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Yamuna Nagar News: राइस मिल घोटाले की जांच सुस्त, राइस मिलें बंद

Sun, 30 Nov 2025 06:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sun, 30 Nov 2025 06:03 AM IST
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Investigation of rice mill scam slow, rice mills closed
यमुनानगर। एसआईटी बनने के बाद लोगों को उम्मीद जगी थी कि सात राइस मिलों में हुए गबन से जल्द ही पर्दा उठ जाएगा। अभी तक की जांच की रफ्तार से लग रहा है कि यह मामला अभी लंबा खींच सकता है। अभी तक आरोपी राइस मिलर दंपति को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। इसके अलावा एसआईटी को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से पूरा रिकॉर्ड ही नहीं मिला है। जिससे जांच की गति धीमी हो गई है। दूसरी और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग करनाल में हुए धान घोटाले में विभाग के इंस्पेक्टरों पर कार्रवाई कर चुका है, लेकिन जिले में अभी तक तीनों इंस्पेक्टरों पर कार्रवाई के नाम रिकॉर्ड ही मांगा जा रहा है।
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जानकारी के अनुसार जिले में 175 राइस मिल हैं। धान का गबन सामने आने के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की तरफ से जिले की सभी राइस मिलों में धान का भौतिक सत्यापन करवाया जा रहा है। राइस मिलरों का कहना है कि बार-बार सत्यापन के नाम पर उन्हें परेशान किया जा रहा है। जब एक बार के सत्यापन में कुछ गलत नहीं मिला तो दोबारा सत्यापन कराने का कोई औचित्य नहीं है। जिला राइस मिल एसोसिएशन के प्रधान मनीष बंसल ने बताया कि बार-बार की सत्यापन कराए जाने से वह अपना काम नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए उन्होंने अपनी राइस मिलों को सोमवार तक बंद कर दिया है। यदि फिर भी उन्हें तंग करना बंद नहीं किया गया तो वह विभाग से अपना एग्रीमेंट रद्द कर देंगे। सरकार अपना धान वापस उठाकर इसकी कहीं भी कुटाई करवा सकती है। जल्द ही इसे लेकर एसोसिएशन की बैठक बुलाकर आगामी निर्णय लिया जाएगा।
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किसे मिलेगा धान सुनवाई होगी कल:
सात राइस मिलों में गबन का मामला सामने आने के बाद हैफेड और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग दोनों ने ही कोर्ट में अर्जी लगाई है। राइस मिलों में बचे हुए धान को उठाकर दूसरी राइस मिलों में दिया जाएगा ताकि उसे खराब होने से बचाया जा सके। इस पर 28 नवंबर को सुनवाई होनी थी, लेकिन अदालत ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया था। इसलिए अब इस मामले में एक दिसंबर को सुनवाई होगी। हैफेड चाहता है कि राइस मिलों में बचा हुआ धान उसे दिया जाएगा और दूसरी तरफ डीएफएसी भी यही चाहते हैं। सातों राइस मिलों में करीब 14 हजार मीट्रिक टन धान पड़ा हुआ है।
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वर्जन:
राइस मिलों में हुए गबन के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच की जा रही है। पत्र लिख कर डीएफएससी से रिकॉर्ड मांगा गया है। धान की खरीद से लेकर गेट पास, वाहनों के नंबर समेत अन्य की जांच की जाएगी। आरोपी दंपति की भी तलाश की जा रही है।
- डीएसपी रजत गुलिया, एसआईटी इंचार्ज।
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