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Yamuna Nagar News: घायल स्कूल कर्मचारी ने तोड़ा दम, चार पर केस

Sun, 15 Dec 2024 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sun, 15 Dec 2024 12:36 AM IST
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Injured school employee dies, case filed against four
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। सेक्टर-18 टी प्वाइंट पर लगे स्वामी विवेकानंद लोटस वैली स्कूल का साइन बोर्ड उखाड़ते समय पेट में पाइप लगने से घायल हुए कर्मचारी पीर माजरा निवासी सुभाष कुमार की मौत हो गई। भाई सुखविंद्र सिंह का आरोप है कि स्कूल प्रिंसिपल आक्षी, उसके पति विशाल कांबोज, देवर डाॅ. विक्रांत कांबोज व अमरीक क्रेन एजेंसी के चालक की लापरवाही से सुभाष की मौत हुई है। शहर जगाधरी थाना पुलिस ने चारों आरोपियों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत में पीर माजरा निवासी सुखविंद्र सिंह ने बताया कि उसका छोटा भाई 36 वर्षीय सुभाष कुमार सेक्टर 18 स्थित स्वामी विवेकानंद लोटस वैली स्कूल में लगभग पांच साल से स्कूल बस पर नौकरी करता था। दो अगस्त को उसका भाई स्कूल में ड्यूटी पर था।
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आरोप है कि उस दिन स्कूल प्रिंसिपल आक्षी व उसके पति विशाल कांबोज ने उसके भाई को सेक्टर 18 के टी प्वाइंट पर लगा स्कूल का साइन बोर्ड उखाड़ कर लाने के लिए कहा।
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पहले तो उसके भाई ने इस काम की जानकारी न होने के कारण मना कर दिया प्रिंसिपल ने मेंटेनेंस स्टाफ को साथ ले जाकर बोर्ड उखाड़ कर लाने के आदेश दिए। इस पर उसका भाई साइन बोर्ड उखाड़ने के लिए सेक्टर 18 के टी प्वाइंट पर चला गया। उसका भाई क्रेन की सहायता से साइन बोर्ड में संगल लगाकर उखाड़ने लगा। इस दौरान साइन बोर्ड के साथ बंधी संगल में से बोर्ड का पाइप उसके भाई में पेट में जा लगा।
इससे उसका भाई सुभाष घायल हो गया। मेंटेनेंस स्टाफ उपचार के लिए उसके भाई को स्वामी विवेकानंद अस्पताल जगाधरी में ले गए। यह अस्पताल स्कूल प्रिंसिपल आक्षी के देवर विक्रांत कांबोज का है। सूचना मिलने पर वह भी परिवार सदस्यों के साथ अस्पताल पहुंच गया। वहां उसके भाई को ऑपरेशन किया गया। करीब एक माह तक उसके भाई को अस्पताल में उपचार दिया गया।
बाद में वहां के डॉक्टर ने उसके भाई को घर भेज दिया और एक माह बाद दोबारा ऑपरेशन करने की बात कही। दो माह बाद जब वे दोबारा अपने भाई सुभाष को उपचार के लिए स्वामी विवेकानंद अस्पताल ले गए तो वहां डॉक्टर ने इलाज करने से मना कर दिया।

वे सुभाष को सिविल अस्पताल ले गए। वहां से उसके भाई को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। बाद में वहां से भी डॉक्टर ने उसके भाई को अंबाला सिविल अस्पताल भेज दिया। दो नवंबर को वह अपने भाई को शहर के निजी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने दवा देकर उसके भाई को घर भेज दिया। घर पर भाई सुभाष की मौत हो गई।
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