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अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का आगाज, बारिश में नहीं हो सका 21 कुंडीय यज्ञ, लंगर हाल में करना पड़ा सामूहिक हवन
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बिलासपुर। अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का शुभारंभ वीरवार को शिवालिक की पहाड़ियों आदिबद्री में सरस्वती नदी किनारे वैदिक मंत्रों के उच्चारण से हुआ। बारिश अधिक होने के कारण सरस्वती सरोवर के किनारे 21 कुंडीय हवन को स्थगित कर आदिबद्री मंदिर के समीप लंगर हॉल में एक सामूहिक हवन करना पड़ा। तीन से पांच फरवरी तक चलने वाले कार्यक्रम के क्रम में चार फरवरी को चंडीगढ़ में और पांच फरवरी को कैथल व पिहोवा में अंतरर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव कार्यक्रम आयोजित होगा।
सबसे पहले सरस्वती उद्गम स्थल पर पूजा अर्चना की गई। हवन को पुजारी राजेश्चर शास्त्री व गुरुकुल विद्यापीठ के छात्रों ने मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया। हवन यज्ञ में मुख्य अतिथि सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के डिप्टी चेयरमैन धुमन सिंह किरमच ने आहुति डालकर क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना करते हुए सरस्वती महोत्सव की शुरूआत की। इस दौरान डीसी पार्थ गुप्ता, एसडीएम बिलासपुर जसपाल सिंह गिल, जिला परिषद सीईओ नवीन आहुजा ने भी आहुति डाली।
इस मौके पर धुमन सिंह किरमच ने कहा कि सरस्वती नदी विश्व की प्राचीन नदियों में से एक है। करोड़ों लोगों की आस्था सरस्वती नदी की पवित्र धारा से जुड़ी है। सरस्वती नदी को प्रवाहित करने के लिए बोर्ड के माध्यम से अनेक विकास कार्य किए जा रहे हैं। सरस्वती हेरिटेज बोर्ड गठन के पश्चात वसंत पंचमी के अवसर सरस्वती महोत्सव मनाए जाने का निर्णय लिया गया था। इस बार तीन फरवरी से जिले के आदिबद्री क्षेत्र से अंतरराष्ट्रीय महोत्सव को शुरू किया गया है। चार फरवरी को पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ में पांच प्रदेशों के शिक्षाविद व शिक्षार्थी एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में भाग लेंगे। महोत्सव का समापन पेहवा में हवन के साथ किया जाएगा। धुमन सिंह व डीसी पार्थ गुप्ता ने सरस्वती बोर्ड के सदस्यों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। थाना बिलासपुर प्रभारी बलबीर सिंह, तहसीलदार चेतना चौधरी, पूर्व विधायक बलवंत सिंह, एसजीपीसी सदस्य बलदेव सिंह कायमपुर, सुभाष गौड़, दाता राम, डॉ. रमेश धारीवाल, डा सुनील तनेजा, डॉ. चमन, तरसेम, संजय राणा, ऋषिपाल, सरपंच चंद्रमोहन कटारिया, सतीश चुग सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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सरस्वती नदी पर बच्चे प्रस्तुत करेंगे ऑनलाइन लेख
बिलासपुर। कार्यक्रम के माध्यम से सरस्वती पर शोध करने वाले बच्चों को प्लेटफार्म दिया गया है। जिन बच्चों ने सरस्वती नदी पर शोध किया है, वह अपने लेख को ऑनलाइन प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान वक्ताओं ने सरस्वती पर अधिक से अधिक शोध की जरूरत बताई।
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सबसे पहले सरस्वती उद्गम स्थल पर पूजा अर्चना की गई। हवन को पुजारी राजेश्चर शास्त्री व गुरुकुल विद्यापीठ के छात्रों ने मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया। हवन यज्ञ में मुख्य अतिथि सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के डिप्टी चेयरमैन धुमन सिंह किरमच ने आहुति डालकर क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना करते हुए सरस्वती महोत्सव की शुरूआत की। इस दौरान डीसी पार्थ गुप्ता, एसडीएम बिलासपुर जसपाल सिंह गिल, जिला परिषद सीईओ नवीन आहुजा ने भी आहुति डाली।
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इस मौके पर धुमन सिंह किरमच ने कहा कि सरस्वती नदी विश्व की प्राचीन नदियों में से एक है। करोड़ों लोगों की आस्था सरस्वती नदी की पवित्र धारा से जुड़ी है। सरस्वती नदी को प्रवाहित करने के लिए बोर्ड के माध्यम से अनेक विकास कार्य किए जा रहे हैं। सरस्वती हेरिटेज बोर्ड गठन के पश्चात वसंत पंचमी के अवसर सरस्वती महोत्सव मनाए जाने का निर्णय लिया गया था। इस बार तीन फरवरी से जिले के आदिबद्री क्षेत्र से अंतरराष्ट्रीय महोत्सव को शुरू किया गया है। चार फरवरी को पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ में पांच प्रदेशों के शिक्षाविद व शिक्षार्थी एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में भाग लेंगे। महोत्सव का समापन पेहवा में हवन के साथ किया जाएगा। धुमन सिंह व डीसी पार्थ गुप्ता ने सरस्वती बोर्ड के सदस्यों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। थाना बिलासपुर प्रभारी बलबीर सिंह, तहसीलदार चेतना चौधरी, पूर्व विधायक बलवंत सिंह, एसजीपीसी सदस्य बलदेव सिंह कायमपुर, सुभाष गौड़, दाता राम, डॉ. रमेश धारीवाल, डा सुनील तनेजा, डॉ. चमन, तरसेम, संजय राणा, ऋषिपाल, सरपंच चंद्रमोहन कटारिया, सतीश चुग सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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सरस्वती नदी पर बच्चे प्रस्तुत करेंगे ऑनलाइन लेख
बिलासपुर। कार्यक्रम के माध्यम से सरस्वती पर शोध करने वाले बच्चों को प्लेटफार्म दिया गया है। जिन बच्चों ने सरस्वती नदी पर शोध किया है, वह अपने लेख को ऑनलाइन प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान वक्ताओं ने सरस्वती पर अधिक से अधिक शोध की जरूरत बताई।