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Yamuna Nagar News: आईएमए अध्यक्ष को थमा दिया जाली वीजा
Wed, 08 Oct 2025 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 08 Oct 2025 12:43 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। आईएमए के जिलाध्यक्ष व मसीह अस्पताल के संचालक डाॅ. रेजिनाल्ड मसीह के साथ धोखाधड़ी हो गई। वे अपने बेटे बचन मसीह को पढ़ने के लिए फ्रांस भेजना चाहते थे, इसके लिए उन्होंने चंडीगढ़ स्थित वीआईएस ग्लोबल के माध्यम से आवेदन किया। वहां से वीजा व पासपोर्ट मिल गया। दूतावास से वीजा जाली बताया गया। इस मामले में शहर यमुनानगर थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है।
शिकायत में डॉ. मसीह ने बताया कि उनके बेटे बचन मसीह ने इनसेड फ्रांस में कक्षाओं में भाग लेने के लिए छात्र वीजा के लिए आवेदन किया था, जिसका शैक्षणिक सत्र 31 अगस्त से शुरू होने वाला था। कैंपस में एंट्री लेने और एक वर्ष की हॉस्टल फीस भरने के बाद उन्होंने ऑनलाइन वीजा फॉर्म भरा और इंटरव्यू व बायोमैट्रिक्स के लिए चंडीगढ़ वीआईएस ग्लोबल का चयन किया।
वह बेटे के 15 जुलाई को दोपहर 2 बजे चंडीगढ़ स्थित वीआईएस ग्लोबल कार्यालय पहुंचे। कार्यालय के बाहर एक अज्ञात व्यक्ति ने बताया कि आज ऑफिस के रेनोवेशन के कारण सामने वाले ऑफिस में काम किया जा रहा है। उस आफिस में उसके डॉक्यूमेंट वेरिफाई और बायोमेट्रिक की गई, जिसके लिए 8 हजार रुपये नकद जमा कराए। वहीं कूरियर व एसएमएस सेवा के लिए 3 हजार का भुगतान किया।
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तीन सप्ताह बाद कूरियर के माध्यम से वीजा के साथ पासपोर्ट मिला। जब पत्नी डा. सुमन मसीह व अपने पर्यटक वीजा के लिए वीआईएस कार्यालय में आवेदन किया तो वहां पर बताया कि उनके बेटे बचन का छात्र वीजा प्रामाणिक नहीं लगता। उन्होंने पासपोर्ट पर हस्तलिखित तारीखों की ओर इशारा किया। इससे जालसाजी या छेड़छाड़ का संदेह हुआ। जिसके बाद बेटे से बात की तो उसने तुरंत फ्रांसीसी दूतावास से ईमेल के माध्यम से अपने वीजा की प्रमाणिकता सत्यापित करने के लिए संपर्क किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
बाद में हमारे पर्यटक वीजा आवेदनों के प्रसंस्करण के दौरान एक दूतावास अधिकारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि बचन मसीह का वीजा जाली प्रतीत होता है। इसके लिए फिर से आवेदन करने की सलाह दी। इसके बाद कैंपस फ्रांस के माध्यम से प्रक्रिया शुरू की लेकिन समय की कमी के कारण बेटे का शैक्षणिक वर्ष बर्बाद हो गया। डॉ. मसीह का कहना है इसमें एक संभावित घोटाला और जालसाजी शामिल है, जिससे बेटे की शिक्षा प्रभावित हुई है।
डॉक्टर की शिकायत पर मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। मामले में जांच चल रही है। जांच में जो कुछ सामने आएगा, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -नरेंद्र राणा, एसएचओ, थाना शहर यमुनानगर।
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यमुनानगर। आईएमए के जिलाध्यक्ष व मसीह अस्पताल के संचालक डाॅ. रेजिनाल्ड मसीह के साथ धोखाधड़ी हो गई। वे अपने बेटे बचन मसीह को पढ़ने के लिए फ्रांस भेजना चाहते थे, इसके लिए उन्होंने चंडीगढ़ स्थित वीआईएस ग्लोबल के माध्यम से आवेदन किया। वहां से वीजा व पासपोर्ट मिल गया। दूतावास से वीजा जाली बताया गया। इस मामले में शहर यमुनानगर थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है।
शिकायत में डॉ. मसीह ने बताया कि उनके बेटे बचन मसीह ने इनसेड फ्रांस में कक्षाओं में भाग लेने के लिए छात्र वीजा के लिए आवेदन किया था, जिसका शैक्षणिक सत्र 31 अगस्त से शुरू होने वाला था। कैंपस में एंट्री लेने और एक वर्ष की हॉस्टल फीस भरने के बाद उन्होंने ऑनलाइन वीजा फॉर्म भरा और इंटरव्यू व बायोमैट्रिक्स के लिए चंडीगढ़ वीआईएस ग्लोबल का चयन किया।
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वह बेटे के 15 जुलाई को दोपहर 2 बजे चंडीगढ़ स्थित वीआईएस ग्लोबल कार्यालय पहुंचे। कार्यालय के बाहर एक अज्ञात व्यक्ति ने बताया कि आज ऑफिस के रेनोवेशन के कारण सामने वाले ऑफिस में काम किया जा रहा है। उस आफिस में उसके डॉक्यूमेंट वेरिफाई और बायोमेट्रिक की गई, जिसके लिए 8 हजार रुपये नकद जमा कराए। वहीं कूरियर व एसएमएस सेवा के लिए 3 हजार का भुगतान किया।
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तीन सप्ताह बाद कूरियर के माध्यम से वीजा के साथ पासपोर्ट मिला। जब पत्नी डा. सुमन मसीह व अपने पर्यटक वीजा के लिए वीआईएस कार्यालय में आवेदन किया तो वहां पर बताया कि उनके बेटे बचन का छात्र वीजा प्रामाणिक नहीं लगता। उन्होंने पासपोर्ट पर हस्तलिखित तारीखों की ओर इशारा किया। इससे जालसाजी या छेड़छाड़ का संदेह हुआ। जिसके बाद बेटे से बात की तो उसने तुरंत फ्रांसीसी दूतावास से ईमेल के माध्यम से अपने वीजा की प्रमाणिकता सत्यापित करने के लिए संपर्क किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
बाद में हमारे पर्यटक वीजा आवेदनों के प्रसंस्करण के दौरान एक दूतावास अधिकारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि बचन मसीह का वीजा जाली प्रतीत होता है। इसके लिए फिर से आवेदन करने की सलाह दी। इसके बाद कैंपस फ्रांस के माध्यम से प्रक्रिया शुरू की लेकिन समय की कमी के कारण बेटे का शैक्षणिक वर्ष बर्बाद हो गया। डॉ. मसीह का कहना है इसमें एक संभावित घोटाला और जालसाजी शामिल है, जिससे बेटे की शिक्षा प्रभावित हुई है।
डॉक्टर की शिकायत पर मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। मामले में जांच चल रही है। जांच में जो कुछ सामने आएगा, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -नरेंद्र राणा, एसएचओ, थाना शहर यमुनानगर।