{"_id":"660b2052e34e3e9edc0a7c76","slug":"indias-family-system-discussed-across-the-world-vigyananand-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1020-116651-2024-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुनियाभर में भारत की परिवार व्यवस्था की चर्चा : विज्ञानानंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुनियाभर में भारत की परिवार व्यवस्था की चर्चा : विज्ञानानंद
Tue, 02 Apr 2024 02:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 02 Apr 2024 02:30 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में परिवार मिलन समारोह करवाया गया। जिसमें मुख्य वक्ता विज्ञानानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि आदर्श परिवार व्यवस्था लागू करने के लिए मन, कर्म व वाणी की पवित्रता बनाए रखना जरूरी है। दुनियाभर में भारत की परिवार व्यवस्था को लेकर चर्चा हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारत ऐसा देश है, जहां मां परिवार की धूरी माना गया है। मां बच्चों की प्रथम गुरु होती है। बच्चों को संस्कारवान बनाने व बेहतर परवरिश के लिए उन्हें आठ से नौ घंटे का समय देना जरूरी है। चूंकि तीन से 15 साल के बच्चे माता पिता के आचरण को देखकर ही बहुत जल्दी सीखते हैं। उन्होंने कहा कि भोजन से अमृतरस की प्राप्ति होती है, इसलिए महिलाएं भोजन तैयार करते समय आध्यात्मिकता पर ध्यान दें।
ओपी तनेजा ने कहा कि परिवार मिलन की शुरुआत घर से होती है। रात का भोजन साथ बैठकर करें। परिवार के सभी लोग प्रतिदिन समय निकालकर इकट्ठे बैठकर बातचीत करें। इससे परिवार अनुशासित होंगे। कार्यक्रम में पांच वर्षीय प्रशस्ति वशिष्ठ ने भजन प्रस्तुत कर सभी को मुग्ध कर दिया। वहीं कार्यक्रम में बच्चों, महिलाओं व पुरुषों के लिए विभिन्न खेल भी करवाए गए। तन्मय ने ओम नमः शिवाय भजन की प्रस्तुति दी।
विज्ञापन
बच्चों को मोबाइल का कम प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। जबकि सामाजिक कार्यकर्ता ओपी तनेजा विशिष्ठ अतिथि रहे। अध्यक्षता जिला संघ चालक डॉ. रमेश धारीवाल ने की।इस दौरान प्रांत बौद्धिक शिक्षण प्रमुख भूपेश अरोड़ा, विभाग बौद्धिक शिक्षण प्रमुख जसनीश, जिला कार्यवाहक राकेश नंदगढ़, सह जिला कार्यवाह तरुण, जिला प्रचारक योगेश सहित अन्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन
जगाधरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में परिवार मिलन समारोह करवाया गया। जिसमें मुख्य वक्ता विज्ञानानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि आदर्श परिवार व्यवस्था लागू करने के लिए मन, कर्म व वाणी की पवित्रता बनाए रखना जरूरी है। दुनियाभर में भारत की परिवार व्यवस्था को लेकर चर्चा हो रही है।
उन्होंने कहा कि भारत ऐसा देश है, जहां मां परिवार की धूरी माना गया है। मां बच्चों की प्रथम गुरु होती है। बच्चों को संस्कारवान बनाने व बेहतर परवरिश के लिए उन्हें आठ से नौ घंटे का समय देना जरूरी है। चूंकि तीन से 15 साल के बच्चे माता पिता के आचरण को देखकर ही बहुत जल्दी सीखते हैं। उन्होंने कहा कि भोजन से अमृतरस की प्राप्ति होती है, इसलिए महिलाएं भोजन तैयार करते समय आध्यात्मिकता पर ध्यान दें।
विज्ञापन
ओपी तनेजा ने कहा कि परिवार मिलन की शुरुआत घर से होती है। रात का भोजन साथ बैठकर करें। परिवार के सभी लोग प्रतिदिन समय निकालकर इकट्ठे बैठकर बातचीत करें। इससे परिवार अनुशासित होंगे। कार्यक्रम में पांच वर्षीय प्रशस्ति वशिष्ठ ने भजन प्रस्तुत कर सभी को मुग्ध कर दिया। वहीं कार्यक्रम में बच्चों, महिलाओं व पुरुषों के लिए विभिन्न खेल भी करवाए गए। तन्मय ने ओम नमः शिवाय भजन की प्रस्तुति दी।
विज्ञापन
बच्चों को मोबाइल का कम प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। जबकि सामाजिक कार्यकर्ता ओपी तनेजा विशिष्ठ अतिथि रहे। अध्यक्षता जिला संघ चालक डॉ. रमेश धारीवाल ने की।इस दौरान प्रांत बौद्धिक शिक्षण प्रमुख भूपेश अरोड़ा, विभाग बौद्धिक शिक्षण प्रमुख जसनीश, जिला कार्यवाहक राकेश नंदगढ़, सह जिला कार्यवाह तरुण, जिला प्रचारक योगेश सहित अन्य उपस्थित रहे।