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Yamuna Nagar News: हथिनीकुंड बैराज के गेट में लीकेज, नींव को खतरा

Thu, 06 Jun 2024 05:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Thu, 06 Jun 2024 05:57 AM IST
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Leakage in the gate of Hathnikund Barrage, threat to the foundation
सुरेश सैनी
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यमुनानगर। हथिनी कुंड बैराज का गेट नंबर आठ में लीकेज हो रही है। जिस वजह से यह गेट क्षतिग्रस्त हो सकता है। इसका विपरीत असर बैराज की नींव पर भी पड़ सकता है। यहां बैराज पर स्टड ठीक करने का कार्य चल रहा है। इसी कार्य के दौरान गेट नंबर आठ पर लीकेज का खुलासा हुआ। जिसके बाद संबंधित विभाग ने इसे ठीक करवाने के लिए मुंबई के विशेषज्ञों की टीम से संपर्क किया।
इसे ठीक करने के लिए टीम को 49 लाख रुपये का ठेका दिया गया है। टीम पिछले तीन दिनों से यहां मरम्मत कार्य कर रही है। इस दौरान यहां बैराज के नीचे पानी के अंदर बनाए गए लेप से पानी की लीकेज को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। बहरहाल मुंबई की टीम ने इस कार्य को पूरी तरह से ठीक करने के लिए सिंचाई विभाग से 15 दिन का समय मांगा है। मानसून से पूर्व इस लीकेज को ठीक करना पड़ेगा, क्योंकि गत वर्ष भी अत्याधिक बारिश के चलते यह बैराज ओवरफ्लो हो गया था।
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उल्लेखनीय है कि हथिनीकुंड बैराज की सीमाएं कई राज्यों से लगती हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का कुछ हिस्सा शामिल है। बैराज का निर्माण 1996 से 1999 के बीच सिंचाई के उद्देश्य से किया गया था। हालांकि, 2002 तक धीमी कार्य प्रगति के चलते बैराज शुरू नहीं हो पाया था।
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हथिनीकुंड बैराज से पहले यमुना पर ताजेवाला हेड था। जिसका निर्माण 1873 में किया गया था। हालांकि यह अब सेवा में नहीं है। ताजेवाला हेड से ही यमुना के पानी का बंटवारा होता था। अब यमुना के पानी का बंटवारा हथिनीकुंड बैराज से होता है। लगभग 60 प्रतिशत दिल्ली के पानी की आपूर्ति हरियाणा ही करता है। बैराज से ताजेवाला हेड की दूरी लगभग 3-4 किमी है। हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में पानी छोड़े जाने के लगभग 72 घंटे बाद पानी दिल्ली में दाखिल होता है। बैराज से दिल्ली के बीच मुख्य रूप से हरियाणा के यमुनानगर, करनाल, पानीपत और सोनीपत शहर एक तरफ पड़ते हैं और वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, शामली, बागपत और मेरठ का कुछ हिस्सा पड़ता। तब जाकर यमुना दिल्ली में प्रवेश करती है।
यमुना में पानी का फ्लो वॉल्यूम पर निर्भर करता है। इससे तीन तरह के वॉटर चैनल निकलते हैं। जिनसे पानी की आपूर्ति की जाती है। वेस्टर्न यमुना कैनाल (हरियाणा की तरफ जाती है जिससे सिंचाई भी हो जाती है, इसके 10 गेट), ईस्टर्न यमुना कैनाल ( गेट 4) यूपी की तरफ जाती है। इससे भी सिंचाई होती है और मुख्य यमुना ( गेट 18) का पानी दिल्ली की तरफ आता है। संवाद

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वर्जन
स्टड के कार्य के दौरान लीकेज का पता चला है। यह लीकेज गेट नंबर 8 से हो रही है। ठीक करने के लिए मुंबई से विशेषज्ञों की टीम को 49 लाख रुपये का ठेका दिया गया है। 15 दिन के भीतर लीकेज ठीक हो जाएगी। यदि लीकेज ठीक न हो तो बैराज की नींव पर इसका असर पड़ना स्वाभाविक है। कर्मचारी पानी के नीचे उतर कर इसे ठीक करने में लगे हैं।
- आरएस मित्तल, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर, सिंचाई विभाग यमुनानगर।
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