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Yamuna Nagar News: स्वच्छता रैंकिंग में निगम को मिला देश मेें 47वां, प्रदेश में 11वां स्थान
Fri, 18 Jul 2025 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 18 Jul 2025 12:44 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 की रैंकिंग में नगर निगम यमुनानगर को देशभर में 47वां स्थान मिला है। 2023 में हुए स्वच्छ सर्वेक्षण के मुकाबले इस बार यमुनानगर ने 174 अंकों की छलांग लगाई है। 47वां स्थान आने के साथ ही नगर निगम यमुनानगर ओडीएफ प्लस-प्लस की श्रेणी में आ गया है। वहीं प्रदेश में 87 शहरों में नगर निगम 11वें स्थान पर आया है।
यह पहली बार है जब स्वच्छ सर्वेक्षण की रिपोर्ट में नगर निगम पहली बार न टॉप 50 में जगह बनाने में कामयाब रहा। तीन लाख से 10 लाख आबादी वाले 101 शहरों में स्वच्छ सर्वेक्षण हुआ था। नगर निगम की ओर से हर माह शहर की साफ सफाई पर औसतन दो करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए नगर निगम की टीम ने बहुत ज्यादा काम किया।
सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने को लेकर हमने नगर निगम क्षेत्र को तीन जोन में बांटा हुआ है। पहले सात वार्ड जोन एक, आठ से 15 वार्ड जोन दो व 16 से 22 वार्ड जोन तीन में शामिल किए गए है। सीएसआई हरजीत सिंह को जोन एक, सीएसआई विनोद बेनीवाल को जोन दो व सीएसआई अनिल नैन को जोन तीन की जिम्मेवारी दी गई है।
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साल 2024 में नगर निगम द्वारा विभिन्न अभियान चलाकर शहर को साफ व सुंदर बनाने का काम किया। शहर के कॉलेज, स्कूल, शिक्षण संस्थानों, बाजारों व सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटक, लघु नाटिका व अन्य माध्यमों के जरिये स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।
रैंकिंग में सुधार के यह रहे प्रमुख कारण : निगम ने सफाई के लिए करीब 550 कर्मचारी लगाए हैं। रोजाना शहरी क्षेत्र से 250 से 300 टन कचरा निकलता है। सभी 22 वार्डों में कचरा घरों से उठाया जा रहा है। कूड़े के नियमित उठान के साथ निपटान का भी प्रबंध किया गया। कैल गांव में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगा है। कूड़े के नियमित उठान के लिए छोटे वाहन खरीदे गए जो तंग गलियों में भी जा सकते हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत शहरवासियों की प्रतिक्रिया के आधार पर नगर निगम ने 2,226 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया था। लोगों को गीला व सूखा कचरा उठाने के लिए प्रेरित किया गया। शहर में 60 से ज्यादा कचरा प्वाइंट खत्म करके मौके पर गमले रखे गए। कचरा उठान व निपटान का टेंडर एक ही एजेंसी के पास था। एजेंसी के कार्य का निरीक्षण करने के दौरान कई कमियां मिली थी जिस पर एजेंसी को डेढ़ करोड़ से ज्यादा की पेनल्टी लगाई गई। इससे एजेंसी के कार्य में सुधार हुआ।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के सेटअप पर बहुत अच्छा काम हुआ। यह स्वच्छ सर्वेक्षण में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। भविष्य में इसमें और अच्छा प्रदर्शन करेंगे। हमारा प्रयास नगर निगम यमुनानगर को नंबर एक पर लाने का होगा। - अखिल पिलानी, आयुक्त नगर निगम।
सफाई व्यवस्था बेहतर करने के लगातार प्रयास हो रहे हैं। घरों से कचरे के उठान से निस्तारण तक की पूरी प्रक्रिया सही तरीके से हो रही है। कचरे के उठान व निस्तारण की समस्या का समाधान हुआ है। लोग भी सहयोग कर रहे है। आगामी वर्षों में हम और भी बेहतर रैंक लाएंगे। - सुमन बहमनी, मेयर यमुनानगर जगाधरी नगर निगम।
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यमुनानगर। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 की रैंकिंग में नगर निगम यमुनानगर को देशभर में 47वां स्थान मिला है। 2023 में हुए स्वच्छ सर्वेक्षण के मुकाबले इस बार यमुनानगर ने 174 अंकों की छलांग लगाई है। 47वां स्थान आने के साथ ही नगर निगम यमुनानगर ओडीएफ प्लस-प्लस की श्रेणी में आ गया है। वहीं प्रदेश में 87 शहरों में नगर निगम 11वें स्थान पर आया है।
यह पहली बार है जब स्वच्छ सर्वेक्षण की रिपोर्ट में नगर निगम पहली बार न टॉप 50 में जगह बनाने में कामयाब रहा। तीन लाख से 10 लाख आबादी वाले 101 शहरों में स्वच्छ सर्वेक्षण हुआ था। नगर निगम की ओर से हर माह शहर की साफ सफाई पर औसतन दो करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए नगर निगम की टीम ने बहुत ज्यादा काम किया।
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सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने को लेकर हमने नगर निगम क्षेत्र को तीन जोन में बांटा हुआ है। पहले सात वार्ड जोन एक, आठ से 15 वार्ड जोन दो व 16 से 22 वार्ड जोन तीन में शामिल किए गए है। सीएसआई हरजीत सिंह को जोन एक, सीएसआई विनोद बेनीवाल को जोन दो व सीएसआई अनिल नैन को जोन तीन की जिम्मेवारी दी गई है।
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साल 2024 में नगर निगम द्वारा विभिन्न अभियान चलाकर शहर को साफ व सुंदर बनाने का काम किया। शहर के कॉलेज, स्कूल, शिक्षण संस्थानों, बाजारों व सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटक, लघु नाटिका व अन्य माध्यमों के जरिये स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।
रैंकिंग में सुधार के यह रहे प्रमुख कारण : निगम ने सफाई के लिए करीब 550 कर्मचारी लगाए हैं। रोजाना शहरी क्षेत्र से 250 से 300 टन कचरा निकलता है। सभी 22 वार्डों में कचरा घरों से उठाया जा रहा है। कूड़े के नियमित उठान के साथ निपटान का भी प्रबंध किया गया। कैल गांव में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगा है। कूड़े के नियमित उठान के लिए छोटे वाहन खरीदे गए जो तंग गलियों में भी जा सकते हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत शहरवासियों की प्रतिक्रिया के आधार पर नगर निगम ने 2,226 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया था। लोगों को गीला व सूखा कचरा उठाने के लिए प्रेरित किया गया। शहर में 60 से ज्यादा कचरा प्वाइंट खत्म करके मौके पर गमले रखे गए। कचरा उठान व निपटान का टेंडर एक ही एजेंसी के पास था। एजेंसी के कार्य का निरीक्षण करने के दौरान कई कमियां मिली थी जिस पर एजेंसी को डेढ़ करोड़ से ज्यादा की पेनल्टी लगाई गई। इससे एजेंसी के कार्य में सुधार हुआ।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के सेटअप पर बहुत अच्छा काम हुआ। यह स्वच्छ सर्वेक्षण में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। भविष्य में इसमें और अच्छा प्रदर्शन करेंगे। हमारा प्रयास नगर निगम यमुनानगर को नंबर एक पर लाने का होगा। - अखिल पिलानी, आयुक्त नगर निगम।
सफाई व्यवस्था बेहतर करने के लगातार प्रयास हो रहे हैं। घरों से कचरे के उठान से निस्तारण तक की पूरी प्रक्रिया सही तरीके से हो रही है। कचरे के उठान व निस्तारण की समस्या का समाधान हुआ है। लोग भी सहयोग कर रहे है। आगामी वर्षों में हम और भी बेहतर रैंक लाएंगे। - सुमन बहमनी, मेयर यमुनानगर जगाधरी नगर निगम।