भी गलियों में अंधेरा रहने की आशंका हैं। इसका कारण यह है कि पांच माह पहले यूएलबी (अर्बन लोकल बॉडी) से मंजूर नई 41011 स्मार्ट एलईडी लाइटें लगनी तो दूर अफसर अभी यह ले भी नहीं पाए हैं। इन्हें लगाने के लिए अभी स्थान चिह्नित करने का सर्वे ही चल रहा है। उधर वार्डों को पौने पांच साल बाद मिलीं 40 नई एलईडी लाइटें भी माहभर में जवाब देने लगी हैं। वार्ड पार्षदों का आरोप है कि 40 लाइटों में आधी लाइटें खराब हो गई हैं। एक के बाद एक खराब हो रही नई एलईडी सहित पुरानी सोडियम व ट्यूब लाइटें ठीक नहीं हो रहीं।
इस बारे में अवगत कराने पर नगर निगम के कर्मी मरम्मत का सामान न होने का एक ही रटा रटाया तर्क देकर पल्ला झाड़ रहे हैं। बता दें कि मार्च-2020 में नगर निगम ने वार्ड-2, 6, 8, 9, 10, 15, 19 व 21 में एलईडी लाइटें लगाने का करीब चार करोड़ रुपये का टेंडर हुआ था। इससे उक्त आठ वार्डों में सितंबर-2021 तक 8164 एलईडी लाइटें लगी, जबकि अन्य 14 वार्डों में एलईडी लाइटें नहीं लग पाईं। जिन आठ वार्डों में यह एलईडी लाइटें लगीं, वहां भी कई लाइटें बंद व खराब हो रही हैं। ऐसे ही एलईडी लाइट प्रोजेक्ट से अछूते 14 वार्डों में एक ओर पुरानी सोडियम व ट्यूब लाइटें खराब हो रहीं हैं, वहीं पौने पांच साल में नाममात्र ही नई एलईडी लाइटें ही लग पाई। इनमें अभी एक माह पहले मिली नई एलईडी लाइटों पर पार्षदों ने सवाल उठा दिए हैं।
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फोटो-
40 में से 20 ही मिलीं, उनमें भी छह हुईं खराब
वार्ड तीन से पार्षद हरमीन कोहली ने कहा कि 40 में से एक माह पहले 20 एलईडी लाइटें उन्हें निगम कर्मियों ने वार्ड के लिए दीं, जबकि अन्य 20 लाइटें मनमर्जी से वार्ड में पहले ही लगा दी गईं। उन्हें मिली 20 एलईडी लाइटों में भी करीब छह लाइट माहभर में ही खराब हो गईं। जबकि पौने पांच साल में पहली बार एक साथ 40 नई एलईडी लाइटें वार्ड के लिए मिली थीं, जिससे पहले महज 25 एलईडी लाइटें दी गई थीं। वार्ड में 50 फीसदी पुरानी सोडियम व ट्यूब लाइटें भी खराब हैं, जिस बारे अवगत कराने पर अफसर बार-बार मरम्मत का सामान न होने का तर्क दे रहे हैं। निगम अफसरों के खुद के सर्वे में मुखर्जी पार्क, राधा-कृष्ण कॉलोनी, विपिन कॉलोनी में 86 लाइटें खराब मिली थीं, वहीं उधमगढ़ में भी 70 फीसदी लाइटें खराब हैं। इन हालात में लगातार पांचवीं बार रोशनी के पर्व दिवाली पर भी वार्ड की गलियों में अंधेरा रहने की आशंका है।
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फोटो-
नई 40 में से आधी खराब, पुरानी 50 हुईं गायब
वार्ड 13 से पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि पौने पांच साल में पहली बार वार्ड के लिए 40 नई एलईडी लाइटें एक माह पहले मिलीं, उनमें भी आधी माहभर में ही खराब हो गई हैं। ऐसे ही पुरानी सोडियम व ट्यूब लाइटें खराब होने पर ठीक नहीं हो रहीं, जिसका कारण अफसर मरम्मत का सामान न होना बता रहे हैं। यह पुरानी लाइटें भी काफी संख्या में खराब होकर बंद पड़ी हैं, जिनमें 50 लाइटें तो गायब भी हैं। जिसके आसपास के लोग बताते हैं कि ये लाइटें निगम कर्मी ठीक करने को उतार ले गए थे, पर यहां वापस यह लाइटें नहीं लगाई गईं। दिवाली करीब होने पर भी स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ी हुई हैं, जिसके लिए लोग शिकायत भी नहीं कर पा रहे हैं। आरोप है कि छह माह से स्ट्रीट लाइट के संबंध में शिकायत करने के लिए नगर निगम की ओर से जारी नंबर भी छह माह से बंद पड़ा है। इस बारे सदन बैठक में मुद्दा उठाया था, पर उसके बाद भी यह नंबर चालू नहीं किया गया।
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वर्जन-
अगर कहीं नई लाइटें खराब होने व पुरानी खराब लाइटें ठीक नहीं हो रही हैं तो इस बारे में संबंधित शाखा के अफसर को निर्देश देंगे। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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इस बारे में अवगत कराने पर नगर निगम के कर्मी मरम्मत का सामान न होने का एक ही रटा रटाया तर्क देकर पल्ला झाड़ रहे हैं। बता दें कि मार्च-2020 में नगर निगम ने वार्ड-2, 6, 8, 9, 10, 15, 19 व 21 में एलईडी लाइटें लगाने का करीब चार करोड़ रुपये का टेंडर हुआ था। इससे उक्त आठ वार्डों में सितंबर-2021 तक 8164 एलईडी लाइटें लगी, जबकि अन्य 14 वार्डों में एलईडी लाइटें नहीं लग पाईं। जिन आठ वार्डों में यह एलईडी लाइटें लगीं, वहां भी कई लाइटें बंद व खराब हो रही हैं। ऐसे ही एलईडी लाइट प्रोजेक्ट से अछूते 14 वार्डों में एक ओर पुरानी सोडियम व ट्यूब लाइटें खराब हो रहीं हैं, वहीं पौने पांच साल में नाममात्र ही नई एलईडी लाइटें ही लग पाई। इनमें अभी एक माह पहले मिली नई एलईडी लाइटों पर पार्षदों ने सवाल उठा दिए हैं।
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40 में से 20 ही मिलीं, उनमें भी छह हुईं खराब
वार्ड तीन से पार्षद हरमीन कोहली ने कहा कि 40 में से एक माह पहले 20 एलईडी लाइटें उन्हें निगम कर्मियों ने वार्ड के लिए दीं, जबकि अन्य 20 लाइटें मनमर्जी से वार्ड में पहले ही लगा दी गईं। उन्हें मिली 20 एलईडी लाइटों में भी करीब छह लाइट माहभर में ही खराब हो गईं। जबकि पौने पांच साल में पहली बार एक साथ 40 नई एलईडी लाइटें वार्ड के लिए मिली थीं, जिससे पहले महज 25 एलईडी लाइटें दी गई थीं। वार्ड में 50 फीसदी पुरानी सोडियम व ट्यूब लाइटें भी खराब हैं, जिस बारे अवगत कराने पर अफसर बार-बार मरम्मत का सामान न होने का तर्क दे रहे हैं। निगम अफसरों के खुद के सर्वे में मुखर्जी पार्क, राधा-कृष्ण कॉलोनी, विपिन कॉलोनी में 86 लाइटें खराब मिली थीं, वहीं उधमगढ़ में भी 70 फीसदी लाइटें खराब हैं। इन हालात में लगातार पांचवीं बार रोशनी के पर्व दिवाली पर भी वार्ड की गलियों में अंधेरा रहने की आशंका है।
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नई 40 में से आधी खराब, पुरानी 50 हुईं गायब
वार्ड 13 से पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि पौने पांच साल में पहली बार वार्ड के लिए 40 नई एलईडी लाइटें एक माह पहले मिलीं, उनमें भी आधी माहभर में ही खराब हो गई हैं। ऐसे ही पुरानी सोडियम व ट्यूब लाइटें खराब होने पर ठीक नहीं हो रहीं, जिसका कारण अफसर मरम्मत का सामान न होना बता रहे हैं। यह पुरानी लाइटें भी काफी संख्या में खराब होकर बंद पड़ी हैं, जिनमें 50 लाइटें तो गायब भी हैं। जिसके आसपास के लोग बताते हैं कि ये लाइटें निगम कर्मी ठीक करने को उतार ले गए थे, पर यहां वापस यह लाइटें नहीं लगाई गईं। दिवाली करीब होने पर भी स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ी हुई हैं, जिसके लिए लोग शिकायत भी नहीं कर पा रहे हैं। आरोप है कि छह माह से स्ट्रीट लाइट के संबंध में शिकायत करने के लिए नगर निगम की ओर से जारी नंबर भी छह माह से बंद पड़ा है। इस बारे सदन बैठक में मुद्दा उठाया था, पर उसके बाद भी यह नंबर चालू नहीं किया गया।
वर्जन-
अगर कहीं नई लाइटें खराब होने व पुरानी खराब लाइटें ठीक नहीं हो रही हैं तो इस बारे में संबंधित शाखा के अफसर को निर्देश देंगे। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।