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कांवड़ यात्रा : केसरिया रंग में रंगीं सड़कें
Sun, 20 Jul 2025 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 20 Jul 2025 12:24 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शिव भक्ति का जोश कांवड़ियों को थकने नहीं दे रहा है। कई किलोमीटर की पैदल यात्रा करने के बाद भी उनके कदम तेजी से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं, ताकि समय से पहुंच कर शिवरात्रि पर वे अपने आराध्य भगवान शिव का अभिषेक कर सकें।
श्रावण माह की शिवरात्रि को चार दिन शेष हैं और रास्ते की तमाम परेशानियां कांवड़ियों के कदमों की रफ्तार नहीं कम कर पा रही हैं। ऐसे में नगरी कांवड़ियों के रंग में रंगी नजर आ रही है। हर तरफ बोल बम बम बम के जयघोष सुनाई दे रहे हैं। शहर की सड़कें केसरिया रंग में रंगी दिखाई दे रही हैं। राहगीर भी कांवड़ियों के साथ जयघोष करके उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं। हर कोई शिव की भक्ति में रंगा दिख रहा है।
23 को श्रावण माह की चतुर्दशी को शिवरात्रि मनाई जाएगी और कांवड़ के गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक किया जाएगा। इस दौरान रंग-बिरंगी कांवड़ आकर्षण का केंद्र बनी हैं। लोग रास्ते में रुककर कांवड़ियों की फोटो मोबाइल में उतार रहे हैं। वहीं, विशेष व बड़ी कांवड़ की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। सभी मार्ग कांवड़ियों की यात्रा और शिव भक्ति में सराबोर हैं।
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शिव भक्तों के लिए सड़कों, मंदिरों, धर्मशालाओं व अन्य स्थानों पर शिविर लगाए गए हैं। शिविरों में बज रहे भगवान शिव के भजन लोगों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहे हैं। जो लोग कांवड़ लेने नहीं जा सके, वे कांवड़ियों की सेवा करके भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था दिखा रहे हैं। इस दौरान पंजाब के कांवड़ दल के मोहित, रोहित, प्रेम, दीपक, हरमन और विकास ने बताया कि वे हर साल कांवड़ लेने आते हैं।
अन्य दिनों में वे घर से कुछ दूर स्थित बाजार भी पैदल नहीं जा पाते हैं और अगर पैदल चलना पड़ जाता है तो थक जाते हैं। परंतु कांवड़ उठाकर वे कई किलोमीटर का सफर कर आए हैं लेकिन उन्हें कोई थकान महसूस नहीं हो रही है। मन में भोले बाबा का गंगाजल से अभिषेक करवाने की भावना है और यही भाव उन्हें शक्ति प्रदान कर रहा है। कांवड़ यात्रा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब बात बाबा भोलेनाथ की हो तो न भक्तों के लिए कोई दूरी, न कोई थकान और न मौसम की मार मायने रखती है।
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जगाधरी। शिव भक्ति का जोश कांवड़ियों को थकने नहीं दे रहा है। कई किलोमीटर की पैदल यात्रा करने के बाद भी उनके कदम तेजी से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं, ताकि समय से पहुंच कर शिवरात्रि पर वे अपने आराध्य भगवान शिव का अभिषेक कर सकें।
श्रावण माह की शिवरात्रि को चार दिन शेष हैं और रास्ते की तमाम परेशानियां कांवड़ियों के कदमों की रफ्तार नहीं कम कर पा रही हैं। ऐसे में नगरी कांवड़ियों के रंग में रंगी नजर आ रही है। हर तरफ बोल बम बम बम के जयघोष सुनाई दे रहे हैं। शहर की सड़कें केसरिया रंग में रंगी दिखाई दे रही हैं। राहगीर भी कांवड़ियों के साथ जयघोष करके उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं। हर कोई शिव की भक्ति में रंगा दिख रहा है।
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23 को श्रावण माह की चतुर्दशी को शिवरात्रि मनाई जाएगी और कांवड़ के गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक किया जाएगा। इस दौरान रंग-बिरंगी कांवड़ आकर्षण का केंद्र बनी हैं। लोग रास्ते में रुककर कांवड़ियों की फोटो मोबाइल में उतार रहे हैं। वहीं, विशेष व बड़ी कांवड़ की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। सभी मार्ग कांवड़ियों की यात्रा और शिव भक्ति में सराबोर हैं।
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शिव भक्तों के लिए सड़कों, मंदिरों, धर्मशालाओं व अन्य स्थानों पर शिविर लगाए गए हैं। शिविरों में बज रहे भगवान शिव के भजन लोगों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहे हैं। जो लोग कांवड़ लेने नहीं जा सके, वे कांवड़ियों की सेवा करके भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था दिखा रहे हैं। इस दौरान पंजाब के कांवड़ दल के मोहित, रोहित, प्रेम, दीपक, हरमन और विकास ने बताया कि वे हर साल कांवड़ लेने आते हैं।
अन्य दिनों में वे घर से कुछ दूर स्थित बाजार भी पैदल नहीं जा पाते हैं और अगर पैदल चलना पड़ जाता है तो थक जाते हैं। परंतु कांवड़ उठाकर वे कई किलोमीटर का सफर कर आए हैं लेकिन उन्हें कोई थकान महसूस नहीं हो रही है। मन में भोले बाबा का गंगाजल से अभिषेक करवाने की भावना है और यही भाव उन्हें शक्ति प्रदान कर रहा है। कांवड़ यात्रा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब बात बाबा भोलेनाथ की हो तो न भक्तों के लिए कोई दूरी, न कोई थकान और न मौसम की मार मायने रखती है।