{"_id":"1272c2fb91dc27b8ba09199ecc8cb5c0","slug":"iraq-to-meet-ministers-families-departure-delhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंत्रियों से मिलने दिल्ली रवाना हुए इराक में फंसे युवकों के परिजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंत्रियों से मिलने दिल्ली रवाना हुए इराक में फंसे युवकों के परिजन
ब्यूरो/अमर उजाला, रादौर।
Updated Wed, 25 Jun 2014 12:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रादौर क्षेत्र से ईराक में फंसे दर्जनों युवकों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाने की मांग को लेकर युवकों के परिजनों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलने दिल्ली के लिए रवाना हुआ।
भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम सिंह राणा के नेतृत्व में रवाना हुए इस प्रतिनिध मंडल ने केंद्र सरकार से मांग की कि इराक में फंसे युवकों को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाया जाए।
इराक गए युवकों के परिजन संजीव फरीदपुर, रामसिंह खेड़की, सुभाष पूर्णगढ़ ने बताया कि जब से इराक में आतंकी साया छाया हुआ है तब से वहां रह रहे युवकों के परिजनों की सांसे अटकी हुई हैं। जिन कंपनियों में ये युवक कार्य कर रहे थे अब उन कंपनियों ने भी उनका साथ छोड़ना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
कुछ कंपनियाें ने तो युवकों को उनके हाल पर ही छोड़ दिया है तो कुछ कंपनियां इस विकट परिस्थिति में भी अपना लालच पूरा करने में लगी हुई हैं। कंपनी में कार्य करने वाले युवकों से उनके जरूरी कागजात वापस लौटाने और वापस भारत भेजने के नाम पर पैसे की मांग की जा रही है।
इस कारण भारत में रह रहे उनके परिजनों की चिंताएं बढ़ गई है। लेकिन सरकार की ओर से अभी तक उन्हें ऐसा कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला था इससे वह शांत होकर अपने घर बैठ सके। इस कारण उन्हें भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम सिंह राणा के साथ गृहमंत्री और विदेश मंत्री से मिलने के लिए जाना पड़ रहा है।
दिल्ली से फोन पर हुई बातचीत में भाजपा नेता श्याम सिंह राणा ने बताया कि उन्होंने हलका रादौर से इराक गए युवक सुनील रादौर, प्रदीप टोपरा, दीपक खेड़की, अमित खेड़की, राजिन्द्र बापा, बलविंद्र पूर्णगढ़, देवसिंह, दीपक सढूरा, लखविंद्र औंरगाबाद, संदीप फरीदपुर, बलवंत खेड़की व गुलशन खेड़की सहित दर्जनों युवकोें की सूची तैयार की थी।
इस सूची के साथ ही वह युवकों के परिजनों के साथ गृहमंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलने दिल्ली आए हैं। दोनों ही मंत्रियों के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में व्यस्तता होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका है। लेकिन उनके कार्यालय पर मिले अधिकारियों ने उनकी मांग को ध्यान से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि इराक फंसे युवकों को वापस लाने के लिए भारत सरकार पूरी तरह से गंभीर है और उन्हें आशा है कि जल्द ही सभी युवकों को सुरक्षित भारत वापस लाया जाएगा।
विज्ञापन
भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम सिंह राणा के नेतृत्व में रवाना हुए इस प्रतिनिध मंडल ने केंद्र सरकार से मांग की कि इराक में फंसे युवकों को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाया जाए।
विज्ञापन
इराक गए युवकों के परिजन संजीव फरीदपुर, रामसिंह खेड़की, सुभाष पूर्णगढ़ ने बताया कि जब से इराक में आतंकी साया छाया हुआ है तब से वहां रह रहे युवकों के परिजनों की सांसे अटकी हुई हैं। जिन कंपनियों में ये युवक कार्य कर रहे थे अब उन कंपनियों ने भी उनका साथ छोड़ना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
कुछ कंपनियाें ने तो युवकों को उनके हाल पर ही छोड़ दिया है तो कुछ कंपनियां इस विकट परिस्थिति में भी अपना लालच पूरा करने में लगी हुई हैं। कंपनी में कार्य करने वाले युवकों से उनके जरूरी कागजात वापस लौटाने और वापस भारत भेजने के नाम पर पैसे की मांग की जा रही है।
इस कारण भारत में रह रहे उनके परिजनों की चिंताएं बढ़ गई है। लेकिन सरकार की ओर से अभी तक उन्हें ऐसा कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला था इससे वह शांत होकर अपने घर बैठ सके। इस कारण उन्हें भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम सिंह राणा के साथ गृहमंत्री और विदेश मंत्री से मिलने के लिए जाना पड़ रहा है।
दिल्ली से फोन पर हुई बातचीत में भाजपा नेता श्याम सिंह राणा ने बताया कि उन्होंने हलका रादौर से इराक गए युवक सुनील रादौर, प्रदीप टोपरा, दीपक खेड़की, अमित खेड़की, राजिन्द्र बापा, बलविंद्र पूर्णगढ़, देवसिंह, दीपक सढूरा, लखविंद्र औंरगाबाद, संदीप फरीदपुर, बलवंत खेड़की व गुलशन खेड़की सहित दर्जनों युवकोें की सूची तैयार की थी।
इस सूची के साथ ही वह युवकों के परिजनों के साथ गृहमंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलने दिल्ली आए हैं। दोनों ही मंत्रियों के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में व्यस्तता होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका है। लेकिन उनके कार्यालय पर मिले अधिकारियों ने उनकी मांग को ध्यान से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि इराक फंसे युवकों को वापस लाने के लिए भारत सरकार पूरी तरह से गंभीर है और उन्हें आशा है कि जल्द ही सभी युवकों को सुरक्षित भारत वापस लाया जाएगा।