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निबंध लेखन में जेएमआईटी की गुरलीन प्रथम
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प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित करते कॉलेज स्टाफ सदस्य। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल नेशनल कॉलेज में सोमवार को जिलास्तरीय निबंध प्रतियोगिता करवाई गई। हरियाणा राज्य विज्ञान, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी परिषद की ओर से करवाई गई प्रतियोगिता में सात महाविद्यालयों के 14 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में जेएमआईटी कॉलेज की गुरलीन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
प्राचार्य राहुल खन्ना ने कहा कि विज्ञान और तकनीकी ने पूरी दुनिया को एक सूत्र में पिरो कर हमें निकट कर दिया है। हम वैश्विक संस्कृति, मानवीय मूल्यों, परंपराओं और मानवीय, सामाजिक संबंधी जानकारी एक स्थान पर बैठकर प्राप्त कर सकते हैं। विज्ञान हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अंग बन गया है। विज्ञान के बिना आज के जीवन और जगत का विकास असंभव नहीं है। हमें विश्व में अपनी ज्ञान पताका फहरानी है, तो विज्ञान एवं तकनीकी के बुनियादी ज्ञान से जुड़ना होगा।
प्रतियोगिता में रादौर के जेएमआईटी कॉलेज की गुरलीन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया गया। मुकंद लाल नेशनल कॉलेज की कृतिका ने दूसरा और रेवान ने तीसरा स्थान पाया। कार्यक्रम संयोजिका डॉ. ममता ओबराय एवं डॉ. सविता गर्ग ने विद्यार्थियों के उपयोग व दुष्प्रभाव से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि विज्ञान साधन मात्र है, जिससे जीवन सुगम बनाया जा सकता है। लेकिन इसका अंधाधुंध उपयोग मनुष्य व अन्य जीवों के लिए घातक है। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. अनिल ओबराय, डॉ. गुलशन सेठी, डॉ. रचना अग्रवाल, डॉ. नीति दरयाल, प्रो. मंजीत रानी आदि मौजूद रहीं।
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यमुनानगर। मुकंद लाल नेशनल कॉलेज में सोमवार को जिलास्तरीय निबंध प्रतियोगिता करवाई गई। हरियाणा राज्य विज्ञान, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी परिषद की ओर से करवाई गई प्रतियोगिता में सात महाविद्यालयों के 14 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में जेएमआईटी कॉलेज की गुरलीन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
प्राचार्य राहुल खन्ना ने कहा कि विज्ञान और तकनीकी ने पूरी दुनिया को एक सूत्र में पिरो कर हमें निकट कर दिया है। हम वैश्विक संस्कृति, मानवीय मूल्यों, परंपराओं और मानवीय, सामाजिक संबंधी जानकारी एक स्थान पर बैठकर प्राप्त कर सकते हैं। विज्ञान हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अंग बन गया है। विज्ञान के बिना आज के जीवन और जगत का विकास असंभव नहीं है। हमें विश्व में अपनी ज्ञान पताका फहरानी है, तो विज्ञान एवं तकनीकी के बुनियादी ज्ञान से जुड़ना होगा।
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प्रतियोगिता में रादौर के जेएमआईटी कॉलेज की गुरलीन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया गया। मुकंद लाल नेशनल कॉलेज की कृतिका ने दूसरा और रेवान ने तीसरा स्थान पाया। कार्यक्रम संयोजिका डॉ. ममता ओबराय एवं डॉ. सविता गर्ग ने विद्यार्थियों के उपयोग व दुष्प्रभाव से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि विज्ञान साधन मात्र है, जिससे जीवन सुगम बनाया जा सकता है। लेकिन इसका अंधाधुंध उपयोग मनुष्य व अन्य जीवों के लिए घातक है। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. अनिल ओबराय, डॉ. गुलशन सेठी, डॉ. रचना अग्रवाल, डॉ. नीति दरयाल, प्रो. मंजीत रानी आदि मौजूद रहीं।
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