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बारिश में मकान की छत गिरने से दो मासूमों की मौत
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गांव सारण में गिरी मकान की छत।
- फोटो : YAMUNA NAGAR
जिले में चार दिन से चल रही भारी बारिश के दौरान रविवार देर रात को सारण गांव में एक मकान की छत गिर गई। छत गिरने का तेज धमाका सुनकर पड़ोसी वहां पहुंचे और मलबे को हटाकर परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला। हादसे में दो बच्चों की मौत हो गई है। जबकि पति-पत्नी और एक बच्चा सकुशल है। हादसा उस वक्त हुआ, जब पूरा परिवार गहरी नींद में सोया हुआ था।
गांव सारण निवासी राजेश कुमार लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। वह न तो चल फिर सकता है और न ही उसे दिखाई देता है। रविवार रात को खाना खाकर वह अपनी पत्नी डिंपल व तीन बच्चों के साथ सो रहा था। देर रात धड़ाम के साथ कमरे की छत गिर गई और वे सभी मलबे में दब गए। धमाके की आवाज सुनकर पड़ोसी उनके घर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला। राजेश, उसकी पत्नी और तीन वर्षीय बेटा करण सकुशल निकाल लिए गए। लेकिन गौरव व सौरभ के ऊपर काफी मलबा गिर गया था। उनको काफी चोट लगी थी। उन्हें बेहोशी की हालत में मुलाना के अस्पताल में ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान दोनों बच्चों ने दम तोड़ दिया। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और ग्रामीणों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
सरपंच कोमल रानी का कहना है कि राजेश को 100 गज का प्लॉट दिया गया था और हाल ही में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान भी बनवा दिया गया था। एक-दो दिन में उसे नए मकान में शिफ्ट होना था, लेकिन उससे पहले ही हादसा हो गया। इसके अलावा पीड़ित परिवार की जो भी मदद होगी, वह भी की जाएगी। वहीं घटना के बाद गांव में प्रशासन के किसी अधिकारी के न पहुंचने से ग्रामीणों में रोष बना हुआ है। हालांकि सोमवार शाम को बच्चों के दाह संस्कार के वक्त नायब तहसीलदार रविंद्र शर्मा पहुंचे और उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।
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दोनों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों के हवाले कर दिया गया है।
ललित कुमार, प्रभारी, थाना छप्पर
रात के वक्त ये दर्दनाक हादसा हुआ है। घटना की रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी। सरकार द्वारा पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी।
- रविंद्र शर्मा, नायब तहसीलदार
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गांव सारण निवासी राजेश कुमार लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। वह न तो चल फिर सकता है और न ही उसे दिखाई देता है। रविवार रात को खाना खाकर वह अपनी पत्नी डिंपल व तीन बच्चों के साथ सो रहा था। देर रात धड़ाम के साथ कमरे की छत गिर गई और वे सभी मलबे में दब गए। धमाके की आवाज सुनकर पड़ोसी उनके घर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला। राजेश, उसकी पत्नी और तीन वर्षीय बेटा करण सकुशल निकाल लिए गए। लेकिन गौरव व सौरभ के ऊपर काफी मलबा गिर गया था। उनको काफी चोट लगी थी। उन्हें बेहोशी की हालत में मुलाना के अस्पताल में ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान दोनों बच्चों ने दम तोड़ दिया। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और ग्रामीणों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
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सरपंच कोमल रानी का कहना है कि राजेश को 100 गज का प्लॉट दिया गया था और हाल ही में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान भी बनवा दिया गया था। एक-दो दिन में उसे नए मकान में शिफ्ट होना था, लेकिन उससे पहले ही हादसा हो गया। इसके अलावा पीड़ित परिवार की जो भी मदद होगी, वह भी की जाएगी। वहीं घटना के बाद गांव में प्रशासन के किसी अधिकारी के न पहुंचने से ग्रामीणों में रोष बना हुआ है। हालांकि सोमवार शाम को बच्चों के दाह संस्कार के वक्त नायब तहसीलदार रविंद्र शर्मा पहुंचे और उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।
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दोनों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों के हवाले कर दिया गया है।
ललित कुमार, प्रभारी, थाना छप्पर
रात के वक्त ये दर्दनाक हादसा हुआ है। घटना की रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी। सरकार द्वारा पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी।
- रविंद्र शर्मा, नायब तहसीलदार

मृतक मनप्रीत का फाइल फोटो।- फोटो : YAMUNA NAGAR

मृतक रजत का फाइल फोटो।- फोटो : YAMUNA NAGAR