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कपालमोचन मेले को मंजूरी, 15 से 19 नवंबर तक होगा आयोजन
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर कपालमोचन में लगने वाले ऐतिहासिक व राज्यस्तरीय मेेले के आयोजन के लिए सरकार ने हरी झंडी दे दी है, वहीं स्थानीय प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती सामने खड़ी हो गई। आयोजन के व्यवस्थाओं के लिए कम समय बचा है। पहले मेले के आयोजन के लिए तीन माह पूर्व ही तैयारियां शुरू हो जाती थीं।
वहीं मेले के आयोजन को लेकर अभी तक कोई भी सरकारी पत्र जारी नहीं हुआ है। वहीं मेला आयोजन को लेकर श्राइन बोर्ड की ओर से लघु अवधि टेंडर जारी कर दिए गए हैं। टेंडर भरने की अंतिम तारीख आठ नवंबर रखी गई है। टेंडर के अनुसार मेले का आयोजन 15 से 19 नवंबर तक किया जाएगा।
कपालमोचन में तीनों सरोवरों में पानी निकासी का कार्य अंतिम चरण में है। इसके बाद सरोवरों की सफाई करवा कर पानी भरना भी कम चुनौती भरा कार्य नहीं होगा। पिछले वर्षों में मेले के आयोजन पर लगभग एक माह पूर्व सरोवरों की सफाई कर पानी भरने का कार्य शुरू कर दिया जाता था। इस बार तीनों सरोवरों में काई भारी मात्रा में जमा है, जिसको सरोवर से निकालना है।
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कपालमोचन सरोवर में पानी निकालने के लिएपंपिंग सेट लगाया गया है। अभी कुछ पानी जमा है सरोवर में चारों तरफ काई जमी है। वहीं ऋण मोचन सरोवर से पानी निकासी कर दी गई है लेकिन काई भारी मात्रा में जमा है। सूरजकुंड सरोवर में पानी निकासी कर काई को निकालने का कार्य किया जा रहा है। एसडीएम जसपाल सिंह गिल ने कहा कि मेले के आयोजन को लेकर उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार कार्य किया जाएगा।
श्राइन बोर्ड के टेंडर से ठेकेदारोें में संशय
श्राइन बोर्ड की ओर से कपालमोचन के तीनों सरोवरों व मेला क्षेत्र के सफाई प्रबंधन श्रीकपालमोचन व आदि बद्री में अस्थाई शौचालयों. पार्किंग व्यवस्था, अस्थाई बिजली प्रबंध, दुकानें, रिहायशी टेंटों, झूले लगाने के संबंध में टेंडर जारी कर आठ नवंबर तक खंड विकास एंव पंचायत अधिकारी कार्यालय में कागजात करवाने का दिन रखा गया है। इसके साथ टेंडर प्रक्रिया में श्राइन बोर्ड की ओर से उपरोक्त निविदाएं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से मेला लगाने की अनुमति प्राप्त होने के बाद ही स्वीकार्य होना लिखा गया है। इस पर कपालमोचन की विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं व ठेकेदारों में संशय बना है। ठेकेदार का कहना है कि श्राइन बोर्ड की ओर से टेंडर जारी कर दिया गया है लेकिन अंतिम लाइन ने मेले के आयोजन को लेकर संशय बना दिया है।
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बिलासपुर। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर कपालमोचन में लगने वाले ऐतिहासिक व राज्यस्तरीय मेेले के आयोजन के लिए सरकार ने हरी झंडी दे दी है, वहीं स्थानीय प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती सामने खड़ी हो गई। आयोजन के व्यवस्थाओं के लिए कम समय बचा है। पहले मेले के आयोजन के लिए तीन माह पूर्व ही तैयारियां शुरू हो जाती थीं।
वहीं मेले के आयोजन को लेकर अभी तक कोई भी सरकारी पत्र जारी नहीं हुआ है। वहीं मेला आयोजन को लेकर श्राइन बोर्ड की ओर से लघु अवधि टेंडर जारी कर दिए गए हैं। टेंडर भरने की अंतिम तारीख आठ नवंबर रखी गई है। टेंडर के अनुसार मेले का आयोजन 15 से 19 नवंबर तक किया जाएगा।
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कपालमोचन में तीनों सरोवरों में पानी निकासी का कार्य अंतिम चरण में है। इसके बाद सरोवरों की सफाई करवा कर पानी भरना भी कम चुनौती भरा कार्य नहीं होगा। पिछले वर्षों में मेले के आयोजन पर लगभग एक माह पूर्व सरोवरों की सफाई कर पानी भरने का कार्य शुरू कर दिया जाता था। इस बार तीनों सरोवरों में काई भारी मात्रा में जमा है, जिसको सरोवर से निकालना है।
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कपालमोचन सरोवर में पानी निकालने के लिएपंपिंग सेट लगाया गया है। अभी कुछ पानी जमा है सरोवर में चारों तरफ काई जमी है। वहीं ऋण मोचन सरोवर से पानी निकासी कर दी गई है लेकिन काई भारी मात्रा में जमा है। सूरजकुंड सरोवर में पानी निकासी कर काई को निकालने का कार्य किया जा रहा है। एसडीएम जसपाल सिंह गिल ने कहा कि मेले के आयोजन को लेकर उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार कार्य किया जाएगा।
श्राइन बोर्ड के टेंडर से ठेकेदारोें में संशय
श्राइन बोर्ड की ओर से कपालमोचन के तीनों सरोवरों व मेला क्षेत्र के सफाई प्रबंधन श्रीकपालमोचन व आदि बद्री में अस्थाई शौचालयों. पार्किंग व्यवस्था, अस्थाई बिजली प्रबंध, दुकानें, रिहायशी टेंटों, झूले लगाने के संबंध में टेंडर जारी कर आठ नवंबर तक खंड विकास एंव पंचायत अधिकारी कार्यालय में कागजात करवाने का दिन रखा गया है। इसके साथ टेंडर प्रक्रिया में श्राइन बोर्ड की ओर से उपरोक्त निविदाएं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से मेला लगाने की अनुमति प्राप्त होने के बाद ही स्वीकार्य होना लिखा गया है। इस पर कपालमोचन की विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं व ठेकेदारों में संशय बना है। ठेकेदार का कहना है कि श्राइन बोर्ड की ओर से टेंडर जारी कर दिया गया है लेकिन अंतिम लाइन ने मेले के आयोजन को लेकर संशय बना दिया है।