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Yamuna Nagar News: पाबंदी के बाद भी शहर से निकल रहे भारी वाहन
Thu, 19 Jun 2025 03:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 19 Jun 2025 03:13 AM IST
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यमुनानगर। दो माह पहले 17 अप्रैल को बाईपास चौक पर तीन साल के बच्चे रॉय की मौत के बाद पुलिस अधीक्षक ने भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया था। उसमें यह दावा किया गया कि कोई भी भारी वाहन सुबह छह बजे से लेकर रात के नौ बजे तक शहर के अंदर से गुजरा तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रतिबंध लगाने के बाद आज तक उनके आदेश का पालन नहीं किया गया है। शहर में लगाए गए पुलिस नाकों के पास से 18 टायर वाले ट्रक-ट्राले, डंपर व कैंटर निकल रहे हैं पर पुलिस उन्हें रोक नहीं रही। यदि पुलिस सख्ती से इन भारी वाहनों पर कार्रवाई करती तो मंगलवार रात कैंटर के कुचलने से चनेटी रोड पर रहने वाले बिहार के समस्तीपुर जिला के मिल्की गांव निवासी नरेश साहनी की जान नहीं जाती।
पूर्व में एसपी रहे राजीव देसवाल ने 17 अप्रैल को बाइपास चौक पर तीन साल के बच्चे रॉय की मौत के बाद सुबह छह से रात नौ बजे तक शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था। ताकि भविष्य में कभी किसी के साथ कोई हादसा न हो। लेकिन फिर भी शहर के बीच सड़कों पर भारी वाहन दौड़ते नजर आए। रोजाना बूड़िया चौक, अग्रसेन चौक चौक से बिना रोकटोक भारी वाहन निकलते है। हालांकि शहर के हर चौक पर पुलिस व होमगार्ड जवान तैनात है। फिर भी भारी वाहन यहां से निकलते है। जबकि शहर के बीच से भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगाकर अंबाला या फिर सहारनपुर-पंचकूला नेशनल हाईवे-344 से वाहन निकलने की अनुमति दी गई थी।
मंगलवार शाम को हादसा बूड़िया चौक के पास हुआ। जिसमें कैंटर सामान लेकर घर लौट रहे नरेश को कुचलता हुआ बूड़िया की तरफ फरार हो गया। कैंटर के टायर नरेश के पेट के निचले हिस्से से होकर निकले। जिससे उसकी टांगे व अन्य शरीर सड़क पर चिपक गया। हालांकि नरेश तब तक जिंदा था। उसने उठने का प्रयास किया, लेकिन सड़क पर चिपकने के कारण वह नहीं उठ पाया। राहगीरों की मदद से उसे उठाकर अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। संवाद
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हाल ही में हुए डंपरों से हुए हादसे -
- 16 अप्रैल को डंपर की वजह से व्यासपुर के संधाय गांव में में दो महिलाओं की मौत।
- 16 अप्रैल को ही साढौरा के सरांवा में 12 वर्षीय किशोरी की मौत।
- 17 अप्रैल को बाईपास पर तीन साल के बच्चे रॉय की मौत।
- 18 अप्रैल को जगाधरी-बिलासपुर स्टेट हाईवे पर महमूदपुर गांव में डंपर से बाइक सवार युवक की मौत हो चुकी है।
- 20 अप्रैल को को साढौरा में आईटीआई छात्र डंपर की टक्कर से घायल हो गया।
- 29 अप्रैल को साढौरा-कालाअंब रोड पर असगरपुर गांव के डंपर की टक्कर से कार सवार हिमाचल प्रदेश के तीन युवकों की मौत।
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ग्रामीण क्षेत्र से भी निकल रहे डंपर:
शहर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्र से भी 24 घंटे डंपर व ट्रक ट्राले बड़ी संख्या में गुजर रहे हैं। व्यासपुर में डंपरों की लाइन लगी हुई है। मिट्टी, रेत से भरे ट्रक लेकर डंपर लाइनों में निकल रहे हैं। इन डंपरों की वजह से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। कई बार इन डंपरों की कस्बा में एंट्री बंद करने की मांग की जा चुकी है, लेकिन कोई इन्हें रोकने वाला नहीं है। इसी तरह छछरौली, जठलाना व साढौरा क्षेत्र से भी डंपर निकल रहे हैं।
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हाईवे से निकलें भारी वाहन चालक: एसपी
एसपी सुरेंद्र भौरिया ने प्रवक्ता के माध्यम से बताया कि शहर में भारी वाहनों के निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सभी लोगों को पता चल सके इसके लिए शहर में होर्डिंग लगाए गए हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वह यातायात नियमों का पालन करें। जो डंपर व ट्रक चलाते हैं उन्हें भी निर्देश दिया जाता है वह आने जाने के लिए हाईवे का इस्तेमाल करें।
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पूर्व में एसपी रहे राजीव देसवाल ने 17 अप्रैल को बाइपास चौक पर तीन साल के बच्चे रॉय की मौत के बाद सुबह छह से रात नौ बजे तक शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था। ताकि भविष्य में कभी किसी के साथ कोई हादसा न हो। लेकिन फिर भी शहर के बीच सड़कों पर भारी वाहन दौड़ते नजर आए। रोजाना बूड़िया चौक, अग्रसेन चौक चौक से बिना रोकटोक भारी वाहन निकलते है। हालांकि शहर के हर चौक पर पुलिस व होमगार्ड जवान तैनात है। फिर भी भारी वाहन यहां से निकलते है। जबकि शहर के बीच से भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगाकर अंबाला या फिर सहारनपुर-पंचकूला नेशनल हाईवे-344 से वाहन निकलने की अनुमति दी गई थी।
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मंगलवार शाम को हादसा बूड़िया चौक के पास हुआ। जिसमें कैंटर सामान लेकर घर लौट रहे नरेश को कुचलता हुआ बूड़िया की तरफ फरार हो गया। कैंटर के टायर नरेश के पेट के निचले हिस्से से होकर निकले। जिससे उसकी टांगे व अन्य शरीर सड़क पर चिपक गया। हालांकि नरेश तब तक जिंदा था। उसने उठने का प्रयास किया, लेकिन सड़क पर चिपकने के कारण वह नहीं उठ पाया। राहगीरों की मदद से उसे उठाकर अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। संवाद
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हाल ही में हुए डंपरों से हुए हादसे -
- 16 अप्रैल को डंपर की वजह से व्यासपुर के संधाय गांव में में दो महिलाओं की मौत।
- 16 अप्रैल को ही साढौरा के सरांवा में 12 वर्षीय किशोरी की मौत।
- 17 अप्रैल को बाईपास पर तीन साल के बच्चे रॉय की मौत।
- 18 अप्रैल को जगाधरी-बिलासपुर स्टेट हाईवे पर महमूदपुर गांव में डंपर से बाइक सवार युवक की मौत हो चुकी है।
- 20 अप्रैल को को साढौरा में आईटीआई छात्र डंपर की टक्कर से घायल हो गया।
- 29 अप्रैल को साढौरा-कालाअंब रोड पर असगरपुर गांव के डंपर की टक्कर से कार सवार हिमाचल प्रदेश के तीन युवकों की मौत।
ग्रामीण क्षेत्र से भी निकल रहे डंपर:
शहर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्र से भी 24 घंटे डंपर व ट्रक ट्राले बड़ी संख्या में गुजर रहे हैं। व्यासपुर में डंपरों की लाइन लगी हुई है। मिट्टी, रेत से भरे ट्रक लेकर डंपर लाइनों में निकल रहे हैं। इन डंपरों की वजह से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। कई बार इन डंपरों की कस्बा में एंट्री बंद करने की मांग की जा चुकी है, लेकिन कोई इन्हें रोकने वाला नहीं है। इसी तरह छछरौली, जठलाना व साढौरा क्षेत्र से भी डंपर निकल रहे हैं।
हाईवे से निकलें भारी वाहन चालक: एसपी
एसपी सुरेंद्र भौरिया ने प्रवक्ता के माध्यम से बताया कि शहर में भारी वाहनों के निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सभी लोगों को पता चल सके इसके लिए शहर में होर्डिंग लगाए गए हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वह यातायात नियमों का पालन करें। जो डंपर व ट्रक चलाते हैं उन्हें भी निर्देश दिया जाता है वह आने जाने के लिए हाईवे का इस्तेमाल करें।