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Yamuna Nagar News: कलश यात्रा निकाली और शिव तांडव की दी प्रस्तुति

Tue, 12 May 2026 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Tue, 12 May 2026 12:09 AM IST
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Kalasha Yatra was conducted and Shiva Tandav was performed
कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुति देते बच्चे। डीआईपीआरओ - फोटो : कैसरगंज में प्रदर्शन करते अ​धिवक्ता।
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और लोकार्पण की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सोमवार को जिला स्तरीय सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आयोजन श्री गौरी शंकर मंदिर जड़ोदा गेट जगाधरी परिसर में किया गया। इस दौरान कलश यात्रा निकाली गई। वहीं शिव तांडव की प्रस्तुति के साथ भजन गूंजते रहे।
कार्यक्रम में हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ कलश यात्रा से हुआ। कलश यात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई मंदिर परिसर पहुंची। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा। मंदिर परिसर में स्कूली विद्यार्थियों और भजन मंडलियों ने शिव तांडव, शिव वंदना और भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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मंत्री राणा ने मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाइव संबोधन भी देखा और सुना। सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी को लोगों ने विशेष रुचि के साथ देखा और सराहा। मंत्री ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है।
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उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर वह चेतना है जिसे बार-बार तोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन हर बार यह और अधिक भव्यता के साथ खड़ा हुआ।
इतिहास गवाह है कि विदेशी आक्रमणकारियों ने सोमनाथ मंदिर को नष्ट कर भारत की आत्मा को कुचलने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। सोमनाथ केवल पत्थरों से बना मंदिर नहीं, बल्कि भारत के स्वाभिमान और आस्था का प्रतीक है। जितनी बार इसे गिराया गया, उतनी ही मजबूती और श्रद्धा के साथ इसका पुनर्निर्माण हुआ।
मंत्री राणा ने कहा कि स्वतंत्र भारत के प्रथम गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने खंडहरों के बीच खड़े होकर सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाने का कार्य कर रहा है। सोमनाथ मंदिर अब केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आधुनिक भारत की सांस्कृतिक पहचान का केंद्र बन चुका है।
पूर्व मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की सांस्कृतिक चेतना, आत्मसम्मान और अटूट आस्था का प्रतीक है। कार्यक्रम में आदिबद्री के संत विनय स्वरूप ब्रह्मचारी और प्राचीन सूर्यकुंड मंदिर अमादलपुर के संत राहुल चैतन्य महाराज अपने शिष्यों के साथ विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इस अवसर पर संतों को सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त नवीन आहूजा, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश सपरा, जिला परिषद चेयरमैन रमेश चंद ठसका, मेयर सुमन बहमनी, मार्केट कमेटी चेयरमैन राकेश त्यागी समेत अन्य मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुति देते बच्चे। डीआईपीआरओ

कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुति देते बच्चे। डीआईपीआरओ- फोटो : कैसरगंज में प्रदर्शन करते अधिवक्ता।

कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुति देते बच्चे। डीआईपीआरओ

कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुति देते बच्चे। डीआईपीआरओ- फोटो : कैसरगंज में प्रदर्शन करते अधिवक्ता।

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