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Yamuna Nagar News: चैंबर निर्माण का वकीलों ने किया विरोध, न्यायाधीश ने रुकवाया काम
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला न्यायालय परिसर जगाधरी के परिसर में वकीलों के लिए बनाए जा रहे अस्थायी चैंबरों का रविवार को कुछ वकीलों ने विरोध कर दिया। विरोध इतना बढ़ गया कि मामला जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पास पहुंच गया। विरोध करने वालों का आरोप है कि चैंबर निर्माण से पहले किसी से न तो मंजूरी ली गई और न ही नक्शा पास कराया गया। चैंबरों निर्माण के पक्ष व विपक्ष में आए लोगों के बीच कहासुनी तक मामला पहुंचा तो वहां पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। गतिरोध बढ़ता देख जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद काम को रुकवा दिया।
चैंबर निर्माण का विरोध कर रहे वकील रामेश्वर सिंह, बलविंद्र सिंह, भूपेंद्र चौहान, बृजेश चौहान, प्रदीप राणा, धीरज गौतम पंकज शर्मा, सुधीर राणा, संदीप, रमन सिंह चौहान, शिवराज सिंह राणा, अमित बंसल ने बताया कि इस समय कोर्ट में एक सप्ताह की सर्दी की छुट्टियां चल रही हैं। रविवार को उन्हें किसी से पता चला कि वकीलों के लिए पहले से बने चैंबर के बी व सी ब्लॉक के बीच में जिला बार एसोसिएशन के नवनियुक्त प्रधान अरुण ढांडा द्वारा कुछ चैंबर का निर्माण कराया जा रहा है। सूचना पात ही वह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने देखा कि जिस रास्ते से दोनों ब्लॉक के बीच वकीलों व लोगों की एंट्री होती है वहां पर चैंबर बनाने का काम जोर-शोर से चल रहा था। जिसका उन्होंने मौके पर पहुंच कर विरोध किया। उनका आरोप है कि इन चैंबर के निर्माण के लिए न तो नक्शा पास कराया गया और न ही किसी से मंजूरी ली गई। यहां तक की यह मामला किसी वकील के संज्ञान में भी नहीं लाया गया। ऐसे में अचानक छुट्टियों में चैंबर का निर्माण कराना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। पहले चैंबर नक्शे से बने हुए हैं। जो चैंबर अब बनाए जा रहे हैं वह पहले नक्शे में ही नहीं है। ऐसा इसलिए की रास्ते में चैंबर बनाने से जगह कम हो जाती है। यदि भवन में कोई हादसा हो जाए या आपदा के समय भागना पड़े तो लोगों के पास बाहर जाने का रास्ता भी नहीं बचेगा। वहीं जिन वकीलों के भूतल पर चैंबर हैं उनकी खिड़कियां भी बंद हो जाएंगी। बार एसोसिएशन द्वारा नियमों को ताक पर रख कर काम कराया जा रहा है। न्यायालय परिसर में बहुत जगह खाली पड़ी है, इसलिए वहां पर भी चैंबर बनाए जा सकते हैं। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जिला बार एसोसिएशन के प्रधान से कहा कि वह प्रस्ताव पास करके दें। उसे पहले बिल्डिंग कमेटी के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। तब तक काम बंद रहेगा।
कोई गलत काम नहीं कर रहे : अरुण ढांडा
जिला बार एसोसिएशन जगाधरी के नवनियुक्त प्रधान अरुण ढांडा का कहना है कि अभी तक सभी वकीलों को चैंबर नहीं मिले हैं। वकीलों के लिए अस्थायी चैंबर बनवा रहे हैं, यह कोई गलत काम नहीं है। जिन वकीलों के पहले से स्थायी चैंबर बने हैं उनकी खिड़कियों व अस्थायी के बीच जगह छोड़ दी है। वहीं आने जाने के लिए छह फीट का रास्ता छोड़ा गया है। कुछ लोग बेवजह विकास कार्यों का विरोध कर रहे हैं।
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यमुनानगर। जिला न्यायालय परिसर जगाधरी के परिसर में वकीलों के लिए बनाए जा रहे अस्थायी चैंबरों का रविवार को कुछ वकीलों ने विरोध कर दिया। विरोध इतना बढ़ गया कि मामला जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पास पहुंच गया। विरोध करने वालों का आरोप है कि चैंबर निर्माण से पहले किसी से न तो मंजूरी ली गई और न ही नक्शा पास कराया गया। चैंबरों निर्माण के पक्ष व विपक्ष में आए लोगों के बीच कहासुनी तक मामला पहुंचा तो वहां पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। गतिरोध बढ़ता देख जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद काम को रुकवा दिया।
चैंबर निर्माण का विरोध कर रहे वकील रामेश्वर सिंह, बलविंद्र सिंह, भूपेंद्र चौहान, बृजेश चौहान, प्रदीप राणा, धीरज गौतम पंकज शर्मा, सुधीर राणा, संदीप, रमन सिंह चौहान, शिवराज सिंह राणा, अमित बंसल ने बताया कि इस समय कोर्ट में एक सप्ताह की सर्दी की छुट्टियां चल रही हैं। रविवार को उन्हें किसी से पता चला कि वकीलों के लिए पहले से बने चैंबर के बी व सी ब्लॉक के बीच में जिला बार एसोसिएशन के नवनियुक्त प्रधान अरुण ढांडा द्वारा कुछ चैंबर का निर्माण कराया जा रहा है। सूचना पात ही वह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने देखा कि जिस रास्ते से दोनों ब्लॉक के बीच वकीलों व लोगों की एंट्री होती है वहां पर चैंबर बनाने का काम जोर-शोर से चल रहा था। जिसका उन्होंने मौके पर पहुंच कर विरोध किया। उनका आरोप है कि इन चैंबर के निर्माण के लिए न तो नक्शा पास कराया गया और न ही किसी से मंजूरी ली गई। यहां तक की यह मामला किसी वकील के संज्ञान में भी नहीं लाया गया। ऐसे में अचानक छुट्टियों में चैंबर का निर्माण कराना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। पहले चैंबर नक्शे से बने हुए हैं। जो चैंबर अब बनाए जा रहे हैं वह पहले नक्शे में ही नहीं है। ऐसा इसलिए की रास्ते में चैंबर बनाने से जगह कम हो जाती है। यदि भवन में कोई हादसा हो जाए या आपदा के समय भागना पड़े तो लोगों के पास बाहर जाने का रास्ता भी नहीं बचेगा। वहीं जिन वकीलों के भूतल पर चैंबर हैं उनकी खिड़कियां भी बंद हो जाएंगी। बार एसोसिएशन द्वारा नियमों को ताक पर रख कर काम कराया जा रहा है। न्यायालय परिसर में बहुत जगह खाली पड़ी है, इसलिए वहां पर भी चैंबर बनाए जा सकते हैं। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जिला बार एसोसिएशन के प्रधान से कहा कि वह प्रस्ताव पास करके दें। उसे पहले बिल्डिंग कमेटी के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। तब तक काम बंद रहेगा।
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कोई गलत काम नहीं कर रहे : अरुण ढांडा
जिला बार एसोसिएशन जगाधरी के नवनियुक्त प्रधान अरुण ढांडा का कहना है कि अभी तक सभी वकीलों को चैंबर नहीं मिले हैं। वकीलों के लिए अस्थायी चैंबर बनवा रहे हैं, यह कोई गलत काम नहीं है। जिन वकीलों के पहले से स्थायी चैंबर बने हैं उनकी खिड़कियों व अस्थायी के बीच जगह छोड़ दी है। वहीं आने जाने के लिए छह फीट का रास्ता छोड़ा गया है। कुछ लोग बेवजह विकास कार्यों का विरोध कर रहे हैं।
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